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जिला जेल में संदिग्ध हालात में बंदी की मौत
Bareilly
Updated Thu, 07 Mar 2013 05:32 AM IST
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बरेली। जिला जेल में बंद दुराचार के एक आरोपी की संदिग्ध हालात में बुधवार को मौत हो गई। इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचे उसके घर वालों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने आंवला से भाजपा विधायक धर्मपाल पर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने और फिर जेल में मरवा देने का आरोप लगाया। एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने भारी फोर्स के साथ पहुंचकर स्थिति संभाली। देर शाम हुए पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ, जिसके बाद विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
अलीगंज के गैनी गांव में रहने वाले मेहंदी हसन का 38 वर्षीय बेटा छोटा उर्फ जहीर हुसैन दुराचार के मामले में जिला कारागार में बंद था। जेलर पीपी सिंह के मुताबिक बुधवार सुबह अचानक उसकी तबियत खराब हुई तो उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉ. हर्षवर्धन सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेलर ने थाना अलीगंज के माध्यम से परिजनों को सूचना दी तो वे जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा करते हुए आंवला के भाजपा विधायक धर्मपाल सिंह पर साजिश के तहत छोटा को दुराचार के मामले में फंसाने का आरोप लगाया। मां रहीसन ने आरोप लगाया कि विधायक धर्मपाल ने उनके बेटे को जेल में मरवा दिया।
काफी देर हंगामे के बाद एसपी सिटी पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को किसी तरह समझा बुझाकर शांत किया। तनाव देखते हुए अस्पताल और गैनी गांव में भारी फोर्स तैनात कर दी गई। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया। बता दें कि गैनी गांव में आठ फरवरी को एक लड़की के दुराचार के मामले में छोटा और गांव के अफजाल पर दुराचार व जान से मारने की धमकी का मुकदमा अलीगंज थाने में दर्ज किया गया था। नौ फरवरी को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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छोटा को हमने नहीं फंसाया बल्कि ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ा था। अलीगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। भाजपा का विधायक होने के कारण विरोधी साजिश के तहत यह आरोप लगा रहे हैं। छोटा के परिजनों के आरोप निराधार हैं। -धर्मपाल सिंह, भाजपा विधायक आंवला
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छोटा को हाइपर टेंशन की दिक्कत पहले से थी। बुधवार को अचानक हाथ और सीने में दर्द की शिकायत होने पर जेल के चिकित्सक ने उसे देखा। हालत गंभीर होने पर तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। -आरके मिश्र, अधीक्षक जिला जेल
बंदी के मौत में साइड न्यूज.........
आठ महीने पहले ही हुई थी शादी
छोटा की शादी आठ महीने पहले ही मीरगंज की तरन्नुम से हुई थी। घर वाले उसकी जमानत के लिए न्यायालय में चक्कर लगा रहे थे कि अचानक बुधवार को उसकी मौत की सूचना आई तो परिवार में हाहाकार मच गया। जिला अस्पताल में पहुंची पत्नी तरन्नुम बिलखते हुए बार-बार बेहोश हो जा रही थी। किसी परिवार के दूसरे सदस्य खुद को संभाले हुए थे।
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पुलिस को करनी पड़ी खुशामद
जिला अस्पताल की मोर्चरी से शव निकालने के बाद छोटा के घर वाले उसके पास बैठकर विलाप करने लगे। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद जब शव को सील करना चाहा तो उन्होंने शव देने से इन्कार कर दिया। कहा, पहले मारने वालों को पकड़कर लाओ तब शव ले जाना। एक बार तो मां ने पोस्टमार्टम कराने से ही मना कर दिया। पुलिस के काफी खुशामद पर परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए शव जाने दिया।
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कल तो सही-सलामत देखा था
छोटा से मिलने के लिए मंगलवार को भाई तैय्यब गांव के ही माइकल के साथ जिला कारागार गया था। तैय्यब ने बताया कि जब वह जेल गए थे तो भाई ने कोई परेशानी नहीं बताई थी। न ही उसे देखने से ऐसी कोई बात लग रही थी कि उसकी जान चली जाएगी। अचानक बुधवार को खबर मिलते ही परिजनों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि अब छोटा उनके बीच नहीं रहा।
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सब कुछ तबाह हो जाए ‘उनका’
मां तो आखिर मां होती है। छोटा की मौत के बाद मां रहीसन विलाप करते हुए जमीन पर बिछी जा रही थीं। उनका आरोप था कि भाजपा विधायक धर्मपाल की शह पर दुराचार का झूठा मुकदमा लिखा गया। उन्हीं के इशारे में उनके बेटे की जिला कारागार में हत्या कर दी गई। रहीसन ने कहा कि उनका सब कुछ तबाह हो जाए, जिनका मेरे बेटे को मारने के पीछे हाथ है।
बंदी छोटा की खबर में टाइम लाइन
11:45 - छोटा ने हाथ और सीने में दर्द की शिकायत की।
11:47 - जेल के डॉक्टर ने छोटा का चेकअप किया।
11:49 - जेल अधीक्षक ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा।
11:55 - जिला अस्पताल में चिकित्सक ने छोटा को मृत घोषित किया।
12:00 - अलीगंज थाने के माध्यम से परिजनों को मौत की सूचना दी गई।
01:15 - परिजन पहुंचे और लाश को देखने की जिद करने लगे।
01:30 - मोर्चरी खोलकर लाश परिजनों को दिखाई गई।
01:40 - मौत को हत्या बताते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
03:30 - शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस वाहन से ले जाया गया।
08:00 - पोस्टमार्टम के बाद शव को गैनी गांव पुलिस सुरक्षा के बीच भेजा गया।
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अभी दाखिल नहीं हुई चार्जशीट
एसओ अलीगंज कमरुल हसन ने बताया कि आठ फरवरी को लड़की के बयान के आधार पर दुराचार की रिपोर्ट छोटा और अफजाल के खिलाफ दर्ज की गई थी। दोनों को दूसरे दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में चिकित्सक ने स्पष्ट टिप्पणी नहीं की थी। विवेचना वह खुद कर रहे हैं। छोटा और अफजाल को आरोपी पाया गया। अभी विवेचना चल रही है और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं की गई है।
जेल में बंदी की मौत पर डीएम का पक्ष
सूचना पाकर मौके पर गया था। जेल में बंदी की हुई मौत की पोस्टमार्टम को तीन डाक्टरों का पैनल गठित कर दिया है। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट मिलते ही जिला जज को रिपोर्ट भेंजेगे। उसमें उनसे घटना की न्यायिक जांच कराने की सिफारिश की जायेगी। -- अभिषेक प्रकाश, डीएम
अलीगंज के गैनी गांव में रहने वाले मेहंदी हसन का 38 वर्षीय बेटा छोटा उर्फ जहीर हुसैन दुराचार के मामले में जिला कारागार में बंद था। जेलर पीपी सिंह के मुताबिक बुधवार सुबह अचानक उसकी तबियत खराब हुई तो उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉ. हर्षवर्धन सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेलर ने थाना अलीगंज के माध्यम से परिजनों को सूचना दी तो वे जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा करते हुए आंवला के भाजपा विधायक धर्मपाल सिंह पर साजिश के तहत छोटा को दुराचार के मामले में फंसाने का आरोप लगाया। मां रहीसन ने आरोप लगाया कि विधायक धर्मपाल ने उनके बेटे को जेल में मरवा दिया।
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काफी देर हंगामे के बाद एसपी सिटी पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को किसी तरह समझा बुझाकर शांत किया। तनाव देखते हुए अस्पताल और गैनी गांव में भारी फोर्स तैनात कर दी गई। शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया। बता दें कि गैनी गांव में आठ फरवरी को एक लड़की के दुराचार के मामले में छोटा और गांव के अफजाल पर दुराचार व जान से मारने की धमकी का मुकदमा अलीगंज थाने में दर्ज किया गया था। नौ फरवरी को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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छोटा को हमने नहीं फंसाया बल्कि ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ा था। अलीगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। भाजपा का विधायक होने के कारण विरोधी साजिश के तहत यह आरोप लगा रहे हैं। छोटा के परिजनों के आरोप निराधार हैं। -धर्मपाल सिंह, भाजपा विधायक आंवला
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छोटा को हाइपर टेंशन की दिक्कत पहले से थी। बुधवार को अचानक हाथ और सीने में दर्द की शिकायत होने पर जेल के चिकित्सक ने उसे देखा। हालत गंभीर होने पर तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। -आरके मिश्र, अधीक्षक जिला जेल
बंदी के मौत में साइड न्यूज.........
आठ महीने पहले ही हुई थी शादी
छोटा की शादी आठ महीने पहले ही मीरगंज की तरन्नुम से हुई थी। घर वाले उसकी जमानत के लिए न्यायालय में चक्कर लगा रहे थे कि अचानक बुधवार को उसकी मौत की सूचना आई तो परिवार में हाहाकार मच गया। जिला अस्पताल में पहुंची पत्नी तरन्नुम बिलखते हुए बार-बार बेहोश हो जा रही थी। किसी परिवार के दूसरे सदस्य खुद को संभाले हुए थे।
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पुलिस को करनी पड़ी खुशामद
जिला अस्पताल की मोर्चरी से शव निकालने के बाद छोटा के घर वाले उसके पास बैठकर विलाप करने लगे। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद जब शव को सील करना चाहा तो उन्होंने शव देने से इन्कार कर दिया। कहा, पहले मारने वालों को पकड़कर लाओ तब शव ले जाना। एक बार तो मां ने पोस्टमार्टम कराने से ही मना कर दिया। पुलिस के काफी खुशामद पर परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए शव जाने दिया।
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कल तो सही-सलामत देखा था
छोटा से मिलने के लिए मंगलवार को भाई तैय्यब गांव के ही माइकल के साथ जिला कारागार गया था। तैय्यब ने बताया कि जब वह जेल गए थे तो भाई ने कोई परेशानी नहीं बताई थी। न ही उसे देखने से ऐसी कोई बात लग रही थी कि उसकी जान चली जाएगी। अचानक बुधवार को खबर मिलते ही परिजनों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि अब छोटा उनके बीच नहीं रहा।
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सब कुछ तबाह हो जाए ‘उनका’
मां तो आखिर मां होती है। छोटा की मौत के बाद मां रहीसन विलाप करते हुए जमीन पर बिछी जा रही थीं। उनका आरोप था कि भाजपा विधायक धर्मपाल की शह पर दुराचार का झूठा मुकदमा लिखा गया। उन्हीं के इशारे में उनके बेटे की जिला कारागार में हत्या कर दी गई। रहीसन ने कहा कि उनका सब कुछ तबाह हो जाए, जिनका मेरे बेटे को मारने के पीछे हाथ है।
बंदी छोटा की खबर में टाइम लाइन
11:45 - छोटा ने हाथ और सीने में दर्द की शिकायत की।
11:47 - जेल के डॉक्टर ने छोटा का चेकअप किया।
11:49 - जेल अधीक्षक ने हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा।
11:55 - जिला अस्पताल में चिकित्सक ने छोटा को मृत घोषित किया।
12:00 - अलीगंज थाने के माध्यम से परिजनों को मौत की सूचना दी गई।
01:15 - परिजन पहुंचे और लाश को देखने की जिद करने लगे।
01:30 - मोर्चरी खोलकर लाश परिजनों को दिखाई गई।
01:40 - मौत को हत्या बताते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
03:30 - शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस वाहन से ले जाया गया।
08:00 - पोस्टमार्टम के बाद शव को गैनी गांव पुलिस सुरक्षा के बीच भेजा गया।
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अभी दाखिल नहीं हुई चार्जशीट
एसओ अलीगंज कमरुल हसन ने बताया कि आठ फरवरी को लड़की के बयान के आधार पर दुराचार की रिपोर्ट छोटा और अफजाल के खिलाफ दर्ज की गई थी। दोनों को दूसरे दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में चिकित्सक ने स्पष्ट टिप्पणी नहीं की थी। विवेचना वह खुद कर रहे हैं। छोटा और अफजाल को आरोपी पाया गया। अभी विवेचना चल रही है और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं की गई है।
जेल में बंदी की मौत पर डीएम का पक्ष
सूचना पाकर मौके पर गया था। जेल में बंदी की हुई मौत की पोस्टमार्टम को तीन डाक्टरों का पैनल गठित कर दिया है। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट मिलते ही जिला जज को रिपोर्ट भेंजेगे। उसमें उनसे घटना की न्यायिक जांच कराने की सिफारिश की जायेगी। -- अभिषेक प्रकाश, डीएम