फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   प्रदूषित रामगंगा में डुबकी लगाएंगे हजारों लोग

प्रदूषित रामगंगा में डुबकी लगाएंगे हजारों लोग

Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
Bareilly
Bareilly Updated Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन

बरेली। आस्था का तकाजा है कि कार्तिक पूर्णिमा पर रामगंगा में स्नान के लिए लोगों के चौबारी मेले में पहुंचने का सिलसिला टूटने का नाम नहीं ले रहा। रामगंगा तट की ओर जाने वाले हर रास्ते पर धूल उड़ाती बैलगाड़ियों, ट्रैक्टर-ट्रालियों और तांगों की लंबी कतारें हैं। मगर अफसोस कार्तिक स्नान से मोक्ष और पुण्य की आस लगाए इन हजारों श्रद्धालुओं को प्रदूषित जल में ही ड़बकी लगानी होगी। रामगंगा को स्नान करने लायक बनाने को कालागढ़ बांध से पानी तो छोड़ा गया है, लेकिन इससे सिर्फ जलस्तर ही बढ़ा है। पानी के प्रदूषण में कोई कमी नहीं आई है। स्नान घाटों पर भी गंदगी फैली दिखाई दे रही है।
रामगंगा में सहायक नदियों के माध्यम से केसर शुगर मिल और जेके शुगर मिल का जहरीले रसायन युक्त पानी ही नहीं, शहर का नाला भी गिरता ही है। बुरी तरह प्रदूषित शंखा, किला और नकटिया नदी भी रामगंगा में जाकर मिलती है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दावा है कि उसने रामगंगा में शुगर मिलों के कचरे के निस्तारण पर रोक लगा दी है लेकिन यह दावा कितना सच है यह मौके पर देखा जा सकता है। शहर भर की गंदगी समेत बाकरगंज का नाला अभी भी रामगंगा में गिर रहा है। कार्तिक स्नान पर्व पर भी इस नाले को रामगंगा में गिरने से नहीं रोका गया है।
विज्ञापन

रूहेलखंड विश्वविद्यालय में एनिमल साइंस की विभागाध्यक्ष और रामगंगा के जलीय जीवन पर रिसर्च कर रहीं प्रो. नीलिमा गुप्ता के मुताबिक रामगंगा का पानी जहर से कम नहीं है। यहां जलीय जीवन तक खतरे में पड़ चुका है। मछलियों में मिनिमाटा, मैंट, हीमोग्लोबिनिमिया और कैंसर के साथ त्वचा के अनेक रोग पाए जा रहे हैं। रामगंगा में जिन स्थानों पर सहायक नदियां और नाले मिल रहे हैं, वहां पर बॉयोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) काफी अधिक और घुलनशील ऑक्सीजन (डीओ) शून्य या अत्यंत कम पाई गई है। रामगंगा का जल पीने लायक पहले ही नहीं था। अब इसे स्नान के लिए भी प्रयोग नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘रामगंगा का पानी स्नान लायक है। हमने शुगर मिलों को अपनी गंदगी रामगंगा में गिरने से रोकने को कहा है। हालांकि हमारी प्राथमिकता इस समय महाकुंभ मेला है। कार्तिक को देखते हुए हमने कोई तैयारी नहीं की है। शहर का नाला बंद कराने के लिए नगर निगम को नोटिस जारी कर रहे हैं।’ जितेंद्र लाल, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी

‘रामगंगा के जलस्तर को बढ़ाने के लिए कालागढ़ बांध से पानी छोड़ा गया है। वहां का जलस्तर बढ़ गया है, हमने घाटों के आसपास साफ-सफाई भी कराई है।’ एके उपाध्याय, मेला अध्यक्ष और एडीएम प्रशासन


डॉक्टर की राय
सीनियर फिजिशियन और कंसलटेंट डॉ. शरद अग्रवाल कहते हैं कि त्वचा में अगर पहले से इन्फेक्शन है और त्वचा छिली हुई है तो ऐसे में प्रदूषित पानी से नहाने पर और ज्यादा परेशानी हो सकती है। सबसे ज्यादा नुकसान आचमन (पानी पीना) से होता है। इससे पेट का इन्फेक्शन होने की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं। इससे डायरिया, टायफायड और पीलिया हो सकता है।

रामगंगा के पानी पर हुए परीक्षण के परिणाम (2011-12)
पीएच - 7.77
क्षारीयता - 234.61
डीओ - 1.98
बीओडी - 7.32
सीओडी - 44.6
टीएच - 211.72
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed