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लालपुर में पब्लिक-पुलिस में संघर्ष
Bareilly
Updated Sun, 16 Jun 2013 05:31 AM IST
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बरेली। बड़ा बाईपास के रास्ते में आ रहे लालपुर गांव में शनिवार को मिट्टी डाले जाने के समय पुलिस और पब्लिक के बीच संघर्ष हो गया। इसमें एक दरोगा और दो सिपाहियों के घायल होने पर पुलिस ने घरों में घुसकर तोड़फोड़ कर डाली। इस संघर्ष में कुछ निर्दोष ग्रामीण भी पुलिस के गुस्से का शिकार हुए।
लालपुर गांव में जमीन के लिए 28 लोगों ने एक साथ करार किया था। इनमें से कुछ लोग मुआवजे की रकम भी ले चुके हैं, जबकि बाकी लोगों को लग रहा है कि मुआवजे की रकम बढ़ सकती है। इसलिए वे अभी अपनी जमीन पर काम नहीं होना देना चाहते। इसी के चलते 28 मई को भी टकराव की नौबत आई थी और मामला टाल दिया गया था। अब मुख्यमंत्री का दौरा निपटने के बाद प्रशासन ने फिर काम आगे बढ़ाने की अनुमति दी। शनिवार को पीएसी और पुलिस की मौजूदगी में सुबह करीब 11 बजे से काम शुरू हुआ। दोपहर करीब एक बजे टकराव की स्थिति आ गई। बताते हैं कि लालपुर के साथ ही आसपास के कुम्हरा व कचौली गांव के लोग काफी संख्या में वहां पहुंच गए। काम बंद कराने को लेकर वहां मौजूद कर्मचारियों से उनका विवाद हो गया। उस समय पीएसी जवान खाना खा रहे थे इसलिए गांव वालों को मौका मिल गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। सूचना मिलने पर इज्जतनगर एसओ हरेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। फिर तो पुलिस ने जमकर अपने हाथ दिखाए। मौके पर भगदड़ मचते ही सारे ग्रामीण लालपुर गांव की ओर भागे। ईंट-पत्थर चलने से एक जेसीबी मशीन का शीशा टूट गया और एसआई जेपी बंसला, सिपाही संजय कुमार और फूल सिंह को चोटें लगी। माहौल को देखते ही मौके पर पीएसी के और जवान बुला लिये गए। इसके बाद पुलिस ने लालपुर गांव के कई घरों में तोड़फोड़ की। गांव के रमेश चंद्र, उमेश चंद्र, राजकुमारी, मोरकली, विजय, नरेंद्र सिंह, महेंद्र, सरला और पातीराम ने बिना वजह उनके घरों में तोड़फोड़ का आरोप लगाया। बाद में घायल पुलिस कर्मियों का जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। दरोगा बंसला के हाथ में फ्रैक्चर का संदेह है, इसकी पुष्टि के लिए एक्स-रे की सलाह दी गई है। एसओ इज्जतनगर के मुताबिक बाईपास बना रही कंपनी एप्को के नीरज कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, इसमें 15 लोग नामजद किए गए हैं, जबकि काफी अज्ञात दर्शाए गए हैं।
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मौके पर शांतिपूर्वक काम चल रहा था, मगर अचानक पीएसी जवानों पर हमला कर दिया गया। इसी के बाद संघर्ष की नौबत आई। जबकि गांव के किसी घर में पुलिस ने कोई तोड़फोड़ नहीं की है। -हरेंद्र सिंह, एसओ इज्जतनगर
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लालपुर में करार तो सभी किसानों ने कर दिया है, अब चार-छह को लग रहा है कि विरोध करके मुआवजा बढ़वा लेंगे। यदि किसानों को लगता था कि गलत मुआवजा मिला है तो वे अपनी बात रख सकते थे। मगर वे लोग विरोध पर उतारू हैं, जबकि अब यह काम तो रुकने वाला है नहीं। नियमानुसार ही सारा काम हो रहा है, जमीन पर कब्जा तो बहुत पहले ही एनएचएआई के कब्जे में हो चुका है। करार होने के बाद तो कोई दिक्कत ही नहीं थी। चूंकि बात बढ़ गई है, इसलिए अब गांव के लोगों को समझा-बुझाकर ही काम कराया जाएगा। - लक्ष्मी शंकर सिंह, एसएलएओ
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मेरा तो कोई लेना देना ही नहीं
लालपुर के पातीराम ने बताया कि बड़े बाईपास के लिए उनकी जमीन नहीं ली गई है। उनका विरोध प्रदर्शन से कोई लेना देना भी नहीं था। इसके बावजूद पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ दिया। यही नहीं जाते वक्त पुलिस ने यहां तक कहा कि वे मकान नींव तक उखाड़ डालेंगे।
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मोबाइल व कुंडल लूटने का आरोप
गांव के विजय ने आरोप लगाया पुलिस उनका मोबाइल फोन और घर के बाहर खड़ी तीन बाइक उठा ले गए। वहीं मोरकली ने आरोप लगाया कि उनकी देवरानी राजकुमारी का कुंडल भी पुलिस वालों ने खींच लिया।
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लालपुर गांव में जमीन के लिए 28 लोगों ने एक साथ करार किया था। इनमें से कुछ लोग मुआवजे की रकम भी ले चुके हैं, जबकि बाकी लोगों को लग रहा है कि मुआवजे की रकम बढ़ सकती है। इसलिए वे अभी अपनी जमीन पर काम नहीं होना देना चाहते। इसी के चलते 28 मई को भी टकराव की नौबत आई थी और मामला टाल दिया गया था। अब मुख्यमंत्री का दौरा निपटने के बाद प्रशासन ने फिर काम आगे बढ़ाने की अनुमति दी। शनिवार को पीएसी और पुलिस की मौजूदगी में सुबह करीब 11 बजे से काम शुरू हुआ। दोपहर करीब एक बजे टकराव की स्थिति आ गई। बताते हैं कि लालपुर के साथ ही आसपास के कुम्हरा व कचौली गांव के लोग काफी संख्या में वहां पहुंच गए। काम बंद कराने को लेकर वहां मौजूद कर्मचारियों से उनका विवाद हो गया। उस समय पीएसी जवान खाना खा रहे थे इसलिए गांव वालों को मौका मिल गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। सूचना मिलने पर इज्जतनगर एसओ हरेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। फिर तो पुलिस ने जमकर अपने हाथ दिखाए। मौके पर भगदड़ मचते ही सारे ग्रामीण लालपुर गांव की ओर भागे। ईंट-पत्थर चलने से एक जेसीबी मशीन का शीशा टूट गया और एसआई जेपी बंसला, सिपाही संजय कुमार और फूल सिंह को चोटें लगी। माहौल को देखते ही मौके पर पीएसी के और जवान बुला लिये गए। इसके बाद पुलिस ने लालपुर गांव के कई घरों में तोड़फोड़ की। गांव के रमेश चंद्र, उमेश चंद्र, राजकुमारी, मोरकली, विजय, नरेंद्र सिंह, महेंद्र, सरला और पातीराम ने बिना वजह उनके घरों में तोड़फोड़ का आरोप लगाया। बाद में घायल पुलिस कर्मियों का जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। दरोगा बंसला के हाथ में फ्रैक्चर का संदेह है, इसकी पुष्टि के लिए एक्स-रे की सलाह दी गई है। एसओ इज्जतनगर के मुताबिक बाईपास बना रही कंपनी एप्को के नीरज कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, इसमें 15 लोग नामजद किए गए हैं, जबकि काफी अज्ञात दर्शाए गए हैं।
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मौके पर शांतिपूर्वक काम चल रहा था, मगर अचानक पीएसी जवानों पर हमला कर दिया गया। इसी के बाद संघर्ष की नौबत आई। जबकि गांव के किसी घर में पुलिस ने कोई तोड़फोड़ नहीं की है। -हरेंद्र सिंह, एसओ इज्जतनगर
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लालपुर में करार तो सभी किसानों ने कर दिया है, अब चार-छह को लग रहा है कि विरोध करके मुआवजा बढ़वा लेंगे। यदि किसानों को लगता था कि गलत मुआवजा मिला है तो वे अपनी बात रख सकते थे। मगर वे लोग विरोध पर उतारू हैं, जबकि अब यह काम तो रुकने वाला है नहीं। नियमानुसार ही सारा काम हो रहा है, जमीन पर कब्जा तो बहुत पहले ही एनएचएआई के कब्जे में हो चुका है। करार होने के बाद तो कोई दिक्कत ही नहीं थी। चूंकि बात बढ़ गई है, इसलिए अब गांव के लोगों को समझा-बुझाकर ही काम कराया जाएगा। - लक्ष्मी शंकर सिंह, एसएलएओ
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मेरा तो कोई लेना देना ही नहीं
लालपुर के पातीराम ने बताया कि बड़े बाईपास के लिए उनकी जमीन नहीं ली गई है। उनका विरोध प्रदर्शन से कोई लेना देना भी नहीं था। इसके बावजूद पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ दिया। यही नहीं जाते वक्त पुलिस ने यहां तक कहा कि वे मकान नींव तक उखाड़ डालेंगे।
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मोबाइल व कुंडल लूटने का आरोप
गांव के विजय ने आरोप लगाया पुलिस उनका मोबाइल फोन और घर के बाहर खड़ी तीन बाइक उठा ले गए। वहीं मोरकली ने आरोप लगाया कि उनकी देवरानी राजकुमारी का कुंडल भी पुलिस वालों ने खींच लिया।