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भूमि खरीद मामले में चकबंदीकर्ता पर होगी कार्रवाई
सार
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए संभल में भूमि खरीद में हुई गड़बड़ी के मामले में बदायूं में चकबंदीकर्ता प्यारेलाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।संभल डीएम ने पत्र यहां नहीं, शासन के लिए भेजा है।
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विस्तार
गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए संभल में भूमि खरीद में हुई गड़बड़ी के मामले में बदायूं में चकबंदीकर्ता प्यारेलाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इधर, इस मामले में संबल के बंदोबस्त अधिकारी, चकबंदी सचेंद्र कुमार को संभल के डीएम मनीष बंसल की संस्तुति पर निलंबित कर दिया गया है। चकबंदीकर्ता प्यारेलाल की तैनाती बदायूं के बिल्सी तहसील में है। उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसील के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों से होकर गुजरने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे सबसे ज्यादा करीब 95 किमी की दूरी बदायूं में ही तय करेगा। पिछले दिनों संभल में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन खरीद मामले में कुछ गड़बड़िया सामने आई थीं। संभल बदायूं का पड़ोसी जिला है।
संभल में हुई गड़बड़ी के साथ बदायूं में कलेक्ट्रेट स्थित गंगा एक्सप्रेस-वे के कार्यालय में बंदरों ने हमला कर लिया और तमाम फाइलों को तहस नहस कर दिया। ये इत्तेफाक था या कुछ और, लेकिन इससे यहां भी चर्चा का बाजार गर्म हो गया। दरअसल, भूमि खरीद में गड़बड़ी के आरोपी चकबंदीकर्ता प्यारेलाल की बदायूं में तैनाती है। डीएम संभल मनीष बंसल ने प्यारेलाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा था, जिसके बाद अब प्यारेलाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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संभल के मामले में चकबंदीकर्ता प्यारेलाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी चल रही है। हालांकि बदायूं में संभल की तरह का कोई विवाद नहीं है। -रामकिशोर वर्मा, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी
चकबंदीकर्ता ने जो भी किया है, संभल में किया है। हमारे यहां पर कुछ नहीं किया है। ऐसे में हमारे यहां से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। संभल डीएम ने पत्र यहां नहीं, शासन के लिए भेजा है। वहीं से कार्रवाई भी होगी। -दीपा रंजन, डीएम
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गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसील के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों से होकर गुजरने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे सबसे ज्यादा करीब 95 किमी की दूरी बदायूं में ही तय करेगा। पिछले दिनों संभल में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन खरीद मामले में कुछ गड़बड़िया सामने आई थीं। संभल बदायूं का पड़ोसी जिला है।
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संभल में हुई गड़बड़ी के साथ बदायूं में कलेक्ट्रेट स्थित गंगा एक्सप्रेस-वे के कार्यालय में बंदरों ने हमला कर लिया और तमाम फाइलों को तहस नहस कर दिया। ये इत्तेफाक था या कुछ और, लेकिन इससे यहां भी चर्चा का बाजार गर्म हो गया। दरअसल, भूमि खरीद में गड़बड़ी के आरोपी चकबंदीकर्ता प्यारेलाल की बदायूं में तैनाती है। डीएम संभल मनीष बंसल ने प्यारेलाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा था, जिसके बाद अब प्यारेलाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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संभल के मामले में चकबंदीकर्ता प्यारेलाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी चल रही है। हालांकि बदायूं में संभल की तरह का कोई विवाद नहीं है। -रामकिशोर वर्मा, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी
चकबंदीकर्ता ने जो भी किया है, संभल में किया है। हमारे यहां पर कुछ नहीं किया है। ऐसे में हमारे यहां से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। संभल डीएम ने पत्र यहां नहीं, शासन के लिए भेजा है। वहीं से कार्रवाई भी होगी। -दीपा रंजन, डीएम