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Bareilly News: धौंराटांडा में चावल इंडस्ट्री के लिए बनेगा अलग से विद्युत उपकेंद्र
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भोजीपुरा। चावल नगरी के नाम प्रसिद्ध कस्बा धौंराटांडा के राइस मिलर्स के समक्ष इन दिनों बिजली समस्या सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।बुधवार को बिजली निगम के मुख्य अधीक्षण अभियंता ने अपनी टीम के साथ बिजली उपकेंद्र के लिए प्रस्तावित जगह का निरीक्षण किया और राइस मिल चलाने वाले व्यापारियों से बातचीत की।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र की नगर पंचायत धौंराटांडा चावल नगरी में करीब 80 राइस मिल हैं। इसके छोटे-छोटे दर्जन भर से अधिक मिनी प्लांट व स्पेयलर लगे हैं। सभी उद्योग बिजली पर आधारित हैं। धौंराटांडा में बिजली उपकेंद्र की क्षमता से कहीं अधिक कनेक्शन हैं। यहां राइस मिले चलती हैं तो सामान्य उपभोक्ताओं की लाइन बिजली उपकेंद्र से काट दी जाती है, जब सामान्य उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है तो राइस मिलों की लाइन को बंद करना पड़ता है। राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष जुल्फिकार अहमद ने बिजली निगम के अधिकारियों को सुझाव दिया कि राइस मिल के लिए अलग से बिजली उपकेंद्र बनाया जाए। तभी समस्या का समाधान हो सकता है।
अधीक्षण अभियंता ज्ञानप्रकाश अपनी टीम के साथ नगर पंचायत द्वारा छोड़ी गई 10 बीघा जमीन का निरीक्षण किया। इसके बाद एग्रो राइस मिल के सभागार में सभी राइस मिलर्सों की समस्याओं को सुना। एसडीओ देवरनिया विशाल कंसल ने बताया कि राइस मिल चलाने वालों ने बताया कि अभी और कनेक्शन होना है। इसलिए शासन 2×10 क्षमता वाले बिजली उपकेंद्र के प्रपोजल शासन को भेजा जाएगा। संवाद
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भोजीपुरा थाना क्षेत्र की नगर पंचायत धौंराटांडा चावल नगरी में करीब 80 राइस मिल हैं। इसके छोटे-छोटे दर्जन भर से अधिक मिनी प्लांट व स्पेयलर लगे हैं। सभी उद्योग बिजली पर आधारित हैं। धौंराटांडा में बिजली उपकेंद्र की क्षमता से कहीं अधिक कनेक्शन हैं। यहां राइस मिले चलती हैं तो सामान्य उपभोक्ताओं की लाइन बिजली उपकेंद्र से काट दी जाती है, जब सामान्य उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है तो राइस मिलों की लाइन को बंद करना पड़ता है। राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष जुल्फिकार अहमद ने बिजली निगम के अधिकारियों को सुझाव दिया कि राइस मिल के लिए अलग से बिजली उपकेंद्र बनाया जाए। तभी समस्या का समाधान हो सकता है।
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अधीक्षण अभियंता ज्ञानप्रकाश अपनी टीम के साथ नगर पंचायत द्वारा छोड़ी गई 10 बीघा जमीन का निरीक्षण किया। इसके बाद एग्रो राइस मिल के सभागार में सभी राइस मिलर्सों की समस्याओं को सुना। एसडीओ देवरनिया विशाल कंसल ने बताया कि राइस मिल चलाने वालों ने बताया कि अभी और कनेक्शन होना है। इसलिए शासन 2×10 क्षमता वाले बिजली उपकेंद्र के प्रपोजल शासन को भेजा जाएगा। संवाद
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