{"_id":"120-72762","slug":"Bareilly-72762-120","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआरएमएस में हंगामा, तोड़फोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआरएमएस में हंगामा, तोड़फोड़
Bareilly
Updated Thu, 15 Aug 2013 05:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बाहर से खाना मंगाने पर एक छात्र को वार्डन के पीटने से भड़के छात्रों ने बुधवार देर शाम एसआरएमएस में बवाल कर दिया। छात्रों में गुस्सा इतना था कि वे अपने कमरों से निकल आए और उन्होंने हॉस्टल का फर्नीचर, एटीएम बूथ और बसों के शीशे तोड़ डाले। छात्रों ने गार्डों की भी पिटाई की। मौके पर पहुंचे पुलिस और पीएसी के जवानों ने किसी तरह स्थिति पर काबू किया।
मामला मंगलवार की शाम से ही भड़का हुआ था। कॉलेज की मेस में बने खाने में छिपकली निकलने को लेकर एसआरएमएस कॉलेज के सुभाष मेहरा, लक्ष्मी भूषण वार्ष्णेय और रेवती गर्ल्स हॉस्टलों में रहने वाले छात्र आक्रोशित थे। बुधवार की शाम को मेहरा हॉस्टल में रहने वाले इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के कई छात्रों ने कैंटीन के खाने का विरोध करते हुए बाहर से खाना मंगाना शुरू कर दिया। आरोप है कि बीटेक फाइनल का छात्र अमित पांडेय बाहर से खाना लेकर आ रहा था। वार्डन अमित शुक्ला ने उसे रोका। छात्र के नहीं मानने पर वार्डन ने उसको थप्पड़ मार दिया। आरोप है कि बाद में गार्डों ने भी छात्र को पीटा। इससे खफा हॉस्टल के तमाम छात्र इकट्ठा हो गए। कॉलेज के बाकी छात्र भी आ गए। उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी। गार्डों की भी पिटाई की। छात्रों का कहना था ‘कैंटीन में खाना अच्छा नहीं मिलेगा तो बाहर से मंगाकर ही पेट भरना पड़ेगा।’
घटना की सूचना पर इंस्पेक्टर भोजीपुरा जितेंद्र कुमार कौशल मौके पर पहुंचे और अफसरों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद शहर से भारी तादाद में पुलिस-पीएसी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद भी छात्रों को संभालना मुश्किल हो रहा था। डीन प्रभाकर गुप्ता, चीफ प्रॉक्टर अनंत श्रीवास्तव ने किसी तरह छात्रों को समझाया। इसके बाद भी काफी देर छात्र हंगामा करते रहे। एहतियातन कॉलेज में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। रात 12.30 बजे इंस्पेक्टर ने बताया कि फिलहाल कॉलेज में शांति है। बृहस्पतिवार को प्रबंधतंत्र और छात्रों के बीच बात कराकर मामला खत्म कराया जाएगा।
विज्ञापन
प्रथम सत्र की कक्षाओं में नए बच्चे आते हैं। सभी कॉलेज की तरह हमारे यहां भी रैगिंग रोकने के लिए कदम उठाए जाते हैं। बच्चे ग्रुप में न चले, इसके लिए सख्ती की जाती है। इसी वजह से वार्डन के साथ कहासुनी हुई। इसके बाद बात बढ़ गई थी, जिसके बाद बच्चे आक्रोशित हो गए। उन्होंने तोड़फोड़ की, परिसर में बैंक के पास लगा एटीएम भी तोड़ डाला। बच्चों को समझाया गया है कि वे हॉस्टल में रहें और सुबह मामला हमारे सामने रखें। हालांकि हमारे सभी संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। रही बात छिपकली की तो मैं बताना चाहूंगा कि ऐसा मामला हमारे सामने लाया ही नहीं गया। यदि खाने को लेकर कोई शिकायत थी तो हमें बताते, हम कार्रवाई करते। मगर इसके बजाए रात में साढ़े आठ-नौ बजेे तोड़फोड़ करना तो उचित नहीं है, आखिर सब पढ़े लिखे हैं। मेस में बच्चों के लिए जो खाना बनता है, वही हम सब खाते हैं, मैं भी और मेरे पिता भी।
-आदित्य मूर्ति, सचिव, एसआरएमएस ट्रस्ट
विज्ञापन
मामला मंगलवार की शाम से ही भड़का हुआ था। कॉलेज की मेस में बने खाने में छिपकली निकलने को लेकर एसआरएमएस कॉलेज के सुभाष मेहरा, लक्ष्मी भूषण वार्ष्णेय और रेवती गर्ल्स हॉस्टलों में रहने वाले छात्र आक्रोशित थे। बुधवार की शाम को मेहरा हॉस्टल में रहने वाले इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के कई छात्रों ने कैंटीन के खाने का विरोध करते हुए बाहर से खाना मंगाना शुरू कर दिया। आरोप है कि बीटेक फाइनल का छात्र अमित पांडेय बाहर से खाना लेकर आ रहा था। वार्डन अमित शुक्ला ने उसे रोका। छात्र के नहीं मानने पर वार्डन ने उसको थप्पड़ मार दिया। आरोप है कि बाद में गार्डों ने भी छात्र को पीटा। इससे खफा हॉस्टल के तमाम छात्र इकट्ठा हो गए। कॉलेज के बाकी छात्र भी आ गए। उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी। गार्डों की भी पिटाई की। छात्रों का कहना था ‘कैंटीन में खाना अच्छा नहीं मिलेगा तो बाहर से मंगाकर ही पेट भरना पड़ेगा।’
विज्ञापन
घटना की सूचना पर इंस्पेक्टर भोजीपुरा जितेंद्र कुमार कौशल मौके पर पहुंचे और अफसरों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद शहर से भारी तादाद में पुलिस-पीएसी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद भी छात्रों को संभालना मुश्किल हो रहा था। डीन प्रभाकर गुप्ता, चीफ प्रॉक्टर अनंत श्रीवास्तव ने किसी तरह छात्रों को समझाया। इसके बाद भी काफी देर छात्र हंगामा करते रहे। एहतियातन कॉलेज में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। रात 12.30 बजे इंस्पेक्टर ने बताया कि फिलहाल कॉलेज में शांति है। बृहस्पतिवार को प्रबंधतंत्र और छात्रों के बीच बात कराकर मामला खत्म कराया जाएगा।
विज्ञापन
प्रथम सत्र की कक्षाओं में नए बच्चे आते हैं। सभी कॉलेज की तरह हमारे यहां भी रैगिंग रोकने के लिए कदम उठाए जाते हैं। बच्चे ग्रुप में न चले, इसके लिए सख्ती की जाती है। इसी वजह से वार्डन के साथ कहासुनी हुई। इसके बाद बात बढ़ गई थी, जिसके बाद बच्चे आक्रोशित हो गए। उन्होंने तोड़फोड़ की, परिसर में बैंक के पास लगा एटीएम भी तोड़ डाला। बच्चों को समझाया गया है कि वे हॉस्टल में रहें और सुबह मामला हमारे सामने रखें। हालांकि हमारे सभी संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। रही बात छिपकली की तो मैं बताना चाहूंगा कि ऐसा मामला हमारे सामने लाया ही नहीं गया। यदि खाने को लेकर कोई शिकायत थी तो हमें बताते, हम कार्रवाई करते। मगर इसके बजाए रात में साढ़े आठ-नौ बजेे तोड़फोड़ करना तो उचित नहीं है, आखिर सब पढ़े लिखे हैं। मेस में बच्चों के लिए जो खाना बनता है, वही हम सब खाते हैं, मैं भी और मेरे पिता भी।
-आदित्य मूर्ति, सचिव, एसआरएमएस ट्रस्ट