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एयरफोर्स की सख्ती- तेंदुए के अलावा कुछ रिकॉर्ड नहीं कर सकती वन विभाग की टीम
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- फोटो : demo photo
परिसर में लगे सेंसर कैमरों को पहले एयरफोर्स अफसर करेंगे चेक, फुटेज से तेंदुए के अलावा सब कुछ डिलीट करना पड़ेगा
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बरेली। छह दिनों से त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन में छिपे तेंदुए का पता न लगने से वन विभाग और एयरफोर्स के अफसर परेशान हैं। उधर, अब एयरफोर्स स्टेशन में सख्ती और बढ़ा दी गई है। अलग-अलग जगह लगे सेंसर कैमरे में एयरफोर्स की कोई गतिविधि तो रिकॉर्ड नहीं हो रही, इस आशंका को लेकर भी एयरफोर्स अफसर चिंतित हैं। उन्होंने वन विभाग के अफसरों से साफ कर दिया है कि सेंसर कैमरों को पहले वे चेक करेंगे, उसके बाद उनकी टीम उसकी फुटेज देख पाएगी।
तेंदुए को पकड़ने के लिए छह दिनों से एयरफोर्स स्टेशन में वन विभाग की टीम और वायुसेना के सुरक्षाकर्मी निगरानी कर रहे हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से तेंदुए का पता लगाने के लिए सेंसरयुक्त कैमरे भी मंगाए गए हैं। इन्हें अलग-अलग ऐसे एंगल पर लगाया गया है जहां से एयरफोर्स स्टेशन की कोई गतिविधि रिकॉर्ड न हो सके। फिर भी एयरफोर्स स्टेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए कहीं चूक से कोई गतिविधि रिकॉर्ड न हो जाए या उसकी फुटेज लीक न हो जाए, इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक वन विभाग ने ऐसी किसी भी संभावना को देखते हुए खुद ही एयरबेस के सिक्योरिटी इंजार्च से बात कर पहले उन्हें वीडियो देखने का सुझाव दिया है। वीडियो में अगर तेंदुआ दिखा तो सिर्फ उतनी फुटेज क्रॉप कर बाकी रिकॉर्डिंग अपनी निगरानी में डिलीट कराने पर सहमति जता दी है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए छह दिनों से एयरफोर्स स्टेशन में वन विभाग की टीम और वायुसेना के सुरक्षाकर्मी निगरानी कर रहे हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से तेंदुए का पता लगाने के लिए सेंसरयुक्त कैमरे भी मंगाए गए हैं। इन्हें अलग-अलग ऐसे एंगल पर लगाया गया है जहां से एयरफोर्स स्टेशन की कोई गतिविधि रिकॉर्ड न हो सके। फिर भी एयरफोर्स स्टेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए कहीं चूक से कोई गतिविधि रिकॉर्ड न हो जाए या उसकी फुटेज लीक न हो जाए, इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक वन विभाग ने ऐसी किसी भी संभावना को देखते हुए खुद ही एयरबेस के सिक्योरिटी इंजार्च से बात कर पहले उन्हें वीडियो देखने का सुझाव दिया है। वीडियो में अगर तेंदुआ दिखा तो सिर्फ उतनी फुटेज क्रॉप कर बाकी रिकॉर्डिंग अपनी निगरानी में डिलीट कराने पर सहमति जता दी है।
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छठे दिन भी नहीं दिखाई दिया तेंदुआ
वन विभाग के अफसरों के मुताबिक छठे दिन भी तेंदुआ किसी भी सेंसर कैमरे या एयरबेस में लगे सीसीटीवी कैमरों में नजर नहीं आया है। पीटीआर के विशेषज्ञों से भी इस संबंध में बातचीत की गई है, हालांकि कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। डीएफओ भरत लाल के मुताबिक एयरबेस परिसर कई वर्ग किलोमीटर में फैला है। संभव है कि तेंदुआ छोटे जानवरों का शिकार कर रहा हो और इसी वजह से झाड़ियों से निकलकर मैदान में न आ रहा हो। टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। उधर, एयरफोर्स के अफसरों ने सुरक्षा कारणों का जिक्र करते हुए इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
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