Bareilly News: स्मैक तस्कर नन्हे लंगड़ा पर बड़ी कार्रवाई, एक साल तक जेल से बाहर नहीं आ सकेगा आरोपी
स्मैक तस्कर नन्हे लंगड़ा की गिरफ्तारी के बाद डीएम रविंद्र कुमार व एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने उस पर पिट एनडीपीएस एक्ट लगाने की संस्तुति की थी। शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी थी। एडवायजरी बोर्ड ने इस पर मुहर लगा दी है। पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई से होने से वह एक साल तक जेल में रहेगा।
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बरेली के फतेहगंज पश्चिमी के स्मैक तस्कर नन्हे लंगड़ा उर्फ रियासत पर बरेली पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर शासन के एडवायजरी बोर्ड ने मुहर लगा दी है। पिट एनडीपीएस एक्ट (स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम) के तहत वह एक साल तक जेल में रहेगा। इसमें से एक महीने का वक्त वह गुजर चुका है।
नन्हे लंगड़ा वर्ष 2007 से स्मैक तस्करी में सक्रिय है। इस दौरान पुलिस ने उसके खिलाफ फरीदपुर और फतेहगंज पश्चिमी थाने में एनडीपीएस के 10 मुकदमे दर्ज किए थे। वह फतेहगंज पश्चिमी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस ने गैंगस्टर लगाकर उसकी 7.85 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। इसके बाद भी वह किसी न किसी तरीके से तस्करी के धंधे से जुड़ा रहा।
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पांच दिसंबर को उसकी गिरफ्तारी के बाद डीएम रविंद्र कुमार व एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने उस पर पिट एनडीपीएस एक्ट लगाने की संस्तुति की थी। शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी थी। एडवायजरी बोर्ड ने दो सप्ताह पहले दोनों अधिकारियों के साथ ही नन्हे लंगड़ा को लखनऊ बुलाया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद बोर्ड ने अफसरों का तर्क सही माना और पिट एनडीपीएस को प्रभावी मान लिया।
कल्लू डॉन भी जेल में, रिश्तेदार ने संभाला काम
बरेली पुलिस ने इससे पहले फतेहगंज के ही शातिर स्मैक तस्कर शाहिद उर्फ कल्लू डॉन पर पिट एनडीपीएस एक्ट लगाया था। कल्लू भी खुद स्मैक तस्करी न करके रिश्तेदारों व गुर्गों से काम कराता है। इसी वजह से गिरफ्तारी के बाद स्मैक बरामदगी मुश्किल होती है। कल्लू डॉन की पत्नी इस समय फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत की चेयरपर्सन हैं।
सूत्र बताते हैं कि कल्लू का धंधा आज भी बदस्तूर चल रहा है। बेहद करीबी रिश्तेदार ने उसका काम संभाल लिया है। वह अजमेर, दिल्ली आदि शहरों में रहकर डीलिंग करता है। खुद को सफेदपोश दिखाने की कोशिश करता है। नन्हे के बाद वह भी पुलिस के रडार पर है।
नन्हे ने कहा था- स्मैक मिली नहीं, उसे फंसाया जा रहा है
बोर्ड के समक्ष नन्हे ने अफसरों के फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया था। कहा था कि वह बीमार रहता है। इस धंधे से उसका कोई जुड़ाव नहीं है। तीन बार उसे रिमांड पर लिया गया पर पुलिस को स्मैक नहीं मिली। ऐसे में उसे रिहा करने का आदेश दिया जाना चाहिए। हालांकि, पुराना रिकॉर्ड देखते हुए उसकी अपील ठुकरा दी गई।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि एडवायजरी बोर्ड ने हमारे तर्क स्वीकार कर पिट एनडीपीएस को प्रभावी किया है। नन्हे लंगड़ा एक महीने पहले गिरफ्तार हुआ था। वह 11 महीने और जेल में रहेगा। नन्हे लंगड़ा व कल्लू डॉन के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा।