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..वह शख्स मेरी नजरों में सुन्नी खरा नहीं
Bareilly
Updated Tue, 08 Jan 2013 05:30 AM IST
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बरेली। परचम कुशाई की रस्म अदा होने के बाद शुरू हुए उर्स-ए-रजवी मेें रात को दरगाह आला हजरत से सज्जादानशीन सुब्हानी मियां से पैगाम के साथ मुशायरे का आगाज हुआ।
मुफ्ती सलीम नूरी ने साहिबे सज्जादा का पैगाम सुनाते हुए कहा कि कोई भी शोहरा मंच से किसी सुन्नी खानकाह या इदारे के खिलाफ टीका टिप्पणी न करे। मुशायरे की शुरूआत में कारी जिक्रउल्लाह कादरी ने अपना कलाम पढ़ते हुए कहा कि-जो गैव दॉ नबी को कभी मानता नहीं, सजदे करे वो लाख कोई फायदा नहीं। मकबूल कैसे होगा वह अल्लाह के हुजूर, ऐ शौक-ए-दिल सजदा गर उनको रवां नहीं। शायर नादिर जमाली बनारसी ने कहा कि-सीने में जिसके लज्जते इश्के रजा नहीं, वह शख्स मेरी नजरों में सुन्नी खरा नहीं। उनको जो हो पसंद वह सजदा करो नादिर, ऐ शौक-ए-दिल ये सजदा गर उनको रवा नहीं। इसके अलावा शकील असर नूरानी, अजहर फारूकी, फिरोज राहत, जीशान, असजद, दिलकश, अब्दुल वकील, नवाब हसन आदि ने अपने कलाम पेश किए।
मुशायरे की निजामत मौलाना आसिफ इलाहाबादी औप हसन रजा अतहर ने किया। मुशायरे की सदारत नायब सज्जादानशीन हजरत मौलाना अहसन रजा खां कादरी ने की। इस मौके पर डा. एजाज अंजुम, कारी सईद खां,मुफ्ती अय्यूब अली, मौलाना खुर्शीद, मौलाना सैयद शाकिर अली, मौलाना रिजवान नूरी, मौलाना जिक्र उल्लाह, मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी, उर्स उप प्रभारी हाजी जावेद खान, अफरोज खां, शाहिद खान, अजमल नूरी, ताहिर अल्वी, मोहसिन रजा, शाहिद नूरी आदि मौजूद रहे।
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उर्स में आज का कार्यक्रम
-मंगलवार को बाद नमाज-ए-फज्र कुरानख्वानी होगी। सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर रेहान-ए-मिल्लत के 28वें कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। बाद नमाज के मगरिब मिलाद शरीफ होगी। बाद नमाज के इशां देश विदेश से आए तमाम उलेमा तकरीर करेंगे। रात को एक बजकर 40 मिनट पर मुफ्ती आजम हिंद के कुल शरीफ की फातिहा होगी। तकरीर रात भर चलती रहेगी।
मुफ्ती सलीम नूरी ने साहिबे सज्जादा का पैगाम सुनाते हुए कहा कि कोई भी शोहरा मंच से किसी सुन्नी खानकाह या इदारे के खिलाफ टीका टिप्पणी न करे। मुशायरे की शुरूआत में कारी जिक्रउल्लाह कादरी ने अपना कलाम पढ़ते हुए कहा कि-जो गैव दॉ नबी को कभी मानता नहीं, सजदे करे वो लाख कोई फायदा नहीं। मकबूल कैसे होगा वह अल्लाह के हुजूर, ऐ शौक-ए-दिल सजदा गर उनको रवां नहीं। शायर नादिर जमाली बनारसी ने कहा कि-सीने में जिसके लज्जते इश्के रजा नहीं, वह शख्स मेरी नजरों में सुन्नी खरा नहीं। उनको जो हो पसंद वह सजदा करो नादिर, ऐ शौक-ए-दिल ये सजदा गर उनको रवा नहीं। इसके अलावा शकील असर नूरानी, अजहर फारूकी, फिरोज राहत, जीशान, असजद, दिलकश, अब्दुल वकील, नवाब हसन आदि ने अपने कलाम पेश किए।
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मुशायरे की निजामत मौलाना आसिफ इलाहाबादी औप हसन रजा अतहर ने किया। मुशायरे की सदारत नायब सज्जादानशीन हजरत मौलाना अहसन रजा खां कादरी ने की। इस मौके पर डा. एजाज अंजुम, कारी सईद खां,मुफ्ती अय्यूब अली, मौलाना खुर्शीद, मौलाना सैयद शाकिर अली, मौलाना रिजवान नूरी, मौलाना जिक्र उल्लाह, मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी, उर्स उप प्रभारी हाजी जावेद खान, अफरोज खां, शाहिद खान, अजमल नूरी, ताहिर अल्वी, मोहसिन रजा, शाहिद नूरी आदि मौजूद रहे।
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उर्स में आज का कार्यक्रम
-मंगलवार को बाद नमाज-ए-फज्र कुरानख्वानी होगी। सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर रेहान-ए-मिल्लत के 28वें कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। बाद नमाज के मगरिब मिलाद शरीफ होगी। बाद नमाज के इशां देश विदेश से आए तमाम उलेमा तकरीर करेंगे। रात को एक बजकर 40 मिनट पर मुफ्ती आजम हिंद के कुल शरीफ की फातिहा होगी। तकरीर रात भर चलती रहेगी।