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संजयनगर में इलाज के बाद बच्चे की मौत हो जाने पर बवाल
Bareilly
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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बरेली। संजयनगर में शुक्रवार को एक बच्चे की इलाज के कुछ ही देर बाद मौत हो जाने पर जमकर बवाल हुआ। बच्चे के घर वालों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए क्लीनिक पर हमला कर डॉक्टर और कंपाउंडर को जमकर पिटाई की। सूचना पर आई पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया, लेकिन थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया।
संजयनगर में रहने वाले हरवीर सिंह के दो वर्षीय बेटे कृष्णा की शुक्रवार सुबह अचानक तबियत खराब हो गई। हरवीर इस दौरान बड़े बेटे पांच वर्षीय अयूष को स्कूल छोड़ने गए थे। उनकी पत्नी ज्योति कृष्णा को पड़ोस में ही डॉ. वीके सिंह के क्लीनिक पर ले गईं। घर वालों के मुताबिक डॉक्टर ने कृष्णा को दो इंजेक्शन लगाए और फिर घर ले जाने को कह दिया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही कृष्णा की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इस बीच हरवीर भी अयूष को स्कूल छोड़कर घर पहुंच गए। वह कृष्णा को दुबारा डॉ. वीके सिंह के पास ले गए। हरवीर ने आरोप लगाया कि डॉ. वीके सिंह ने उसका इलाज करने से इनकार कर दिया और उसे किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने को कह दिया। इसके बाद उन्होंने कृष्णा को कई अस्पतालों में दिखाया, लेकिन सभी जगह उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। इसी दौरान कृष्णा की मौत हो गई।
घर वाले कृष्णा का शव लेकर घर पहुंचे तो आसपास के तमाम लोग इकट्ठे हो गए। इसके बाद वे क्लीनिक पर पहुंच गए और हंगामा करते हुए डॉ. वीके सिंह और उनके कंपाउंडर को पीटना शुरू कर दिया। मारपीट के कुछ ही देर बाद पुलिस पहुंच गई और डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान मॉडल टाउन और आसपास के कई डॉक्टर भी इकट्ठे हो गए। उन्होंने लोगों को समझाया। इंस्पेक्टर बारादरी ने बताया कि डॉक्टर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। डॉ. वीके सिंह ने बताया कि बच्चे को डबल निमोनिया हो गया था। उसका कहीं दूसरी जगह इलाज भी चल रहा था। बच्चे के मां-बाप के आग्रह पर ही उसे दवा दी गई थी, लेकिन उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे बड़े अस्पताल ले जाने को कहा था।
संजयनगर में रहने वाले हरवीर सिंह के दो वर्षीय बेटे कृष्णा की शुक्रवार सुबह अचानक तबियत खराब हो गई। हरवीर इस दौरान बड़े बेटे पांच वर्षीय अयूष को स्कूल छोड़ने गए थे। उनकी पत्नी ज्योति कृष्णा को पड़ोस में ही डॉ. वीके सिंह के क्लीनिक पर ले गईं। घर वालों के मुताबिक डॉक्टर ने कृष्णा को दो इंजेक्शन लगाए और फिर घर ले जाने को कह दिया। घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही कृष्णा की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। इस बीच हरवीर भी अयूष को स्कूल छोड़कर घर पहुंच गए। वह कृष्णा को दुबारा डॉ. वीके सिंह के पास ले गए। हरवीर ने आरोप लगाया कि डॉ. वीके सिंह ने उसका इलाज करने से इनकार कर दिया और उसे किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने को कह दिया। इसके बाद उन्होंने कृष्णा को कई अस्पतालों में दिखाया, लेकिन सभी जगह उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। इसी दौरान कृष्णा की मौत हो गई।
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घर वाले कृष्णा का शव लेकर घर पहुंचे तो आसपास के तमाम लोग इकट्ठे हो गए। इसके बाद वे क्लीनिक पर पहुंच गए और हंगामा करते हुए डॉ. वीके सिंह और उनके कंपाउंडर को पीटना शुरू कर दिया। मारपीट के कुछ ही देर बाद पुलिस पहुंच गई और डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान मॉडल टाउन और आसपास के कई डॉक्टर भी इकट्ठे हो गए। उन्होंने लोगों को समझाया। इंस्पेक्टर बारादरी ने बताया कि डॉक्टर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। डॉ. वीके सिंह ने बताया कि बच्चे को डबल निमोनिया हो गया था। उसका कहीं दूसरी जगह इलाज भी चल रहा था। बच्चे के मां-बाप के आग्रह पर ही उसे दवा दी गई थी, लेकिन उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे बड़े अस्पताल ले जाने को कहा था।
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