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Bareilly News: मिल के ब्लॉक को सील करने पहुंचा प्रशासन, चेतावनी देकर छोड़ा
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बहेड़ी। किसानों के 162 करोड़ रुपये के गन्ना बकाये पर प्रशासन ने केसर चीनी मिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। सोमवार को एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव और एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक दल ने मिल परिसर का तीन घंटे तक निरीक्षण किया। टीम ने प्रशासनिक भवन, मुख्य प्रबंध निदेशक की कोठी, अधिकारियों के बंगले और कर्मचारी कॉलोनी का मूल्यांकन किया।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार, पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार सिंह और तहसीलदार वीरपाल सिंह मौजूद रहे। उनके साथ राजस्व टीम और भारी पुलिस बल भी था। प्रशासन प्रशासनिक भवन को खाली कर सील करने के इरादे से पहुंचा था। टीम ने सीधे मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद मिश्रा के कार्यालय में प्रवेश किया। मिल प्रबंधन ने भुगतान के कई योजनाएं प्रस्तुत कीं। हालांकि, प्रशासन ने इन योजनाओं को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद मुख्य प्रबंध निदेशक हर्ष आर किलाचंद से वीडियो कॉल पर बात कराई गई।
मुख्य प्रबंध निदेशक हर्ष आर किलाचंद ने बताया, मिल बिक्री के लिए एक पार्टी से सौदा अंतिम चरण में है, जो पांच नवंबर तक पूरा होगा। यदि यह सौदा नहीं हुआ तो दूसरी पार्टी से 10 नवंबर तक बात पक्की हो जाएगी। अधिकारियों ने दिवाली से पहले किसानों को 18 से 20 करोड़ रुपये का तुरंत भुगतान करने की मांग की। मुख्य प्रबंध निदेशक ने कोशिश का भरोसा दिया, लेकिन 162 करोड़ रुपये बिक्री के बाद ही देने की बात कही। इस बीच दोनों पक्षों में नोकझोंक भी हुई।
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एसडीएम गोपाल शर्मा ने साफ कहा, गन्ना विभाग ने मिल मालिक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। यदि 10 नवंबर तक पैसा नहीं आया तो प्राथमिकी दर्ज होगी। मिल परिसर सील कर दिया जाएगा। 17 नवंबर को 11 एकड़ से अधिक जमीन की नीलामी भी तय है। संवाद
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कार्रवाई के दौरान एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार, पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार सिंह और तहसीलदार वीरपाल सिंह मौजूद रहे। उनके साथ राजस्व टीम और भारी पुलिस बल भी था। प्रशासन प्रशासनिक भवन को खाली कर सील करने के इरादे से पहुंचा था। टीम ने सीधे मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद मिश्रा के कार्यालय में प्रवेश किया। मिल प्रबंधन ने भुगतान के कई योजनाएं प्रस्तुत कीं। हालांकि, प्रशासन ने इन योजनाओं को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद मुख्य प्रबंध निदेशक हर्ष आर किलाचंद से वीडियो कॉल पर बात कराई गई।
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मुख्य प्रबंध निदेशक हर्ष आर किलाचंद ने बताया, मिल बिक्री के लिए एक पार्टी से सौदा अंतिम चरण में है, जो पांच नवंबर तक पूरा होगा। यदि यह सौदा नहीं हुआ तो दूसरी पार्टी से 10 नवंबर तक बात पक्की हो जाएगी। अधिकारियों ने दिवाली से पहले किसानों को 18 से 20 करोड़ रुपये का तुरंत भुगतान करने की मांग की। मुख्य प्रबंध निदेशक ने कोशिश का भरोसा दिया, लेकिन 162 करोड़ रुपये बिक्री के बाद ही देने की बात कही। इस बीच दोनों पक्षों में नोकझोंक भी हुई।
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एसडीएम गोपाल शर्मा ने साफ कहा, गन्ना विभाग ने मिल मालिक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। यदि 10 नवंबर तक पैसा नहीं आया तो प्राथमिकी दर्ज होगी। मिल परिसर सील कर दिया जाएगा। 17 नवंबर को 11 एकड़ से अधिक जमीन की नीलामी भी तय है। संवाद