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सर्प और मछली स्नान के बाद होगा छठ पूजा का स्नान!
बरेली।
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:20 AM IST
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पूजा के िललिए तैयार घ्ााट
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छठ पूजा पर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देेने के लिए महिलाएं 26 अक्तूबर को घाटाें पर पहुंचेंगी, लेकिन शहर के घाट इसके लिए तैयार नहीं हैं। रामगंगा नदी का जल तो पहले से ही अशुद्ध है। शहर में धोपेश्वरनाथ मंदिर का घाट और देवरनियां नदी की हालत भी ठीक नहीं है। धोपेश्वरनाथ सरोवर में तो सांप और मछली तैरते देखे गए हैं।
धोपेश्वरनाथ मंदिर का घाट गंदगी से पटा है। इसकी सफाई नहीं की गई है और पानी भी कम है। मंदिर समिति की ओर से भी छठ पर्व को लेकर यहां कोई तैयारी नहीं कराई गई है। पानी में ऊपर काई जमी हुई है। सीढ़ियों की भी सफाई नहीं की गई है। मंगलवार को यहां पानी में सांप तैरते मिले। आसपास खड़े लोगों ने भी बताया कि यहां मछलियों के अलावा सांप भी दिख जाते हैं। पानी देखकर लग रहा था कि इसे वर्षोें से नहीं बदला गया है। समिति के लोग न होने के चलते उनसे बातचीत नहीं हो सकी। इसी तरह देवरनियां नदी जाने के लिए खेतों के बीच से होकर जाना पड़ेगा। हाल ही में धान की फसल कटी है, इसलिए श्रद्धालु नंगे पैर न जाएं तो अच्छा होगा। नदी के पास स्थानीय लोगों ने सीढ़ीनुमा घाट बनाए हैं। कुछ बच्चे यहां मछली पकड़ रहे थे।
धोपेश्वरनाथ मंदिर का घाट गंदगी से पटा है। इसकी सफाई नहीं की गई है और पानी भी कम है। मंदिर समिति की ओर से भी छठ पर्व को लेकर यहां कोई तैयारी नहीं कराई गई है। पानी में ऊपर काई जमी हुई है। सीढ़ियों की भी सफाई नहीं की गई है। मंगलवार को यहां पानी में सांप तैरते मिले। आसपास खड़े लोगों ने भी बताया कि यहां मछलियों के अलावा सांप भी दिख जाते हैं। पानी देखकर लग रहा था कि इसे वर्षोें से नहीं बदला गया है। समिति के लोग न होने के चलते उनसे बातचीत नहीं हो सकी। इसी तरह देवरनियां नदी जाने के लिए खेतों के बीच से होकर जाना पड़ेगा। हाल ही में धान की फसल कटी है, इसलिए श्रद्धालु नंगे पैर न जाएं तो अच्छा होगा। नदी के पास स्थानीय लोगों ने सीढ़ीनुमा घाट बनाए हैं। कुछ बच्चे यहां मछली पकड़ रहे थे।
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