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संजयनगर के नाले का लेवल पता करने लखनऊ से आएगी टीम
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बरेली। संजयनगर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए नाले का लेवल जांचने का काम मंगलवार को भी जारी रहा। टीम करीब दो घंटे तक लेवल पता करने में जुटी रही, लेकिन सही स्थिति पता नहीं लगी तो लौट आई। अब आगामी दो दिन में लखनऊ से प्राइवेट इंजीनियर्स की टीम नाला के लेवल का सर्वे पता करने बरेली बुलाई गई है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण अभियंता और निर्माण विभाग के इंजीनियर्स की टीम मंगलवार दोपहर टीम संजयनगर में निर्माणाधीन नाले का लेवल का सर्वे करने पहुंची। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि नाले के उतार और चढ़ाव को बैलेंस करते हुए ढलान आबादी क्षेत्र से बाहर करने का ठीक-ठीक अनुमान लगाना कठिन है। जिसकी जानकारी नगर आयुक्त को दे दी गई। जिसके बाद लखनऊ के इंजीनियर्स को लेवल पता करने के लिए बुलाया गया है। लेवल मिलने के बाद सुधार का कार्य शुरू होगा। बता दें कि पिछले साल संजय नगर में जलभराव पर काफी हंगामा हुआ था। मेयर और अफसरों ने समाधान का आश्वासन दिया था। अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की तो अधिकारी हरकत में आए। जिसके बाद सर्वे का कार्य शुरू हुआ है। अब अधिकारियों को निर्माणाधीन नाले को सुधारने के लिए लेवल पता करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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पर्यावरण अभियंता और निर्माण विभाग के इंजीनियर्स की टीम मंगलवार दोपहर टीम संजयनगर में निर्माणाधीन नाले का लेवल का सर्वे करने पहुंची। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि नाले के उतार और चढ़ाव को बैलेंस करते हुए ढलान आबादी क्षेत्र से बाहर करने का ठीक-ठीक अनुमान लगाना कठिन है। जिसकी जानकारी नगर आयुक्त को दे दी गई। जिसके बाद लखनऊ के इंजीनियर्स को लेवल पता करने के लिए बुलाया गया है। लेवल मिलने के बाद सुधार का कार्य शुरू होगा। बता दें कि पिछले साल संजय नगर में जलभराव पर काफी हंगामा हुआ था। मेयर और अफसरों ने समाधान का आश्वासन दिया था। अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की तो अधिकारी हरकत में आए। जिसके बाद सर्वे का कार्य शुरू हुआ है। अब अधिकारियों को निर्माणाधीन नाले को सुधारने के लिए लेवल पता करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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