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शील चौराहे पर हॉकर को कुचल गई कार
बरेली
Updated Mon, 02 Mar 2015 12:41 AM IST
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रविवार सुबह बारिश के बीच साइकिल पर अखबार बांटने जा रहे हॉकर की बेकाबू कार की टक्कर से मौत हो गई। उनकी पत्नी की ओर से प्रेमनगर थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बालाजी मंदिर के पास रहने वाले गोविंद पांडेय अखबार बांटने का काम करते थे। रविवार सुबह साढ़े पांच बजे गोविंद ने राजेंद्र नगर में एजेंसी से अखबार उठाए और साइकिल से शील चौराहे पर कमल डेयरी के सामने पहुंचे। इसी बीच पीछे से आई एक तेज गति की कार ने इनकी साइकिल को टक्कर मार दी और केके हास्पीटल की ओर निकल गई। आसपास मौजूद लोगों के अनुसार कार सफेद रंग की थी और इनोवा जैसी लग रही थी। लोग उसका नंबर नहीं देख पाए। कार की टक्कर से सड़क पर गिरे गोविंद का सिर फट गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। लोग उन्हें उठाकर पास के निजी अस्पताल ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। साथी हॉकरों के जरिये सूचना मिलने पर गोविंद की पत्नी मीरा बदहवास दौड़ी चली आईं।
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प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बालाजी मंदिर के पास रहने वाले गोविंद पांडेय अखबार बांटने का काम करते थे। रविवार सुबह साढ़े पांच बजे गोविंद ने राजेंद्र नगर में एजेंसी से अखबार उठाए और साइकिल से शील चौराहे पर कमल डेयरी के सामने पहुंचे। इसी बीच पीछे से आई एक तेज गति की कार ने इनकी साइकिल को टक्कर मार दी और केके हास्पीटल की ओर निकल गई। आसपास मौजूद लोगों के अनुसार कार सफेद रंग की थी और इनोवा जैसी लग रही थी। लोग उसका नंबर नहीं देख पाए। कार की टक्कर से सड़क पर गिरे गोविंद का सिर फट गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। लोग उन्हें उठाकर पास के निजी अस्पताल ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। साथी हॉकरों के जरिये सूचना मिलने पर गोविंद की पत्नी मीरा बदहवास दौड़ी चली आईं।
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गोविंद मूल रूप से हल्द्वानी के निवासी थे पर कई बरसों से बरेली में मकान बनाकर रह रहे थे। पर्वतीय परिवारों के तमाम लोग सांत्वना देने उनके घर पर उमड़ पड़े। बीटेक करने के बाद दिल्ली में कोचिंग कर रहे गोविंद के पुत्र धीरेंद्र ने पिता को मुखाग्नि दी। इंटर कर रही बेटी तनुजा का रो-रोकर बुरा हाल था।
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