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समायोजन का आदेश क्या आया, सेक्रेटरियों ने शुरू की मनमानी
Bareilly
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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बरेली। पंचायत सेक्रेटरियों के समायोजन का आदेश जारी होते ही ग्राम पंचायतों के खातों से रकम की निकासी में एकाएक तेजी आ गई है। बिना बिल वाउचर लगाए ही व्यय दर्ज किया जा रहा है। ऐसी स्थिति एक नहीं, तमाम गांवों में है। सब कुछ जानते हुए भी अफसर इस पर रोक लगाने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। अलबत्ता शेरगढ़ के पंडरी गांव में नए सेक्रेटरी को चार्ज न देने पर पुराने सेक्रेटरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के सीडीओ ने निर्देश दिए हैं।
अगस्त में तत्कालीन डीपीआरओ एके शाही ने एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी को चार ग्राम पंचायतों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को 6-8 ग्राम पंचायतों का सचिव बनाने का सुझाव दिया गया था। 25 अक्तूबर को इस प्रस्ताव पर डीएम की मोहर भी लग गई और यह आदेश सभी बीडीओ को भेज दिया गया। बता दें कि तमाम ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारी ऐसे हैं, जिनके पास 8-10 गांवों तक का चार्ज है।
लेकिन, इस आदेश के जारी होने पर ज्यादा गांवों का चार्ज संभाल रहे सेक्रेटरियों ने चार्ज छोड़ना तो दूर रहा, प्रधानों से सांठगांठ करके खातों से रकम निकालनी शुरू कर दी। शेरगढ़, दमखोदा, रामनगर, आलमपुर जाफराबाद, भदपुरा और मीरगंज इलाके में यह सबसे ज्यादा हो रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि इस धनराशि के व्यय में वो काम दर्ज किए जा रहे हैं, जो पहले ही हो चुके हैं।
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उधर, शेरगढ़ के गांव पंडरी से शिकायत मिली है कि वहां मुकेश रस्तोगी के स्थान पर केपी गंगवार को सचिव का कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन मुकेश रस्तोगी चार्ज ही नहीं छोड़ रहे हैं। सीडीओ ने डीडीओ को फौरन चार्ज केपी गंगवार को दिलाने और ऐसा न करने की स्थिति में मुकेश रस्तोगी को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
अगस्त में तत्कालीन डीपीआरओ एके शाही ने एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी को चार ग्राम पंचायतों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को 6-8 ग्राम पंचायतों का सचिव बनाने का सुझाव दिया गया था। 25 अक्तूबर को इस प्रस्ताव पर डीएम की मोहर भी लग गई और यह आदेश सभी बीडीओ को भेज दिया गया। बता दें कि तमाम ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारी ऐसे हैं, जिनके पास 8-10 गांवों तक का चार्ज है।
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लेकिन, इस आदेश के जारी होने पर ज्यादा गांवों का चार्ज संभाल रहे सेक्रेटरियों ने चार्ज छोड़ना तो दूर रहा, प्रधानों से सांठगांठ करके खातों से रकम निकालनी शुरू कर दी। शेरगढ़, दमखोदा, रामनगर, आलमपुर जाफराबाद, भदपुरा और मीरगंज इलाके में यह सबसे ज्यादा हो रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि इस धनराशि के व्यय में वो काम दर्ज किए जा रहे हैं, जो पहले ही हो चुके हैं।
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उधर, शेरगढ़ के गांव पंडरी से शिकायत मिली है कि वहां मुकेश रस्तोगी के स्थान पर केपी गंगवार को सचिव का कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन मुकेश रस्तोगी चार्ज ही नहीं छोड़ रहे हैं। सीडीओ ने डीडीओ को फौरन चार्ज केपी गंगवार को दिलाने और ऐसा न करने की स्थिति में मुकेश रस्तोगी को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।