फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   किसानों को बस दो गुना मुआवजा

किसानों को बस दो गुना मुआवजा

Sun, 09 Nov 2014 05:30 AM IST
Bareilly
Bareilly Updated Sun, 09 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन

बरेली। केंद्र सरकार के नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम में के अनुसार चार गुना मुआवजा मिलने की उम्मीद पाले रामगंगा नगर आवासीय योजना से प्रभावित किसानों को झटका लगा है। प्रदेश सरकार ने नए कानून के तहत बाजार मूल्य दर से दो गुना मुआवजा तय किया है। यानी रामगंगा के किसानों से अधिग्रहीत की गई जमीन पर उन्हें सर्किल रेट का दो गुना ही मुआवजा मिलेगा। हालांकि नई नीति के तहत ही सर्किल रेट तय करने में फंस रहे पेच के चलते मुआवजे का प्रकाशन नहीं किया जा रहा है। एसएलएओ और बीडीए के अधिकारी पसोपेश में हैं और दबी जुबान में मान रहे हैं कि किसानों को इतने कम मुआवजे पर मनाना आसान नहीं होगा।
शासन ने किसानों से भूमि अधिग्रहण के मामले में सर्किल रेट का दो गुना मुआवजा तय किया है। प्रतिकर गुणक आने के बाद बीडीए ने मुआवजा तय करने के लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के पास फाइल भेज दी है। चूंकि 2004 में सर्किल रेट 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर था। सो नई नीति के तहत किसानों को 20 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिलेगा। इस समय बाजार दर 70 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से अधिक है। एसएलएओ मुआवजा दो गुना कर भी दें तो किसान मान जाएंगे, ऐसा नहीं दिखता। सूत्रों का कहना है कि इसे देखते हुए एसएलएओ ने बीडीए को पत्र भेजकर मुआवजे का आधार वर्ष तय करने के लिए कहा है। दोनों विभागों के अधिकारियों की अगले सप्ताह इसी संबंध में मीटिंग होगी। उसमें फैसला लिया जाएगा कि किस वर्ष के आधार पर मुआवजे की गणना किया जाए।
विज्ञापन

फंसती रही है योजना
वर्ष 2004 में लांच हुई रामगंगा नगर आवासीय योजना में 269 हेक्टेयर क्षेत्र के अधिग्रहण का प्रस्ताव था। बीडीए 373 किसानों से करार कर 72 हेक्टेयर जमीन प्राप्त कर चुका है। साथ ही 10 हेक्टेयर जमीन खरीदी है। बीडीए किसानों को कुल 52 करोड़ मुआवजा दे चुका है। उसे 173 हेक्टेयर जमीन का अवार्ड करना था लेकिन किसानों के विरोध के चलते नहीं हो पाया। 1052 किसानों ने मुआवजा नहीं लिया। वहीं प्लाट के आवंटी बीडीए पर कब्जा देने का दबाव बनाए हुए हैं। करीब दो महीने पहले बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास करा शासन से भी इस योजना को पूरा करने की अनुमति ले ली गई थी। लेकिन सारा मामला मुआवजे पर फंसा हुआ था। अब शासन ने प्रतिकर गुणक की घोषणा कर दी है फिर भी मामले का निपटारा होता नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैनामों के आधार पर तय हो सकता है मुआवजा
सूत्रों का कहना है कि मुआवजा तय करने के लिए बड़े क्षेत्रफल वाले पांच बैनामों को आधार बनाया जा सकता है। आधार वर्ष में हुए पांच बैनामों से उस समय अलग-अलग इलाकों के सर्किल रेट के अनुसार हुई बिक्री का औसत निकाल कर मुआवजे का आधार मूल्य तय किया जा सकता है। हालांकि यह दोनों विभागों के अधिकारियों की बैठक के बाद तय होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed