प्रवेश विलंब से हुए और फिर वेबसाइट दे गई दगा, बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स नहीं भर सके छात्रवृत्ति फार्म
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आर्थिक तौर से कमजोर छात्र अब फीस को लेकर हैं परेशान
इस बार स्नातक और परास्नातक की विभिन्न कक्षाओं के साथ ही बीएड, एमएड सहित दूसरेे कोर्स में प्रवेश कोरोना की वजह से काफी देरी से हुए, जबकि शासन ने छात्रवृत्ति के लिए अंतिम तिथि 15 दिसंबर निर्धारित की थी। छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन फार्म न भर पाने वाले छात्रों का कहना है कि कोरोना को देखते हुए इस साल शासन को छात्रवृत्ति के आवेदन की समय सीमा बढ़ानी चाहिए। थी। इसके अलावा कई दिन तक वेबसाइट ने परेशान किया। ओटीपी तो कभी फार्म का प्रिंट न निकल पाने से भी दिक्कत पैदा हुई। छात्रों का कहना है कि उन्हें छात्रवृत्ति से फीस जमा करने में काफी राहत मिल जाती है। अगर इस बार छात्रवृत्ति नहीं मिली तो उनकी पढ़ाई ही चौपट हो जाएगी।
विद्यार्थियों की बात
इस बार एमए प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया देर तक चली थी। इसके अलावा बैंक में खाता खुलवाने में भी समय लगा। इस वजह से मैं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन ही नहीं कर सका। अब फीस को लेकर चिंता बढ़ गई है। - फैज मोहम्मद, छात्र एमए प्रथम वर्ष
बीएड की पढ़ाई सामान्य आमदनी वाले परिवार के छात्रों के लिए काफी महंगी है। छात्रवृत्ति मिल जाने पर उनकी आर्थिक समस्या काफी हल हो जाती है लेकिन इस बार वेबसाइट के बार-बार बंद होने से मैं छात्रवृत्ति का ऑनलाइन फार्म नहीं भर सका। -पुष्पेेंद्र कुमार, छात्र बीएड प्रथम वर्ष
इस बार छात्रवृत्ति का फार्म नहीं भर सका। एक तो प्रवेश प्रक्रिया देर से पूरी हुई और फिर वेबसाइट के बार-बार हैंग होने से समस्या बनी रही। शासन को छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि बढ़ानी चाहिए। - सिद्धार्थ ऋषि, बीबीए, बरेली कॉलेज
छात्रों के सामने इस बार दिक्कतें रही हैं। छात्रवृत्ति के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़नी चाहिए। इसके लिए शासन से आग्रह करेंगे। - डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य बरेली कॉलेज।