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बरेली कालेज को ढर्रे पर लाने की कोशिश

Wed, 16 Jul 2014 05:34 AM IST
Bareilly
Bareilly Updated Wed, 16 Jul 2014 05:34 AM IST
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बरेेली। बरेली कॉलेज बोर्ड ऑफ कंट्रोल की बैठक में कॉलेज को एक बार फिर से उसकी पुरानी गरिमा देने पर खूब मंथन हुआ। पूर्व प्राचार्य निशाने पर रहे और पुराने व्यवस्थाओं पर कई सवाल उठे। पठन-पाठन और प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव आए। बोर्ड ने तय किया कि पठन पाठन का माहौल को बेहतर करने के लिए विद्यार्थियों 75 फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। तय हुआ कि इसके लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएगी। इस मशीन पर शिक्षकों की भी उपस्थिति रिकॉर्ड होगी। विद्यार्थियों-शिक्षकों की उपस्थिति की हर तीन महीने की रिपोर्ट कमिश्नर के पास जाएगी। कुछ सदस्यों ने मुद्दा उठाया कि कॉलेज के एक-एक सेक्शन में 150-150 से ज्यादा विद्यार्थी हैं, ऐसे में 75 फीसदी उपस्थिति कैसे हो पाएगी। इस पर कॉलेज में ईवनिंग क्लासेस शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।


अब ब्रांड एंबेसडर की तलाश
बरेली। बोर्ड ऑफ कंट्रोल के सचिव के चुनाव के बाद बोर्ड ऑफ कंट्रोल के नए सदस्य बनाने की चर्चा शुरू होते ही बोर्ड ऑफ कंट्रोल के अध्यक्ष एवं कमिश्नर के रवींद्रनायक ने कहा कि कोई ऐसा नाम बताइए जिसे सदस्य बनाने से बरेली कॉलेज बोर्ड ऑफ कंट्रोल गौरवान्वित महसूस करे। अगर अभी नहीं पता है तो खोजिए। शहर ही नहीं पूरे प्रदेश के किसी ऐसे शख्स को तलाश किया जा सकता है जिसके बोर्ड का सदस्य बनने से बरेली कॉलेज का मान बढ़े।
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अनुशासन को दुरुस्त करे मैनेजमेंट कमेटी
बरेली। बैठक में पठन-पाठन के माहौल पर बातचीत शुरू होने पर कमिश्नर जे रवींद्रनायक ने पिछले दिनों अखबारों में छपी एलएलबी के परीक्षार्थियों के कुलपति से अभद्रता करने की खबर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन विद्यार्थियों को देखें वे कौन थे, उन्हें निष्कासित करें। उन्हें प्रवेश ही न दें और अगर प्रवेश हो तो निरस्त कर दें। उन्होंने कहा कि बरेली कॉलेज की अनुशासन व्यवस्था लगातार बिगड़ी है। इसे अब मैनेजमेंट कमेटी मॉनीटर करे। तीन सदस्यों की कमेटी बनाई जाए जो प्राचार्य के साथ कॉलेज पर निगरानी रखे। अनुशासनहीनता करने वाले विद्यार्थियों को कॉलेज से तुरंत निष्कासित कर दिया जाए और उन पर तुरंत कार्रवाई हो। 75 फीसदी से कम उपस्थिति वालों को भी परीक्षा में बैठने की अनुमति न दी जाए।
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बाकी बजट का क्या करते हैं

बरेली। अनुदानित और स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों के खातों के वित्तीय वर्ष 2011-12, 2013-14 के वास्तविक आय-व्यय का विवरण बैठक में रखा गया तो आय और व्यय में बड़ा अंतर मिला। इस पर कमिश्नर के रवींद्र नायक बिफर गए। उन्होंने पूछा कि इतना ज्यादा अंतर कैसे है। बचे हुए बजट का क्या किया जाता है और उसका रिकॉर्ड कौन रखता है। उन्होंने कहा कि अगली बैठक तक स्पष्ट रूप से आय-व्यय का विवरण तैयार किया जाए ताकि गड़बड़ी पता चल सके। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ऐसे डिप्लोमा कोर्स चलाए जाएं जिनकी ज्यादा मांग है। इस पर फॉरेन लैंग्वेज का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने कहा कि अगली बैठक तक नए कोर्स का भी प्रस्ताव तैयार कर लिया जाए। बैठक हर चौथे महीने जरूर होगी। सवा दो साल बैठक नहीं हो पाई इसीलिए इतनी गड़बड़ियां हो गईं।
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पहले कसीदे, अब आरोप
बोर्ड ऑफ कंट्रोल की बैठक में पूर्व प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह वीरपाल सिंह यादव के खासतौर पर निशाने पर रहे। उन्होंने उन पर कई सवाल खड़े किए। पूर्व प्राचार्य की बर्खास्तगी के समय और उसके बाद कोर्ट में हुई कार्रवाई की जानकारी केसी पाराशरी ने दी। वीरपाल सिंह जब बार-बार पूर्व प्राचार्य के घपलों पर बोल रहे थे तो दिनेश जौहरी ने उन्हें रोकते हुए कहा- आप उनके बारे में अब ऐसा कह रहे हैं जबकि रिटायरमेंट के बाद कमेटी ने उन्हें लंच के साथ विदाई दी थी तो उसमें आपने ही उनकी तारीफ में कसीदे पढ़े थे। इस पर कमिश्नर ने यह कहते हुए जवाब दिया कि इंडियन कल्चर यही है कि हम सामने किसी को भला-बुरा नहीं कहते हैं। बैठक में दो सदस्य राकेश कुमार गुप्ता और एनसी मिश्रा के निधन पर शोक भी व्यक्त किया गया।

फोटो सहित इन्सेट प्रुमुखता से

डॉ. रजनी अग्रवाल बनीं नई सचिव

बरेली। बरेली कॉलेज के बोर्ड ऑफ कंट्रोल की नई सचिव डॉ. रजनी अग्रवाल होंगी। मंगलवार को हुई बोर्ड की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से चुना गया। इसके अलावा वरिष्ठ सदस्य वीर बहादुर सक्सेना उपाध्यक्ष और सपा के जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव एग्जीक्यूटिव पर्सन चुने गए। मैनेजमेंट कमेटी के 17 सदस्यों का भी चुनाव हो गया। अगली बैठक में इन्हीं सदस्यों में से मैनेजमेंट कमेटी के सचिव का चुनाव किया जाएगा।

बोर्ड ऑफ कंट्रोल की बैठक में डॉ. रजनी को नया सचिव चुने जाने के बाद कॉलेज में पठन-पाठन को बेहतर करने के मुद्दे रखे गए। सचिव देवमूर्ति ने बिल्डिंग और बजट के संबंध में मैनेजमेंट कमेटी के प्रस्ताव रखे जिन्हें बोर्ड ऑफ कंट्रोल ने मंजूरी दे दी। मैनेजमेंट कमेटी के लिए चुने गए 17 सदस्यों में वीर बहादुर सक्सेना, डॉ. दिनेश जौहरी, नरेंद्र कपूर, देवमूर्ति, सुभाष मेहरा, एमसी गुप्ता, जेएन सक्सेना, काजी अलीमउद्दीन, पीसी आजाद, अतुल कुमार, सौभाग्यवती गंगवार, अरुण गुप्ता, डॉ. एके चौहान, डॉ. विजय यादव, एम लईक अली खां, केसी पाराशरी, राधा अस्थाना शामिल हैं। इनमें पीसी आजाद और केसी पाराशरी नए सदस्य हैं। इन सदस्यों के चुनाव की स्वीकृति रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति करेंगे।
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