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‘मेरा जितेंद्र सुसाइड कर ही नहीं सकता’

Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
Bareilly
Bareilly Updated Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
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पोस्टमॉर्टम हाउस पर चीख-चीखकर कहती रहीं पत्नी डॉली
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सिटी रिपोर्टर
बरेली। इस्लाम साबिर के बैंक्वेट हॉल के मैनेजर जितेंद्र उर्फ बंटू माथुर की पत्नी डॉली किसी हालत में यह मानने को तैयार नहीं हैं कि उनके पति ने खुदकुशी की है। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंची डॉली ने कई बार न सिर्फ सवाल खड़े किए बल्कि चीख-चीखकर दावा भी किया कि ‘वह बहुत हिम्मत वाले थे। वह सुसाइड कर ही नहीं सकते।’
डॉली के मुताबिक बंटू बृहस्पतिवार सुबह रोजाना की तरह चाय पीने के बाद सामान्य मूड में घर से निकले थे। बुधवार शाम बच्चों के लिए आइसक्रीम लेकर आए थे। रात में भी उनका मूड सामान्य ही था। बंटू की तरफ बैंक्वेट हाल के हिसाब किताब के रुपये थे। इसी को लेकर सप्ताह भर पहले उन्हें पीटा भी गया था। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को बैंक्वेट हॉल का शटर दिन भर नहीं खोला गया, जबकि इस्लाम साबिर और शहजिल इस्लाम को बंटू के लापता होने के बारे में पता था। बृहस्पतिवार की रात ही इस्लाम साबिर ने गार्ड मेघनाथ से कहा था कि बंटू डेढ़ लाख रुपये लेकर भागा है। शुक्रवार को भी उनके बैंक्वेट हॉल पहुंचने से पहले ही इस्लाम साबिर वहां चले गए। जिस जगह फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वहां जीने की रेलिंग इतनी ऊंची है कि उससे लटकने की बात कोई सोच नहीं सकता। डॉली ने सिसकते हुए बताया कि उन्होंने और बंटू ने नौ साल पहले लव मैरिज की थी। उनके दो बेटियां सात वर्ष की रिया और छह साल की सिया है। नौ सालों में उन्होंने तमाम दुश्वारियां झेलीं, लेकिन बंटू ने कभी हिम्मत नहीं हारी।
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गार्ड को नहीं मिली चाभी
केयू बैंक्वेट हॉल के तीन दरवाजे हैं। दक्षिण में बड़ा दरवाजा मुख्य सड़क की तरफ है जिस पर शटर लगा है। पूर्व की तरफ गली में छोटा गेट है। शटर बंद होने पर छोटे गेट से आना-जाना होता था। उसके ताले की चाभी रखने के लिए गेट के पास ही एक जगह तय थी। शाम को बंटू के चले जाने पर गार्ड मेघनाथ को गेट की चाभी उसी जगह मिलती थी। सुबह जाते समय गार्ड भी वहीं चाभी रख जाता था। बृहस्पतिवार शाम उस जगह मेघनाथ को चाभी नहीं मिली। बाहर रहकर ही उसे ड्यूटी करने पड़ी। शटर में ताला नहीं लगाया जाता है, लेकिन बड़ा होने की वजह से एक-दो व्यक्ति भी उसे खोल नहीं सकते। शुक्रवार सुबह शटर खोला गया तो चाभी अंदर काउंटर पर रखी मिली।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पोस्टमार्टम हाउस पर जितेंद्र उर्फ बंटू का शव खोला गया तो खाल उधड़ी हुई थी। लाल-नीले निशान धब्बे भी दिख रहे थे। इससे डा. एके गुप्ता ने जिला अस्पताल के साथी डा. मनोज को बुला लिया। इसके बाद वीडियोग्राफी कराने का निर्णय लिया गया, जिससे लिए पुलिस लाइंस से कैमरा मंगाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बंटू की मौत फांसी से हुई। इसके अलावा कोई निशान नहीं पाए गए।



पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आया है। मौके के हालात भी सुसाइड जैसे लग रहे हैं। मगर मृतक की पत्नी की तरफ से जो तहरीर दी गई है, उसके आधार पर जांच की जाएगी। जांच का जो भी नतीजा सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. संजीव गुप्ता, एसएसपी
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