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कर्मचारियों को हक मिले बगैर नीलाम नहीं होने देंगे रबर फैक्ट्री
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:39 AM IST
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बरेली। रबर फैक्ट्री की संपत्तियों की नीलामी के लिए कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तो चल ही रही है। अब राज्य सरकार ने भी करीब 856 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व वापस लेने की कवायद शुरू कर दी है। इस बीच फैक्ट्री के कर्मचारियों ने भी अपने बकायों की आवाज एक बार फिर तेज कर दी है। एस एंड सी कर्मचारी यूनियन ने इस लड़ाई का धार देने के लिए सिंधु पैलेसे में मीटिंग बुलाकर मंथन किया है।
चीफ सेक्रेटरी के स्टाफ अफसर ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने शनिवार को सर्किट हाउस में सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला और एसएलएओ सुल्तान अशरफ सिद्दीकी के साथ मीटिंग की थी। साथ ही फैक्ट्री जमीन का स्वामित्व वापस सरकार को दिलाने के लिए अग्रिम कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इस मामले को लेकर कर्मचारी यूनियन की बैठक में प्रमोद कुमार ने कहा कि फैक्ट्री बंद होने से 18 साल पहले बेरोजगार हुए कर्मचारियों को हक मार कर सरकार गुपचुप जमीन वापस लेने की तैयारी कर रही है। जबकि आर्थिक तंगी के बीच साढ़े चार सौ कर्मचारियों की असमय मृत्यु हो चुकी है। उनका परिवार आज दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। मीटिंग में यूनियन के पदाधिकारियों ने एक बार फिर से घोषणा की कि जब तक कर्मचारियों की सारी देनदारियां समाप्त नहीं हो जाती है, कर्मचारियों का विरोध थमने वाला नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि स्टाफ अफसर ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी यहां आए और फैक्ट्री के भूखे मर रहे कर्मचारियों से बात करना तक उचित नहीं समझा। इस मौके पर धनीराम, रामपाल, सत्येंद्र सिंह, अनिल गुप्ता, रामगोपाल, आरिफ हुसैन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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चीफ सेक्रेटरी के स्टाफ अफसर ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने शनिवार को सर्किट हाउस में सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार शुक्ला और एसएलएओ सुल्तान अशरफ सिद्दीकी के साथ मीटिंग की थी। साथ ही फैक्ट्री जमीन का स्वामित्व वापस सरकार को दिलाने के लिए अग्रिम कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इस मामले को लेकर कर्मचारी यूनियन की बैठक में प्रमोद कुमार ने कहा कि फैक्ट्री बंद होने से 18 साल पहले बेरोजगार हुए कर्मचारियों को हक मार कर सरकार गुपचुप जमीन वापस लेने की तैयारी कर रही है। जबकि आर्थिक तंगी के बीच साढ़े चार सौ कर्मचारियों की असमय मृत्यु हो चुकी है। उनका परिवार आज दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। मीटिंग में यूनियन के पदाधिकारियों ने एक बार फिर से घोषणा की कि जब तक कर्मचारियों की सारी देनदारियां समाप्त नहीं हो जाती है, कर्मचारियों का विरोध थमने वाला नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि स्टाफ अफसर ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी यहां आए और फैक्ट्री के भूखे मर रहे कर्मचारियों से बात करना तक उचित नहीं समझा। इस मौके पर धनीराम, रामपाल, सत्येंद्र सिंह, अनिल गुप्ता, रामगोपाल, आरिफ हुसैन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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