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अनाथालय जमीन पर कोर्ट में आज होगी सुनवाई
Updated Mon, 19 Mar 2018 10:04 AM IST
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अनाथालय जमीन पर कोर्ट में सुनवाई आज
सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई टलने के आसार
बरेली। अनाथालय जमीन विवाद पर दीवानी न्यायालय में सोमवार को सुनवाई होगी। न्यायालय ने जमीन पर जो स्टे दिया था, उसकी वैधता 17 मार्च तक थी। अनाथालय ने जमीन पर स्टे खारिज कराने के लिए राजस्व विभाग और नगर निगम से पुराने रिकार्ड निकवाए हैं। सुनवाई में यह सबूत कोर्ट में पेश किए जाएंगे। दूसरी ओर सिटी मजिस्ट्रेट ने भी दोनों पक्षों को सोमवार को ही सुनवाई के लिए बुलाया है, मगर उनका तबादला हो चुका है। इसलिए सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई टलने के आसार हैं।
अनाथालय की 8694 वर्ग गज जमीन पर बीते दिनों विवाद शुरू हो गया था, जब दूसरे पक्ष ने 1972 की रजिस्ट्री दिखाकर जमीन अपनी होने का दावा कर उस पर रातोंरात निर्माण शुरू करा दिया। अनाथालय ने अपनी जमीन की रजिस्ट्री 1927 में होने के सबूत प्रशासनिक अफसरों के समक्ष रखे। फिर भी निर्माण नहीं रुका तो अनाथालय के बच्चों और आस-पड़ोस के लोगों ने दीवार और गेट स्वयं ढहा दिया। कोतवाली पुलिस भी मामले की निगरानी कर रही है। दो लोगों ने अनाथालय की जमीन अपनी होने का दावा कर कोर्ट केस रखा है। कोर्ट में सोमवार को सुनवाई है। दूसरी ओर सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह ने भी दोनों पक्षों के अभिलेखों का परीक्षण कर सुनवाई शुरू कर दी थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने भी 19 मार्च को ही दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया था। हाल ही में उनका ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में सुनवाई की उम्मीद कम है। अब नए सिटी मजिस्ट्रेट ही केस की सुनवाई करेंगे।
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सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई टलने के आसार
बरेली। अनाथालय जमीन विवाद पर दीवानी न्यायालय में सोमवार को सुनवाई होगी। न्यायालय ने जमीन पर जो स्टे दिया था, उसकी वैधता 17 मार्च तक थी। अनाथालय ने जमीन पर स्टे खारिज कराने के लिए राजस्व विभाग और नगर निगम से पुराने रिकार्ड निकवाए हैं। सुनवाई में यह सबूत कोर्ट में पेश किए जाएंगे। दूसरी ओर सिटी मजिस्ट्रेट ने भी दोनों पक्षों को सोमवार को ही सुनवाई के लिए बुलाया है, मगर उनका तबादला हो चुका है। इसलिए सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई टलने के आसार हैं।
अनाथालय की 8694 वर्ग गज जमीन पर बीते दिनों विवाद शुरू हो गया था, जब दूसरे पक्ष ने 1972 की रजिस्ट्री दिखाकर जमीन अपनी होने का दावा कर उस पर रातोंरात निर्माण शुरू करा दिया। अनाथालय ने अपनी जमीन की रजिस्ट्री 1927 में होने के सबूत प्रशासनिक अफसरों के समक्ष रखे। फिर भी निर्माण नहीं रुका तो अनाथालय के बच्चों और आस-पड़ोस के लोगों ने दीवार और गेट स्वयं ढहा दिया। कोतवाली पुलिस भी मामले की निगरानी कर रही है। दो लोगों ने अनाथालय की जमीन अपनी होने का दावा कर कोर्ट केस रखा है। कोर्ट में सोमवार को सुनवाई है। दूसरी ओर सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिंह ने भी दोनों पक्षों के अभिलेखों का परीक्षण कर सुनवाई शुरू कर दी थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने भी 19 मार्च को ही दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया था। हाल ही में उनका ट्रांसफर हो चुका है। ऐसे में सुनवाई की उम्मीद कम है। अब नए सिटी मजिस्ट्रेट ही केस की सुनवाई करेंगे।
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