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Bareilly News: अधिवक्ता हितों के लिए हमेशा संघर्षरत रहे अधिवक्ता घनश्याम शर्मा

Tue, 10 Jan 2023 09:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2023 09:00 AM IST
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Advocate Ghanshyam Sharma always fighting for the interests of advocates
तत्कालीन कानून मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करते घनश्याम शर्मा - फाइल फोटो
बरेली। एडवोकेट घनश्याम शर्मा बार एसोसिएशन की राजनीति में प्रमुख स्तंभ रहे। अधिवक्ताओं के हित और उनकी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए वे कभी पीछे नहीं हटे। बरेली में हाईकोर्ट बेंच स्थापना के लिए वह तत्कालीन कानून मंत्री अरुण जेटली से मिले। तब कानून मंत्री ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जब हाईकोर्ट बेंच बनेगी, उस दौरान बरेली में स्थापना का आश्वासन भी दिया था।
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अधिवक्ता घनश्याम शर्मा के इसी जज्बे और शख्सियत के कायल वकील रहे। बरेली बार के ऑडिटोरियम का निर्माण का श्रेय भी इन्हीं का है। जानकारी के मुताबिक ऑडिटोरियम स्थापना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से मिलने लखनऊ पहुंचे थे। ऑडिटोरियम की जरूरत को रेखांकित करते हुए उन्होंने 17 लाख मंजूर कराए थे।
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बंगलिया कचहरी में अधिवक्ताओं के चैंबर का निर्माण भी उन्हीं के कार्यकाल में हुआ। जानकारी के मुताबिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके एडवोकेट राधा कमल सारस्वत, एडवोकेट गोपाल सहाय बिसरिया को भी उन्होंने समर्थन दिया था। उनके रुतबे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब वे अध्यक्ष नहीं थे, तब भी वह जहां खड़े होते उनके आगे प्रतिद्वंद्वी टिक नहीं पाते थे। राजनीति समेत प्रशासनिक खेमे में उनकी मजबूत पकड़ थी। सामाजिक कार्यों में भी आगे रहते थे।
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एडवोकेट घनश्यार्मा शर्मा के निधन से बरेली बार को अपूर्णनीय क्षति हुई। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। वकीलों के हित के लिए हरदम सक्रिय थे। कोर्ट में उनकी दलीलों की काट मुश्किल से मिलती थी।
- शिरीष मेहरोत्रा, बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एवं सदस्य
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वरिष्ठ अधिवक्ता घनश्याम शर्मा का निधन बरेली बार के अलावा निजी क्षति है। इस नुकसान की भरपाई हो पाना नामुमकिन है। वह निहायत ही सौम्य और सब को साथ लेकर चलने वाले इंसान थे। - अरविंद श्रीवास्तव, बरेली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष
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अधिवक्ताओं के हित के लिए हर दम समर्पित रहने वाले इंसान घनश्याम शर्मा थे। तहसील या जिला अधिवक्ता वे सभी के लिए उपलब्ध थे। कई गरीब लोगों के मुकदमे उन्होंने बिना फीस के लडे़। उनकी कमी पूरी नहीं हो सकती है।

- राजेश यादव, पूर्व डीजीसी
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घनश्याम शर्मा से परिचय साल 1969 में बरेली कॉलेज में अध्ययन के दौरान हुआ था। कॉलेज और बार एसोसिएशन की राजनीति में वह शीर्ष पर रहे। अधिवक्ताओं का नेतृत्व करने की उनकी गजब की क्षमता थी।
- महेश तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, आंवला बार एसोसिएशन
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