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एडीजी ने पूछी लूट की धारा तो बगलें छांकने लगे दरोगा
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दरोगा और सिपाहियों से सवाल करते एडीजी जोन बरेली अविनाश चंद्र। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। एडीजी जोन बरेली अविनाश चंद्र ने शनिवार को थाना सदर बाजार का निरीक्षण किया। एडीजी की परीक्षा में अधिकतर पुलिस वाले फेल साबित हुए। एडीजी ने दरोगा से लूट के मामले में लगनी वाली धारा के बारे में पूछा तो वे बगलें झांकने लगे। एडीजी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्टाफ की फटकार लगाई।
एडीजी बरेली जोन अविनाश चंद्र थाना सदर बाजार पहुंचते ही सबसे मुंशी कार्यालय में रुके। उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक अशोकपाल से क्षेत्र में किसी अपराधी के होने का सवाल किया तो उन्होंने इनकार कर दिया। लंबित विवेचनाओं के बारे में जानकारी होने पर एडीजी ने नाराजगी जताई। एडीजी ने पूछा कि थाने में कितने दरोगा-सिपाही हैं। जवाब मिला कि करीब 119 हैं।
इस पर एडीजी ने थाना प्रभारी से कहा कि एक कागज लेकर अलग बैठ जाइए और करीब सौ लोगों के नाम लिखकर दिखाइए। इसके बाद एडीजी थाना दिवस के लिए लगे अलग पंडाल में बैठ गए। जहां कुछ लेखपाल बैठे थे। थाना दिवस में आने वाली शिकायतों के बारे में बातचीत करने लगे। एडीजी ने शिकायतों के निस्तारण का रजिस्टर मांगकर निस्तारित शिकायतों का फीडबैक जानने के लिए ट्रेनी सीओ सिटी सरवणन टी को निर्देश दिए। एडीजी ने क्षेत्र में सबसे अच्छा काम करने वाले दरोगा और सिपाहियों को बुलाया।
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थाना प्रभारी ने सिपाही नरेश, अशफाक नगर चौकी इंचार्ज जयचंद गिरी, शाहबाजनगर चौकी इंचार्ज अमित कुमार, एसएसआई अजयवीर सिंह और मंगल सिंह को एडीजी के सामने बुलाया। सिपाही से उसके क्षेत्र के बारे पूछा तो सिपाही संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उसके बाद एडीजी ने दरोगाओं से पूछा कि दिन और रात में होने वाली लूट में कौन-सी धारा लगाई जाती है।
सारे दरोगा बगलें झांकने लगे। तभी दरोगा जयचंद गिरी ने कुछ धाराएं बताईं, जिसपर एडीजी का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने कहा कि आप जनता को बता रहे हो या एडीजी को बता रहे हो। इसके बाद कई सवाल दरोगाओं से किए। जवाब नहीं मिलने पर एडीजी ने नाराजगी जताई। दरोगाओं को ज्ञान बढ़ाने की नसीहत दी। एडीजी के थाने से चले जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
पुलिस लाइन के मुख्य द्वार, पुलिस अतिथि गृह का उद्घाटन
पुलिस लाइन के मुख्य द्वार और पुलिस अतिथि गृृह का एडीजी जोन बरेली अविनाश चंद्र ने फीता काटकर उद्घाटन किया। पुलिस लाइन में अपना पुलिस कैफे, आदर्श महिला बैरक और आरओ प्लांट का उद्घाटन एडीजी की पत्नी स्मिता वर्मा और एसपी एस. आनंद की पत्नी देवी आनंद ने किया। एडीजी ने अधिकारियों के साथ पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया।
एडीजी ने बताया कि थाना दिवस पर आने वाली सभी शिकायतों का मौके पर जाकर जांच के बाद तत्काल निस्तारण करने के आदेश हैं। पुलिस और राजस्व विभाग के बीच अच्छा तालमेल है। कहीं कुछ कमी मिलती है तो दूर किया जाएगा। पुलिसकर्मियों के रहने या उनके ड्यूटी करने के दौरान आने वाली दिक्कतों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। महिला बैरक और शौचालय बनवाये जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के आवासों की मरम्मत कराई जा रही है।
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एडीजी बरेली जोन अविनाश चंद्र थाना सदर बाजार पहुंचते ही सबसे मुंशी कार्यालय में रुके। उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक अशोकपाल से क्षेत्र में किसी अपराधी के होने का सवाल किया तो उन्होंने इनकार कर दिया। लंबित विवेचनाओं के बारे में जानकारी होने पर एडीजी ने नाराजगी जताई। एडीजी ने पूछा कि थाने में कितने दरोगा-सिपाही हैं। जवाब मिला कि करीब 119 हैं।
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इस पर एडीजी ने थाना प्रभारी से कहा कि एक कागज लेकर अलग बैठ जाइए और करीब सौ लोगों के नाम लिखकर दिखाइए। इसके बाद एडीजी थाना दिवस के लिए लगे अलग पंडाल में बैठ गए। जहां कुछ लेखपाल बैठे थे। थाना दिवस में आने वाली शिकायतों के बारे में बातचीत करने लगे। एडीजी ने शिकायतों के निस्तारण का रजिस्टर मांगकर निस्तारित शिकायतों का फीडबैक जानने के लिए ट्रेनी सीओ सिटी सरवणन टी को निर्देश दिए। एडीजी ने क्षेत्र में सबसे अच्छा काम करने वाले दरोगा और सिपाहियों को बुलाया।
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थाना प्रभारी ने सिपाही नरेश, अशफाक नगर चौकी इंचार्ज जयचंद गिरी, शाहबाजनगर चौकी इंचार्ज अमित कुमार, एसएसआई अजयवीर सिंह और मंगल सिंह को एडीजी के सामने बुलाया। सिपाही से उसके क्षेत्र के बारे पूछा तो सिपाही संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उसके बाद एडीजी ने दरोगाओं से पूछा कि दिन और रात में होने वाली लूट में कौन-सी धारा लगाई जाती है।
सारे दरोगा बगलें झांकने लगे। तभी दरोगा जयचंद गिरी ने कुछ धाराएं बताईं, जिसपर एडीजी का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने कहा कि आप जनता को बता रहे हो या एडीजी को बता रहे हो। इसके बाद कई सवाल दरोगाओं से किए। जवाब नहीं मिलने पर एडीजी ने नाराजगी जताई। दरोगाओं को ज्ञान बढ़ाने की नसीहत दी। एडीजी के थाने से चले जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
पुलिस लाइन के मुख्य द्वार, पुलिस अतिथि गृह का उद्घाटन
पुलिस लाइन के मुख्य द्वार और पुलिस अतिथि गृृह का एडीजी जोन बरेली अविनाश चंद्र ने फीता काटकर उद्घाटन किया। पुलिस लाइन में अपना पुलिस कैफे, आदर्श महिला बैरक और आरओ प्लांट का उद्घाटन एडीजी की पत्नी स्मिता वर्मा और एसपी एस. आनंद की पत्नी देवी आनंद ने किया। एडीजी ने अधिकारियों के साथ पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया।
एडीजी ने बताया कि थाना दिवस पर आने वाली सभी शिकायतों का मौके पर जाकर जांच के बाद तत्काल निस्तारण करने के आदेश हैं। पुलिस और राजस्व विभाग के बीच अच्छा तालमेल है। कहीं कुछ कमी मिलती है तो दूर किया जाएगा। पुलिसकर्मियों के रहने या उनके ड्यूटी करने के दौरान आने वाली दिक्कतों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। महिला बैरक और शौचालय बनवाये जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के आवासों की मरम्मत कराई जा रही है।