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नौकरी पाने की चाह में कबूतरबाजों के जाल में फंसा युवक
Bareilly
Updated Thu, 04 Apr 2013 05:30 AM IST
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बरेली। कर्ज लेकर दुबई नौकरी पाने गए एक युवक को कबूतरबाज और उसके साथियों ने जमकर पीटा। 55 दिन तक भटकने के बाद बरेली के ही कारीगरों ने उसकी मदद की और चंदा करके उसे दिल्ली का टिकट दिलवाया। कबूतरबाजों के जाल फंसा यह युवक बुधवार को शहर आते ही एसएसपी आवास पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। आरोपियों ने उसे वर्क वीजा के बजाय टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया था।
कोतवाली के बिहारीपुर कोरालान निवासी इलेक्ट्रीशियन आसिफ अली रबर फैक्ट्री बंद होने के बाद बेरोजगार हो गए। जनवरी 2013 को उनकी मुलाकात रीठा शराब भट्ठी मठ के शाहबेज खान से हुई। शाहबेज ने बताया कि उसका साला इकराम दुबई में रहता है और उसे नौकरी दिला देगा। विदेश में नौकरी पाने की चाह में आसिफ ने बहने का जेवर बेचा और कुछ कर्ज लेकर 90 हजार रुपये शाहबेज को दे दिए, लेकिन उसने वर्क वीजा के बजाय सैविक्स ट्रैवल प्राइवेट लिमिटेड बटलर प्लाजा से टूरिस्ट वीजा पर दुबई का टिकट बनवा दिया।
नहीं लौटा इकराम
तीन फरवरी को दुबई एयरपोर्ट पर इकराम ने आसिफ को रिसीव किया और पास के होटल में ले गया। नाश्ता कराने के बाद इकराम ने उससे 20 हजार रुपये और ले लिए और थोड़ी देर बाद आने को कहकर चला गया, लेकिन वापस नहीं आया। शाम होने पर होटल के कर्मचारियों ने भी उसे कमरे से निकाल दिया।
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‘अपने’ ही आए काम
आसिफ ने बताया कि इस घटना के बाद लगा कि जैसे मेरे सारे सपने टूट गए। घर कैसे जाऊंगा, इस चिंता में भटकता रहा। इस बीच हार्टमैन इलाके के जरी कारीगर शानू, सलीम और आरिफ से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने अपना दर्द सुनाया तो तीनों उसे डेरा स्थित अपने कमरे पर ले गए। इसके बाद उसने नौकरी तलाश की, लेकिन वर्क वीजा न होने की वजह से किसी ने मौका नहीं दिया। इस बीच इकराम से फोन पर बात हुई तो उसने पुलिस से शिकायत करने की धमकी दे डाली। शाहबेज भी दुबई पहुंच चुका था। दोनों ने बरेली फोन कर आसिफ के भाई से घर का पता पूछा और गुंडों की मदद से उसकी जमकर पिटाई की। 55 दिन की मुसीबत झेलने के बाद शानू और उसके साथियों ने चंदा कर उसे दिल्ली का टिकट कराकर वतन भेज दिया।
आसिफ की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - आकाश कुलहरि, एसएसपी
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कोतवाली के बिहारीपुर कोरालान निवासी इलेक्ट्रीशियन आसिफ अली रबर फैक्ट्री बंद होने के बाद बेरोजगार हो गए। जनवरी 2013 को उनकी मुलाकात रीठा शराब भट्ठी मठ के शाहबेज खान से हुई। शाहबेज ने बताया कि उसका साला इकराम दुबई में रहता है और उसे नौकरी दिला देगा। विदेश में नौकरी पाने की चाह में आसिफ ने बहने का जेवर बेचा और कुछ कर्ज लेकर 90 हजार रुपये शाहबेज को दे दिए, लेकिन उसने वर्क वीजा के बजाय सैविक्स ट्रैवल प्राइवेट लिमिटेड बटलर प्लाजा से टूरिस्ट वीजा पर दुबई का टिकट बनवा दिया।
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नहीं लौटा इकराम
तीन फरवरी को दुबई एयरपोर्ट पर इकराम ने आसिफ को रिसीव किया और पास के होटल में ले गया। नाश्ता कराने के बाद इकराम ने उससे 20 हजार रुपये और ले लिए और थोड़ी देर बाद आने को कहकर चला गया, लेकिन वापस नहीं आया। शाम होने पर होटल के कर्मचारियों ने भी उसे कमरे से निकाल दिया।
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‘अपने’ ही आए काम
आसिफ ने बताया कि इस घटना के बाद लगा कि जैसे मेरे सारे सपने टूट गए। घर कैसे जाऊंगा, इस चिंता में भटकता रहा। इस बीच हार्टमैन इलाके के जरी कारीगर शानू, सलीम और आरिफ से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने अपना दर्द सुनाया तो तीनों उसे डेरा स्थित अपने कमरे पर ले गए। इसके बाद उसने नौकरी तलाश की, लेकिन वर्क वीजा न होने की वजह से किसी ने मौका नहीं दिया। इस बीच इकराम से फोन पर बात हुई तो उसने पुलिस से शिकायत करने की धमकी दे डाली। शाहबेज भी दुबई पहुंच चुका था। दोनों ने बरेली फोन कर आसिफ के भाई से घर का पता पूछा और गुंडों की मदद से उसकी जमकर पिटाई की। 55 दिन की मुसीबत झेलने के बाद शानू और उसके साथियों ने चंदा कर उसे दिल्ली का टिकट कराकर वतन भेज दिया।
आसिफ की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - आकाश कुलहरि, एसएसपी