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ढाई सौ कांवड़ियों के खिलाफ भमोरा थाने में मुकदमा
Bareilly
Updated Tue, 13 Aug 2013 05:37 AM IST
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बरेली। रामगंगा चौकी के पास डीजे के लिए बवाल करने के आरोपी ढाई सौ कांवड़ियों के खिलाफ भमोरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें भमोरा, बिरिया, महेशपुरा और भेटा गांव के कांवड़िये शामिल हैं। इस बीच जब्त डीजे वापस करने से मना करने पर सोमवार की सुबह कांवड़ियों ने देवचरा मोड़ पर जाम भी लगाया। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझा बुझाकर जाम खुलवाया।
कांवड़ियों के खिलाफ मुकदमा भमोरा एसओ राजवीर सिंह यादव की ओर से लिखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक चार गांव के करीब 250 कांवड़िया डीजे के साथ जलाभिषेक करने रविवार को बरेली शहर की ओर जा रहे थे। सरदार नगर चौकी के पास तिराहे पर पुलिस ने डीजे को रोकने की कोशिश की। काफी समझाने के बावजूद कांवड़िये नहीं माने और डीजे को लेकर आगे बढ़ गए। रामगंगा चौकी के पास पुलिस ने रोका तो कांवड़ियों ने बदायूं रोड पर जाम कर खूब बवाल किया। शाम सात बजे पुलिस ने कांवड़ियों के डीजे को जब्त कर लिए।
बदली पुलिस की कहानी
रविवार को दी जा रही सफाई और सोमवार को दर्ज मुकदमे में पुलिस की विरोधाभासी बातें सामने आई हैं। कुल मिलाकर पूरी कहानी पुलिस की खुद की लापरवाही और निष्क्रियता को दर्शा रही है। रविवार को एसओ राजवीर सिंह यादव ने एसएसपी को सफाई दी थी कि भमोरा के कांवड़िए जब उनके क्षेत्र से निकले थे तो उस समय डीजे नहीं था। जबकि सोमवार को दर्ज मुकदमे में एसओ ने खुद के द्वारा डीजे को रोकने की कोशिश की बात लिखी है। चौबीस घंटे में ही बदली इन बातों में से सही कौन सी है, यह तो पुलिस जानती होगी या फिर कांवड़िए।
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कांवड़ियों के खिलाफ मुकदमा भमोरा एसओ राजवीर सिंह यादव की ओर से लिखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक चार गांव के करीब 250 कांवड़िया डीजे के साथ जलाभिषेक करने रविवार को बरेली शहर की ओर जा रहे थे। सरदार नगर चौकी के पास तिराहे पर पुलिस ने डीजे को रोकने की कोशिश की। काफी समझाने के बावजूद कांवड़िये नहीं माने और डीजे को लेकर आगे बढ़ गए। रामगंगा चौकी के पास पुलिस ने रोका तो कांवड़ियों ने बदायूं रोड पर जाम कर खूब बवाल किया। शाम सात बजे पुलिस ने कांवड़ियों के डीजे को जब्त कर लिए।
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बदली पुलिस की कहानी
रविवार को दी जा रही सफाई और सोमवार को दर्ज मुकदमे में पुलिस की विरोधाभासी बातें सामने आई हैं। कुल मिलाकर पूरी कहानी पुलिस की खुद की लापरवाही और निष्क्रियता को दर्शा रही है। रविवार को एसओ राजवीर सिंह यादव ने एसएसपी को सफाई दी थी कि भमोरा के कांवड़िए जब उनके क्षेत्र से निकले थे तो उस समय डीजे नहीं था। जबकि सोमवार को दर्ज मुकदमे में एसओ ने खुद के द्वारा डीजे को रोकने की कोशिश की बात लिखी है। चौबीस घंटे में ही बदली इन बातों में से सही कौन सी है, यह तो पुलिस जानती होगी या फिर कांवड़िए।
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