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सरकार को वादे याद दिलाने के लिए वकील रहे हड़ताल पर
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डेमो
- फोटो : demo pic
अधिवक्ताओं ने डीएम के जरिए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
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बरेली। यूपी बार काउंसिल के आह्वान पर सोमवार को वकील न्यायिक कामकाज से विरत रहे। उनका कहना था कि सरकार ने अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में कुछ घोषणाएं की थीं, जो लापरवाही के चलते अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आह्वान पर वकील आज हड़ताल पर रहे। अदालतों में आज कोई कामकाज नहीं हुआ। अधिकतर मुकदमों में तारीखें लग गईं। वादकार भी जल्द ही तारीख लेकर लौट गए। दोपहर तक अदालतें सूनी हो गईं। दोपहर बाद मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं में धनराशि आवंटित करने में सरकार की ओर से उदासीनता बरती जा रही है। 40 करोड़ रुपये हर साल अधिवक्ताओं को मिलने थे, जिनको रोक दिया गया। इसके अलावा अधिवक्ताओं की मौत के बाद उनकी विधवाओं को मिलने वाली राशि बढ़ाकर पांच लाख की गई थी। इस पर भी आगे की कार्यवाही नहीं हुई है। नए अधिवक्ताओं को पांच हजार रुपये प्रति वर्ष देने की घोषणा हुई थी, लेकिन इस पर भी कोई अमल नहीं हुआ। मांगों के पूरी न होने पर 16 मार्च को एक बार फिर हड़ताल की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में बार अध्यक्ष घनश्याम शर्मा के अलावा बार सचिव अमर भारती आदि शामिल रहे।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आह्वान पर वकील आज हड़ताल पर रहे। अदालतों में आज कोई कामकाज नहीं हुआ। अधिकतर मुकदमों में तारीखें लग गईं। वादकार भी जल्द ही तारीख लेकर लौट गए। दोपहर तक अदालतें सूनी हो गईं। दोपहर बाद मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया।
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ज्ञापन में कहा गया कि अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं में धनराशि आवंटित करने में सरकार की ओर से उदासीनता बरती जा रही है। 40 करोड़ रुपये हर साल अधिवक्ताओं को मिलने थे, जिनको रोक दिया गया। इसके अलावा अधिवक्ताओं की मौत के बाद उनकी विधवाओं को मिलने वाली राशि बढ़ाकर पांच लाख की गई थी। इस पर भी आगे की कार्यवाही नहीं हुई है। नए अधिवक्ताओं को पांच हजार रुपये प्रति वर्ष देने की घोषणा हुई थी, लेकिन इस पर भी कोई अमल नहीं हुआ। मांगों के पूरी न होने पर 16 मार्च को एक बार फिर हड़ताल की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में बार अध्यक्ष घनश्याम शर्मा के अलावा बार सचिव अमर भारती आदि शामिल रहे।
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