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4 साल बाद ग्राहकों के लिए फिर भारी छूट की बहार.. कंपनियों में हाहाकार
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- फोटो : amarujala
नौ सौ कारों और छह हजार से ज्यादा स्कूटी-बाइक का स्टॉक है शहर के शोरूम पर
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बरेली। बीएस- 3 मॉडल की गाड़ियों को खारिज करके मार्च 2016 में बीएस- 4 मॉडल की गाड़ियां मार्केट में उतारी गई थीं, अब चार साल बाद ऑटोमोबाइल मार्केट में फिर उसी तरह की हलचल के दौर से गुजर रहा है। ऑटोमोबाइल कंपनियों में जहां बीएस- 4 मॉडल की गाड़ियों का स्टॉक क्लियर करने की होड़ शुरू हो गई है। एक अनुमान के मुताबिक बरेली शहर में ऑटोमोबाइल कंपनियों के तमाम शोरूम फिलहाल करीब नौ सौ से ज्यादा बीएस- 4 मॉडल की कारों और छह हजार से ज्यादा स्कूटी और बाइक मौजूद हैं। कंपनियों के आगे बमुश्किल महीने भर के अंदर इस स्टॉक को क्लियर करने की चुनौती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह साफ होते ही कि बीएस- 4 का दौर 31 मार्च को ही खत्म होगा, ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बीएस-4 मॉडल की गाड़ियों का स्टॉक क्लियर करने के लिए उन पर 50 हजार से तीन लाख रुपये तक की छूट की घोषणाएं शुरू कर दी हैं। बाइक और स्कूटी पर 10 से 15 हजार रुपये तक की छूट दी जा रही है। ऑटोमोबाइल कंपनियों में यह हलचल हालांकि पहले से थी लेकिन शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद अफरातफरी जैसे हालात पैदा हो गए। ऑटोमोबाइल कारोबारी अब अपने पास मौजूद स्टॉक को देखते हुए उसे समय रहते क्लियर करने की योजनाएं तैयार करने लगे हैं।
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दरअसल कारोबारियों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही बीएस- 4 मॉडल की गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की समय सीमा 31 मार्च निर्धारित की है लेकिन खरीददारों के लिए कम से कम दो हफ्तों के समय की दरकार उनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए भी होगी, लिहाजा उन्हें अपना स्टॉक 15 मार्च से पहले ही क्लियर करना होगा जो काफी मुश्किल काम है। साथ में यह खतरा भी है कि बीएस- 4 मॉडल की गाड़ी 31 मार्च तक रजिस्टर्ड न होने पर अवैध हो जाएगी। हालांकि इसी बीच सहालग का सीजन ऑटोमोबाइल कारोबारियों की उम्मीदें भी जगा रहा है। उन्होंने बताया कि कारों पर 50 हजार से तीन लाख तक और दोपहिया वाहनों पर 10-15 हजार रुपये की छूट देने की तैयारी है। ऑटोमोबाइल कारोबारियों के मुताबिक शहर के विभिन्न शोरूम पर फिलहाल एक अनुमान के मुताबिक नौ सौ से ज्यादा कारों और छह हजार से ज्यादा दोपहिया वाहनों का स्टाक है।
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रिफाइनरी और डिपो से बीएस-6 ईंधन सप्लाई शुरू करा दी गई है। दरअसल पेट्रोलियम मंत्रालय काफी दिनों से बीएस-6 ईंधन के उत्पादन और सप्लाई के लिए दबाव बनाए हुए था। अब पेट्रोल पंपों पर भी इसकी सप्लाई शुरू हो गई है। तकनीकी परीक्षण के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। - अनुपम हरि, डीजीएम, इंडियन ऑयल कारपोरेशन
तो यह था ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी का सच
ऑटोमोबाइल कंपनियों को पूरा अंदाजा था कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाएगी। देश की सबसे बड़ी अदालत में अपील करने के बावजूद सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बीएस- 4 मॉडल की गाड़ियों का उत्पादन बंद कर दिया था। इसकी एक वजह यह भी थी कि डीलर भी बीएस- 4 गाड़ियों की सप्लाई लेने से कतराने लगे थे। छह महीने पहले से ही तय माना जा रहा था कि बीएस-4 ईंधन से चटलने वाली गाड़ियां अप्रैल से नहीं बिक पाएंगी। कंपनियों ने इन वाहनों का उत्पादन गिराने के साथ इसे मंदी की मार प्रचारित करना भी शुरू कर दिया था। कई टीवी न्यूज चैनलों पर मंदी की यह खबर लंबे समय तक सुर्खियों में रही थी।
बीएस- 6: अभी कई साल लगेंगे नतीजे आने में
दुनिया के तमाम देशों से सबक लेकर भारत में अत्याधुनिक मानकों के अनुरूप वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बीएस- 6 गाड़ियों को लांच किया जा रहा है। हालांकि कई दूसरे देशों में इसकी शुरूआत 19 साल पहले ही हो चुकी है। बीएस- 6 इंजन जहरीली गैसों का उत्सर्जन बीएस- 4 इंजन के मुकाबले 90 फीसदी तक कम करता है। मार्च 2016 में भारत में बीएस-4 लाया गया मगर ऑटोमोबाइल कंपनियों के दबाव में बीएस-5 नहीं आ आ पाया। देश भर में वायु प्रदूषण की स्थिति बदतर होती देख छह महीने पहले बीएस-6 लाने की तैयारी शुरू हुई थी। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बीएस- 6 इंजन के जरिये वायु प्रदूषण में जिस कमी की उम्मीद की जा रही है, उसे पूरा होने में कई साल लगेंगे क्योंकि अगले कई सालों तक बीएस- 4 गाड़ियां सड़कों पर दौड़ती रहेंगी।
शोरूम पर आने लगीं बीएस-6 गाड़ियां
प्रमुख कार और दोपहिया वाहनों के निर्माताओं ने डीलरों को बीएस-6 मानक वाले वाहनों की सप्लाई शुरू कर दी है। होंडा, मारुति, हीरो, टाटा, हुंडई, महिंद्रा आदि कंपनियों ने कार और दोपहिया वाहन शोरूम पर उपलब्ध करा दिए हैं। कंपनियां इसकी औपचारिक घोषणा भी करने लगी हैं। हालांकि पुराने मॉडल के मुकाबले इनकी कीमत कुछ ज्यादा ही है। डीलरों के मुताबिक इन वाहनों में बीएस-6 मानक के तहत इंजनों में संशोधन किए गए हैं।
बीएस- 4 गाड़ियों में भी चलेगा बीएस- 6 फ्यूल
कारोबारियों ने बताया कि बीएस- 4 गाड़ियों में बीएस-6 ईंधन इस्तेमाल करने से कोई तकनीकी समस्या नहीं आएगी। बल्कि जहरीली गैसें भी कम निकलने से इससे वायु प्रदूषण कम होगा। कारोबारियों के मुताबिक ज्यादातर पेेट्रोल पंप पर बीएस- 6 ईंधन पहुंच गया है। धीरे-धीरे कुछ ही दिनों में सभी पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध होने लगेगा। इसलिए बीएस-6 वाहनों के लिए ईंधन मिलने की कोई समस्या नहीं आएगी।
पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो पर टेस्टिंग शुरू
इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन ने अपने सभी डिपो पर बीएस-6 ईंधन के स्टोरेज का तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया है। टैंकों की सफाई और वहां से सप्लाई होने वाले ईंधन के मानकों की बारीकी से जांच की जा रही है। इसके साथ कई दिन पहले से ही देश भर की रिफाइनरियों में सिर्फ बीएस-6 ईंधन का ही उत्पादन शुरू हो गया है। इस नेटवर्क को पेट्रोल पंपों तक सही किया जाना है। बताया जाता है कि रिलायंस, एस्सार और दूसरी निजी रिफाइनरियों और उनके डिपो पर भी यही प्रक्रिया शुरू हो गई है। निजी कंपनियां भी जल्द ही बीएस-6 ईंधन पेट्रोल पंपों पर देना शुरू करेंगी।
छूट देकर पुराना स्टॉक क्लियर करेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने पहली अप्रैल से पुराने मॉडलों का रजिस्ट्रेशन करने पर रोक लगा दी है। स्कूटी और बाइक का पुराना स्टॉक जल्द क्लियर करना एक समस्या तो है लेकिन हम ग्राहकों को छूट देकर ऐसा करने की कोशिश करेंगे। - पंकज अग्रवाल, ऑटोमोबाइल कारोबारी
कारों पर दे रहे हैं तीन लाख तक की छूट
अगले एक महीने में कारों का स्टॉक क्लियर करना जरूरी है। कंपनियों से भी ऐसे आदेश आ गए हैं। विभिन्न मॉडल की कारों पर 50 हजार से तीन लाख रुपये तक की विशेष छूट देनी शुरू कर दी गई है।
- अनिल अग्रवाल, ऑटोमोबाइल कारोबारी