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Bareilly News: दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक दोषमुक्त, झूठी रिपोर्ट लिखवाने वाले वादी पर चलेगा मुकदमा

Fri, 26 Sep 2025 07:38 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 26 Sep 2025 07:38 AM IST
सार

बरेली में दुष्कर्म के मामले में आरोपी युवक को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीड़िता, उसके पिता और मां आरोपों से मुकर गए। इस पर कोर्ट ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने और मिथ्या साक्ष्य पेश करने के लिए वादी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

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Accused acquitted in POCSO Act case court ordered the filing of a case against the plaintiff in Bareilly
जनपद न्यायालय,बरेली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल पॉक्सो एक्ट जज कुमार मयंक ने पॉक्सो एक्ट में मीरगंज थाना क्षेत्र के आरोपी दीपक राठौर को दोषमुक्त कर दिया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीड़िता, उसके पिता और मां आरोपों से मुकर गए। पीड़िता ने पार्टीबंदी में आरोपी के खिलाफ बयान देने की बात कही। जिस दिन की घटना दर्शाई गई थी, उस दिन उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो चुकी थी। कोर्ट ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने और मिथ्या साक्ष्य पेश करने के लिए वादी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 22 के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

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मीरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो जून 2023 की शाम उसकी 17 साल की बेटी को दीपक राठौर बुलाकर ले गया। उसके साथ छेड़खानी, अश्लीलता और दुष्कर्म किया। इससे वह लहूलुहान होकर बेहोश हो गई। होश में आने पर उसने घर आकर आपबीती मां को सुनाई। 
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दीपक उत्तराखंड के रुद्रपुर में नौकरी करता है। घटना से दो दिन पहले ही वह गांव आया था। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना की और आरोपी दीपक राठौर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट में अभियुक्त ने आरोपों से इंकार कर परीक्षण की मांग की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने पीड़िता, उसके पिता और मां समेत आठ गवाह पेश किए।

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एक नेता और वकील के कहने पर दिया था बयान 
पीड़िता ने बयान से मुकरते हुए कहा कि उसकी जन्मतिथि 19 जनवरी 2005 है। दीपक राठौर ने उसके साथ कभी भी छेड़खानी, अश्लील हरकत या दुष्कर्म नहीं किया। कभी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उसे अपमानित नहीं किया। ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश में उसने एक नेता और एक वकील के कहने पर बयान दिया था। रिपोर्ट दर्ज कराने वाला पीड़िता का पिता भी बयानों से मुकर गया। उसने कुछ लोगों के कहने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। पीड़िता की मां ने भी ऐसी किसी घटना से इंकार कर दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दीपक राठौर को आरोपों से बरी कर दिया।

क्या है पॉक्सो एक्ट की धारा 22
पॉक्सो एक्ट की धारा 22 का उद्देश्य इसके दुरुपयोग को रोकना है। यह धारा पॉक्सो एक्ट के तहत झूठी शिकायत करने या गलत जानकारी देने को दंडनीय बनाती है। इस धारा के तहत छह माह की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति किसी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत किए गए अपराध के संबंध में झूठी शिकायत करता है या झूठी जानकारी देता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।

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