फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   After 70 years, the Cantt Board freed the encroachment of land worth 27 crores

Bareilly News: 70 साल बाद कैंट बोर्ड ने कब्जा मुक्त कराई 27 करोड़ की भूमि

Wed, 17 May 2023 01:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 May 2023 01:23 AM IST
विज्ञापन
After 70 years, the Cantt Board freed the encroachment of land worth 27 crores
बरेली। कैंट बोर्ड ने मंगलवार को सात दशक से दूसरों के कब्जे में रही 11.9152 एकड़ रक्षा भूमि को कब्जामुक्त कराया। बाद में इस जमीन का सीमांकन भी किया गया। इस जमीन की कीमत 27 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विज्ञापन

कैंट बोर्ड के मुताबिक इस जमीन पर वर्ष 1963 से ठिरिया निजावत खां के अली खां का कब्जा था। उनकी मौत के बाद उनके बेटे किस्मत अली खां, हिकमत अली खां ने भूमि पर कब्जा बरकरार रखा। मामला संज्ञान में आने पर वर्ष 1990 में भूमि को कब्जामुक्त कराने की कवायद शुरू हुई। 16 साल तक चले मामले के बाद वर्ष 2014 में बेदखली आदेश जारी हुआ था। इसके बाद कब्जेदार कोर्ट पहुंचे और उन्हें नवंबर 2014 में स्टे मिल गया था। कैंट बोर्ड ने प्रयास जारी रखा और 20 अप्रैल को स्टे ऑर्डर को निरस्त कराकर बेदखली आदेश पुनः प्रभावी कर दिया था। कैंट बोर्ड के विधिक सलाहकार एडवोकेट ठाकुर दास से राय लेकर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
विज्ञापन


दोपहर में पहुंची टीम
बेदखली आदेश के अनुपालन में मंगलवार को अतिक्रमण हटाओ टीम मौके पर पहुंची। रक्षा भूमि सर्वे संख्या 322 तथा 326/2 से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई सीईओ विवेक सिंह के निर्देशन में हुई। कैंट बोर्ड के भूमि लिपिक अशरफ अली खां, जेई मनोज यादव, राजस्व निरीक्षक विकास गुप्ता, सफाई निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी, सफाई अधीक्षक दीप कुमार सक्सेना, सूर्य कुमार यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed