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Bareilly News: प्रशासनिक अधिकारी देवेंद्र को भेजा गया जेल, होगा निलंबित
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बरेली। चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल पास करने के लिए तीन हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किए गए प्रशासनिक अधिकारी देवेंद्र सिंह को शुक्रवार को जेल भेज दिया। अब पुलिस की रिपोर्ट मिलते ही अन्य दस्तावेज संलग्न कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जल्द ही उसे निलंबित किया जाएगा।
सीएमओ कार्यालय में सेवानिवृत्त कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित पटल संभाल रहा देवेंद्र को बृहस्पतिवार को रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। इज्जतनगर के आलोकनगर निवासी रामकृष्ण ने अपनी शिकायत में बताया था कि वे खादी ग्रामोद्योग अधिकारी कार्यालय पीलीभीत में सहायक विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल की पत्रावली को पास करने के लिए देवेंद्र सिंह ने उसने तीन हजार रुपये मांगे थे। उन्होंने हामी तो भर दी पर एंटी करप्शन टीम को भी सूचना दे दी। फिर, डीएम कार्यालय से मिले दो गवाहों के साथ टीम सीएमओ कार्यालय पहुंची। देवेंद्र को जैसे ही रामकृष्ण ने तीन हजार रुपये दिए, टीम ने उसे दबोच लिया।
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देवेंद्र के सेवानिवृत्त होने में शेष हैं दो माह
सीएमओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी देवेंद्र को सेवानिवृत्त होने में सिर्फ दो माह बचे हैं। अब निलंबन व विभागीय जांच के साथ ही कोर्ट में मुकदमा भी चलेगा। बताते हैं कि शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारी के परिजन सीएमओ कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों से बचाने की गुहार लगाई है।
ऊपर तक पहुंचता है रिश्वत का पैसा : रामकृष्ण
एंटी करप्शन टीम को दी गई सूचना में शिकायकर्ता रामकृष्ण ने बताया था कि उसने रिश्वत देने में असमर्थता जताई तो पटल प्रभारी देवेंद्र ने कहा था कि पैसा ऊपर तक पहुंचाना पड़ता है। साथ ही, बगैर रुपये दिए फाइल पास न होने का जिक्र किया था। इससे सिद्ध है कि कार्यालय के पटलों पर रुपये के बिना काम नहीं होता। बयान के बाद विभाग के अन्य अफसर, कर्मचारी भी टीम के राडार पर हैं।
बगैर वजन आगे नहीं बढ़ती फाइल
बीते साल तैनाती मिलते ही सीएमओ ने अधिकारियों-कर्मचारियों के पेच कसे थे। इसके बावजूद अधिकतर पटल पर रिश्वतखोरी का खेल जारी रहा। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह का कहना है कि अगर फाइल लंबित रखने के प्रकरण की जानकारी उन्हें पहले होती तो वे तत्काल कार्रवाई करते। जबकि, दर्ज प्राथमिकी में बाबू का बयान है कि हिस्सा ऊपर तक जाता है।
शिकायत पर हाेगी कार्रवाई
शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में बैठकों का दौर जारी रहा। बताते हैं कि सीएमओ ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को हिदायत दी है कि अगर किसी पटल से रिश्वत मांगने, फरियादी को परेशान करने, फाइल लंबित रखने की शिकायतें आएंगी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
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सीएमओ कार्यालय में सेवानिवृत्त कर्मियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित पटल संभाल रहा देवेंद्र को बृहस्पतिवार को रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। इज्जतनगर के आलोकनगर निवासी रामकृष्ण ने अपनी शिकायत में बताया था कि वे खादी ग्रामोद्योग अधिकारी कार्यालय पीलीभीत में सहायक विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हैं।
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चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल की पत्रावली को पास करने के लिए देवेंद्र सिंह ने उसने तीन हजार रुपये मांगे थे। उन्होंने हामी तो भर दी पर एंटी करप्शन टीम को भी सूचना दे दी। फिर, डीएम कार्यालय से मिले दो गवाहों के साथ टीम सीएमओ कार्यालय पहुंची। देवेंद्र को जैसे ही रामकृष्ण ने तीन हजार रुपये दिए, टीम ने उसे दबोच लिया।
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देवेंद्र के सेवानिवृत्त होने में शेष हैं दो माह
सीएमओ कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी देवेंद्र को सेवानिवृत्त होने में सिर्फ दो माह बचे हैं। अब निलंबन व विभागीय जांच के साथ ही कोर्ट में मुकदमा भी चलेगा। बताते हैं कि शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारी के परिजन सीएमओ कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों से बचाने की गुहार लगाई है।
ऊपर तक पहुंचता है रिश्वत का पैसा : रामकृष्ण
एंटी करप्शन टीम को दी गई सूचना में शिकायकर्ता रामकृष्ण ने बताया था कि उसने रिश्वत देने में असमर्थता जताई तो पटल प्रभारी देवेंद्र ने कहा था कि पैसा ऊपर तक पहुंचाना पड़ता है। साथ ही, बगैर रुपये दिए फाइल पास न होने का जिक्र किया था। इससे सिद्ध है कि कार्यालय के पटलों पर रुपये के बिना काम नहीं होता। बयान के बाद विभाग के अन्य अफसर, कर्मचारी भी टीम के राडार पर हैं।
बगैर वजन आगे नहीं बढ़ती फाइल
बीते साल तैनाती मिलते ही सीएमओ ने अधिकारियों-कर्मचारियों के पेच कसे थे। इसके बावजूद अधिकतर पटल पर रिश्वतखोरी का खेल जारी रहा। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह का कहना है कि अगर फाइल लंबित रखने के प्रकरण की जानकारी उन्हें पहले होती तो वे तत्काल कार्रवाई करते। जबकि, दर्ज प्राथमिकी में बाबू का बयान है कि हिस्सा ऊपर तक जाता है।
शिकायत पर हाेगी कार्रवाई
शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में बैठकों का दौर जारी रहा। बताते हैं कि सीएमओ ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को हिदायत दी है कि अगर किसी पटल से रिश्वत मांगने, फरियादी को परेशान करने, फाइल लंबित रखने की शिकायतें आएंगी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो