{"_id":"62606e05dbc40c599a6e6e81","slug":"action-on-dso-bareilly-news-bly482184613","type":"story","status":"publish","title_hn":"फरीदपुर एआरओ की लापरवाही, डीएसओ भुगतेंगे सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फरीदपुर एआरओ की लापरवाही, डीएसओ भुगतेंगे सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बीते साल धान खरीद के दौरान किसानों की शिकायत निस्तारण के बजाय फरीदपुर एआरओ ने कोई जवाब नहीं दिया। जबकि विभाग से संबंधित प्रकरण भी नहीं था। हालांकि, लंबे समय तक रिमाइंडर के बावजूद शिकायत संबंधी कोई गतिविधि न करने पर जिला पूर्ति विभाग में सात शिकायतें डिफाल्टर श्रेणी में दर्ज हो गईं। प्रकरण पर जिलाधिकारी ने डीएसओ का वेतन रोकने की कार्रवाई कर दी है।
डीएसओ नीरज सिंह के मुताबिक धान खरीद संबंधी शिकायत पर कार्रवाई की जिम्मेदारी डीएसओ अथवा एआरओ की नहीं है। किन्हीं कारणों के चलते खरीद संबंधी सात किसानों की शिकायतें फरीदपुर एआरओ के लॉगिन में निस्तारण के लिए सीधे अग्रेषित कर दी गईं। नियमानुसार आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत को सीधे निस्तारण के लिए नहीं भेजा जा सकता है। उसे क्रमानुसार भेजने के निर्देश हैं। ऐसी स्थिति में शिकायत डीएसओ लॉगिन पर पहुंचनी थी और उसे निस्तारण के लिए संबंधित विभाग को निस्तारण के लिए भेजना था। कहा कि अगर किन्हीं वजहों से शिकायत सीधे निस्तारण के लिए भेज दी गई थी तो उसमें टिप्पणी दर्ज कर वापस कर देनी चाहिए थी। यह गतिविधि न करने की लापरवाही फरीदपुर एआरओ ने की। प्रकरण संज्ञान में आने पर शिकायत संबंधित को भेज दी गई। एआरओ से प्रकरण पर जवाब तलब होगा।
विज्ञापन
डीएसओ नीरज सिंह के मुताबिक धान खरीद संबंधी शिकायत पर कार्रवाई की जिम्मेदारी डीएसओ अथवा एआरओ की नहीं है। किन्हीं कारणों के चलते खरीद संबंधी सात किसानों की शिकायतें फरीदपुर एआरओ के लॉगिन में निस्तारण के लिए सीधे अग्रेषित कर दी गईं। नियमानुसार आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत को सीधे निस्तारण के लिए नहीं भेजा जा सकता है। उसे क्रमानुसार भेजने के निर्देश हैं। ऐसी स्थिति में शिकायत डीएसओ लॉगिन पर पहुंचनी थी और उसे निस्तारण के लिए संबंधित विभाग को निस्तारण के लिए भेजना था। कहा कि अगर किन्हीं वजहों से शिकायत सीधे निस्तारण के लिए भेज दी गई थी तो उसमें टिप्पणी दर्ज कर वापस कर देनी चाहिए थी। यह गतिविधि न करने की लापरवाही फरीदपुर एआरओ ने की। प्रकरण संज्ञान में आने पर शिकायत संबंधित को भेज दी गई। एआरओ से प्रकरण पर जवाब तलब होगा।
विज्ञापन