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कोविड का खतरा बताकर परिजनों को घर भेजा फिर लावारिस में चढ़ा दिया खोखे वाले का शव

Thu, 23 Jul 2020 01:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 01:28 AM IST
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After sending Kovid a threat, they sent the family home and then burnt the body of the kiosk in the abandoned
demo photo - फोटो : demo photo

पेट दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था रिटायर्ड रेल कर्मी का बेटा
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पत्नी ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर की शिकायत, डाक्टर की लापरवाही से मौत का आरोप

बरेली। पेट दर्द की शिकायत पर 19 जून को जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए एक खोखा संचालक राजेंद्र प्रसाद की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उसके शव को लावारिस में दर्ज करके मोर्चरी में रखवा दिया। परिजनों का आरोप है कि वह तीमारदारी के लिए अस्पताल में रुके थे लेकिन कोविड का खतरा बताकर डाक्टरों ने रात को उन्हें घर भेज दिया। सुबह अस्पताल पहुंचे तो बेड से खोखा संचालक गायब था। पूछने पर अस्पताल स्टाफ कोई जवाब नहीं दे सका। एसएसपी आफिस शिकायत लेकर पहुंची राजेंद्र की पत्नी का आरोप है कि काफी खोजबीन के बाद पता चला कि उनके पति की मौत हो गई है और शव को लावारिस में दर्ज करके मोर्चरी में रखवा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति की मौत डाक्टरों की लापरवाही की वजह से हुई है।

कोतवाली क्षेत्र में रेलवे जंक्शन के पास बनी रेलवे कॉलोनी में रहने वाले राजेंद्र प्रसाद के पिता सेवानिवृत्त रेल कर्मी हैं। राजेंद्र खुद एक खोखा लगाते थे। उनकी पत्नी परवेश कुमारी ने बताया कि 19 जून की दोपहर पेट में दर्द होने की शिकायत पर देवर ने उनके पति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। थोड़ी देर वह अपने देवर के साथ ही पति के पास अस्पताल में रहीं। लेकिन रात को अस्पताल स्टाफ को डाक्टर ने कोविड का खतरा बताकर उन्हें अस्पताल से बाहर जाने को कहा। परवेश कुमारी के मुताबिक काफी मान मनौव्वल के बाद भी डाक्टर ने एक भी तीमारदार को अस्पताल में नहीं रुकने दिया। कहा कि सुबह आकर अपने मरीज से मिल सकते हैं। लेकिन सुबह सात बजे परवेश अपने देवर के साथ अस्पताल पहुंचीं तो उनके पति राजेंद्र जिस बेड पर भर्ती थे वह खाली था। पति को नहीं देख उन्होंने अस्पताल स्टाफ से पूछा। लेकिन ड्यूटी बदल जाने की बात कहकर सभी ने जानकारी होने से इंकार कर दिया। बाद में पता चला कि राजेंद्र का शव बाहर वार्ड के बाहर स्ट्रेचर पर पड़ा था। जिला अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी रिकार्ड में लावारिस में दाखिल करा रखा था। इसके बाद पोस्टमार्टम के बाद ही उन्हें शव मिल सका। परवेश कुमारी का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से उनके पति की मौत हुई है। नाम पता दर्ज कराने के बावजूद मौत होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने पति का शव लावारिस में दाखिल करा दिया। महिला का आरोप है कि इसकी शिकायत करने वह सीएमओ कार्यालय पहुंचीं तो वहां से उन्हें भगा दिया गया। अब पति के डेथ सर्टिफिकेट के लिए भी उन्हें चक्कर लगवाए जा रहे हैं। परेशान होकर पीड़ित परिवार ने बुधवार को एसएसपी से मामले की शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की है।
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