फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   शादी योजना का फालोअप

शादी योजना का फालोअप

Tue, 20 Mar 2018 07:43 PM IST
Updated Tue, 20 Mar 2018 07:43 PM IST
विज्ञापन
शादी योजना का फालोअप
फ्लैग-सामूहिक विवाह योजना का हाल
विज्ञापन


निकायों, बीडीओ के खातों में डंप गरीब कन्याओं की शादी का पैसा
1.66 करोड़ में से केवल 19.60 लाख ही हो सका खर्च

अमर उजाला ब्यूरो

बरेली। गरीब कन्याओं की शादी के लिए आए बजट के लैप्स होने का संकट खड़ा हो गया है। समाज कल्याण विभाग 1.66 करोड़ में से अब तक केवल 19.60 लाख रुपये ही खर्च कर सका है, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने को है। सामूहिक विवाह के आयोजन की रकम स्थानीय निकायों और बीडीओ के खातों में पड़ी है। सामूहिक विवाह न होे पाने से यह धनराशि खर्च नहीं हो पा रही है।
शासन ने गरीब कन्याओं की शादी के लिए 1.66 करोड़ की रकम जारी की थी। सामूहिक विवाह योजना के नोडल अफसर समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित ने यह रकम जनवरी में ही सभी निकायों और बीडीओ को भेज दी थी। एक जोड़े के विवाह के लिए 35 हजार रुपये खर्च होने हैं। इस तरह पूरे बजट से 476 शादियां कराई जानी हैं। मगर, समाज कल्याण विभाग के साथ स्थानीय निकाय के अधिकारियों और बीडीओ की लापरवाही से अब तक केवल 56 विवाह ही हो सके हैं।
विज्ञापन


फर्जी शादी कराने का मामला खुलने से और बढ़ी चुनौती
आंवला के रामनगर में शादीशुदा दस जोड़ों का दोबारा विवाह कराने का मामला खुलने के बाद प्रशासन के सामने सामूहिक विवाह कार्यक्रम कराने को लेकर और भी ज्यादा चुनौती बढ़ गई है। इस मामले में एडीओ पंचायत और बीडीओ दोनों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इससे अन्य जगहों पर भी अधिकारी यह आयोजन कराने से कन्नी काटने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन
सामूहिक विवाह का बजट बीडीओ और स्थानीय निकायों के खातों में है। शासन से सरेंडर करने के निर्देश मिले तो इस धनराशि को खातों से वापस मंगवा ली जाएगी। - अशोक दीक्षित, जिला समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed