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Bareilly News: बोर्ड परीक्षा के बाद अब मूल्यांकन की चुनौती, कॉपियों की जांच और ऑनलाइन अंक फीडिंग का दबाव
Sat, 14 Mar 2026 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:53 AM IST
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बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं संपन्न होने के साथ ही अब जिले में कॉपियों के मूल्यांकन की कवायद तेज हो गई है। इस वर्ष जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की लगभग छह लाख कॉपियां जांचने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने पूरी रणनीति तैयार कर ली है।
इस बार विभाग ने एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत शिक्षकों को कॉपियां जांचने के बाद मूल्यांकन केंद्रों से ही परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर अंक अपलोड करने होंगे, लेकिन धरातल पर संसाधनों की कमी ने शिक्षकों और केंद्र व्यवस्थापकों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं जिले में मूल्यांकन के लिए करीब 2,400 शिक्षकों की तैनाती की जानी हैं। जिले में मूल्यांकन के लिए चार प्रमुख केंद्र जीआईसी, जीजीआईसी, एसबी इंटर कॉलेज और एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज निर्धारित किए गए हैं। इन चारों केंद्रों पर कंप्यूटर ऑपरेटरों की कमी है। शिक्षकों का कहना है कि बिना तकनीकी सहायक और ऑपरेटरों के कॉपियां जांचने के साथ-साथ अंकों को ऑनलाइन फीड करना जटिल कार्य होगा। 18 मार्च से शुरू होकर एक अप्रैल तक चलने वाले इस मूल्यांकन सत्र में समय का अभाव शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
एसबी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की 1,80,000 और जीजीआईसी में लगभग 1,50,000 कॉपियां जांची जानी हैं, जबकि इंटरमीडिएट की कॉपियों का जिम्मा एफआर इस्लामिया और जीआईसी को सौंपा गया है। दोनों ही केंद्रों पर इंटरमीडिएट की 1,50,000 कॉपियां जांची जानी हैं। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी।
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वर्जन
पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर इस बार साइट पर अंक अपलोड करने का काम किया जाना है। विभाग की ओर से दिए गए सभी निर्देशों का पालन किया जाना है इसके लिए सभी केेंद्रों के उप नियंत्रकों के साथ बैठक की गई है। केंद्रों पर कंप्यूटर ऑपरेटर है और मूल्यांकन का काम कमजोर न हो इसके लिए सभी को इस कार्य में सहयोग के लिए शिक्षकों की सूची बनाने के निर्देश दे दिए हैं। - डॉ. अजीत कुमार, डीआईओएस
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इस बार विभाग ने एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत शिक्षकों को कॉपियां जांचने के बाद मूल्यांकन केंद्रों से ही परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर अंक अपलोड करने होंगे, लेकिन धरातल पर संसाधनों की कमी ने शिक्षकों और केंद्र व्यवस्थापकों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं जिले में मूल्यांकन के लिए करीब 2,400 शिक्षकों की तैनाती की जानी हैं। जिले में मूल्यांकन के लिए चार प्रमुख केंद्र जीआईसी, जीजीआईसी, एसबी इंटर कॉलेज और एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज निर्धारित किए गए हैं। इन चारों केंद्रों पर कंप्यूटर ऑपरेटरों की कमी है। शिक्षकों का कहना है कि बिना तकनीकी सहायक और ऑपरेटरों के कॉपियां जांचने के साथ-साथ अंकों को ऑनलाइन फीड करना जटिल कार्य होगा। 18 मार्च से शुरू होकर एक अप्रैल तक चलने वाले इस मूल्यांकन सत्र में समय का अभाव शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
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एसबी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की 1,80,000 और जीजीआईसी में लगभग 1,50,000 कॉपियां जांची जानी हैं, जबकि इंटरमीडिएट की कॉपियों का जिम्मा एफआर इस्लामिया और जीआईसी को सौंपा गया है। दोनों ही केंद्रों पर इंटरमीडिएट की 1,50,000 कॉपियां जांची जानी हैं। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी।
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पायलट प्रोजेक्ट की तर्ज पर इस बार साइट पर अंक अपलोड करने का काम किया जाना है। विभाग की ओर से दिए गए सभी निर्देशों का पालन किया जाना है इसके लिए सभी केेंद्रों के उप नियंत्रकों के साथ बैठक की गई है। केंद्रों पर कंप्यूटर ऑपरेटर है और मूल्यांकन का काम कमजोर न हो इसके लिए सभी को इस कार्य में सहयोग के लिए शिक्षकों की सूची बनाने के निर्देश दे दिए हैं। - डॉ. अजीत कुमार, डीआईओएस