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पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए पूर्व रजिस्ट्रार को नोटिस
Bareilly
Updated Tue, 01 Jul 2014 05:33 AM IST
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फ्लैग: रुहेलखंड विश्वविद्यालय के फर्जी फार्म घोटाले में क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने तेजी पकड़ी
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के फर्जी फार्म घोटाले में क्राइम ब्रांच ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विवेचक यूएस त्रिपाठी ने पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. केएन पांडेय को पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर कोर्ट में पेश करके पॉलीग्राफी टेस्ट की अनुमति ली जाएगी। इस मामले में जेल जा चुके बुक सेलर नरेश विश्नोई खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। उसे हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिल पाई है। उधर, मुख्य आरोपी हिंदू कॉलेज के निवर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष गजेंद्र चौधरी को अदालत ने कुर्की का नोटिस जारी कर दिया है।
फर्जी फार्म बेचने के मामले में 12 दिसबंबर 2013 को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. केएन पांडेय ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने विवेचना के दौरान मुरादाबाद हिंदू कॉलेज के छात्रनेता गजेंद्र चौधरी और मुरादाबाद के बुक सेलर नरेश विश्नोई का नाम इस मामले में खोल दिया। बुक सेलर नरेश विश्नोई ने बताया था कि गजेंद्र ने ही फार्म बेचने के लिए उसे दिए थे। नरेश के खिलाफ विवेचक ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। लेकिन डिलारी (मुरादाबाद) के गांव ईलर के छात्र नेता गजेंद्र चौधरी और छजलैट (मुरादाबाद) के गांव नगला जोगराज निवासी उसका साथी रिंकू चौधरी अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
इस बीच अदालत ने गजेंद्र चौधरी को एक महीने के अंदर हाजिर होने का आदेश देते हुए कुर्की करने का नोटिस जारी कर दिया या है। पुलिस ने उसके घर नोटिस रिसीव करा दिया है। उसके साथी रिंकू की तलाश के लिए भी क्राइम ब्रांच दबिश दे रही है। क्राइम ब्रांच के विवेचक ने तत्कालीन रजिस्ट्रार और वादी डॉ. केएन पांडेय को भी इस मामले में संलिप्त मानते हुए उन्हें 26 जून को नोटिस जारी कर दिया है। इसमें उन्हें एक सप्ताह के अंदर कोर्ट के सामने पेश होने को कहा गया है। कोर्ट से इजाजत मिलने पर पूर्व रजिस्ट्रार का पॉलीग्राफ ी टेस्ट कराया जाएगा। एसपी क्राइम डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मेरठ में जिस प्रेस से फार्म छपवाए गए थे, उसके बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। प्रमाण मिलते ही आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के फर्जी फार्म घोटाले में क्राइम ब्रांच ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विवेचक यूएस त्रिपाठी ने पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. केएन पांडेय को पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें एक सप्ताह के अंदर कोर्ट में पेश करके पॉलीग्राफी टेस्ट की अनुमति ली जाएगी। इस मामले में जेल जा चुके बुक सेलर नरेश विश्नोई खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। उसे हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिल पाई है। उधर, मुख्य आरोपी हिंदू कॉलेज के निवर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष गजेंद्र चौधरी को अदालत ने कुर्की का नोटिस जारी कर दिया है।
फर्जी फार्म बेचने के मामले में 12 दिसबंबर 2013 को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. केएन पांडेय ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने विवेचना के दौरान मुरादाबाद हिंदू कॉलेज के छात्रनेता गजेंद्र चौधरी और मुरादाबाद के बुक सेलर नरेश विश्नोई का नाम इस मामले में खोल दिया। बुक सेलर नरेश विश्नोई ने बताया था कि गजेंद्र ने ही फार्म बेचने के लिए उसे दिए थे। नरेश के खिलाफ विवेचक ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। लेकिन डिलारी (मुरादाबाद) के गांव ईलर के छात्र नेता गजेंद्र चौधरी और छजलैट (मुरादाबाद) के गांव नगला जोगराज निवासी उसका साथी रिंकू चौधरी अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
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इस बीच अदालत ने गजेंद्र चौधरी को एक महीने के अंदर हाजिर होने का आदेश देते हुए कुर्की करने का नोटिस जारी कर दिया या है। पुलिस ने उसके घर नोटिस रिसीव करा दिया है। उसके साथी रिंकू की तलाश के लिए भी क्राइम ब्रांच दबिश दे रही है। क्राइम ब्रांच के विवेचक ने तत्कालीन रजिस्ट्रार और वादी डॉ. केएन पांडेय को भी इस मामले में संलिप्त मानते हुए उन्हें 26 जून को नोटिस जारी कर दिया है। इसमें उन्हें एक सप्ताह के अंदर कोर्ट के सामने पेश होने को कहा गया है। कोर्ट से इजाजत मिलने पर पूर्व रजिस्ट्रार का पॉलीग्राफ ी टेस्ट कराया जाएगा। एसपी क्राइम डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मेरठ में जिस प्रेस से फार्म छपवाए गए थे, उसके बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। प्रमाण मिलते ही आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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