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वनकर्मियों को चकमा देकर जंगल की ओर भागा बाघ
Updated Wed, 14 Nov 2018 06:47 PM IST
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वनकर्मियों को चकमा देकर जंगल की ओर भागा बाघ
ममरी। घमहाघाट के बाघ प्रभावित क्षेत्र में बुधवार सुबह वनरेंज मोहम्मदी महेशपुर के वनकर्मियों, एसटीएफ जवानों, एक्सपर्ट टीम द्वारा गंगाकली हथिनी के साथ कठिना नदी की झाड़ियों, गन्ने के खेतों में कांबिंग शुरू की गई। इसी दौरान यहां 15 दिन से दहशत की वजह बना बाघ वन कर्मियों को चकमा देकर सरदार मक्खन सिंह के गेट के सामने से होता हुआ जंगल की ओर चला गया। उसे देख चारपाई पर लेटे मक्खन सिंह दहशत में आ गए। उनके गेट के सामने बाघ के पग चिह्न भी मिले हैं।
कांबिंग का नेतृत्व कर रहे रेंजर बनारसीदास शाक्य, फॉरेस्टर रामप्रसाद, राजेश कुमार ने बताया कि रविवार की रात सरदार मक्खन सिंह और लाल सिंह के झाले से 50 मीटर की दूरी पर दहाड़ने वाले बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए टीम ने गंगाकली हथिनी के साथ बुधवार की सुबह कठिना नदी की झाड़ियों, गन्ने के खेतों में जैसे ही कांबिंग शुरू की वैसे ही गन्ने में छुपा बाघ झाले में लगे गेट के सामने से निकल कर देवीपुर बीट के जंगल की ओर चला गया। डरे सहमे मक्खन सिंह ने रेंजर को बताया कि एक सप्ताह पूर्व इसी बाघ ने उनकी गाय को मार डाला था। निरीक्षण करने पर बाघ के ताजे पगचिह्न मिले। रेंजर ने बताया कि चार घंटे चली कांबिंग में कठिना नदी की झाड़ियों, गन्ने के खेतों में बाघ का कोई मूवमेंट नहीं मिला है।
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