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90 साल पुराने स्कूल का कायाकल्प हुआ तो देखते रह गए
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अब एेसा दिख रहा है 90 साल पुराना परिषदीय स्कूल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सहोड़ा के स्कूल की नई तस्वीरों को डीएम ने ट्विटर पर किया शेयर
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बरेली। प्राथमिक स्कूल का नाम आते ही जो छवि उभरती है वह होती है टाट-पट्टी पर बैठे बच्चों, परिसर से लेकर कमरों तक में जमी धूल की लेकिन अब धीरे-धीरे हालात बदल रहे हैं। कायाकल्प योजना के तहत इन स्कूलों की दशा बदलने लगी है। अब गांव के इन स्कूलों की सूरत कान्वेंट स्कूलों से कम नहीं दिखती।
विकासखंड शेरगढ़ के सहोड़ा गांव में 90 साल पुराने स्कूल में खपरैल पड़ी थी। फर्श पर ईंटें बिछी थीं। स्कूल की हालत जर्जर थी। आज वह विद्यालय अपनी बदली सूरत से दूसरों को प्रेरित कर रहा है। रंग रोगन, आकर्षक चित्रकारी, मॉडल रसोई व टाइल्स युक्त यह विद्यालय कायाकल्प अभियान के तहत चमकाया गया है। स्कूल को चमकाने के बाद डीएम भी खुद को उसकी पुरानी और नई तस्वीरों को ट्विटर पर डालने से रोक नहीं पाए।
सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग ने इस विद्यालय की खराब हालत देख कायाकल्प के तहत इसे बेहतर बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विद्यालय के जीर्णोंद्धार का काम शुरू हुआ। विद्यालय में पौधरोपण कराने के साथ ही परिसर में इंटरलॉकिग की गई। विद्यालय की कक्षाओं व बरामदे में टाइल्स लगाने के साथ ही वॉश बेसिन, मॉडल किचन, ग्रीन बोर्ड समेत कई कार्य कराए गए। विद्यालय की दीवारों व बाउंड्री पर कहीं पक्षी तो कहीं फल व आकर्षक चित्रकारी की गई है। सीडीओ ने बताया कि और विद्यालयों को भी चमकाया जा रहा है। गुणवत्ता में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 720 विद्यालयों की गुणवत्ता की जांच भी कराई जा रही है।
विकासखंड शेरगढ़ के सहोड़ा गांव में 90 साल पुराने स्कूल में खपरैल पड़ी थी। फर्श पर ईंटें बिछी थीं। स्कूल की हालत जर्जर थी। आज वह विद्यालय अपनी बदली सूरत से दूसरों को प्रेरित कर रहा है। रंग रोगन, आकर्षक चित्रकारी, मॉडल रसोई व टाइल्स युक्त यह विद्यालय कायाकल्प अभियान के तहत चमकाया गया है। स्कूल को चमकाने के बाद डीएम भी खुद को उसकी पुरानी और नई तस्वीरों को ट्विटर पर डालने से रोक नहीं पाए।
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सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग ने इस विद्यालय की खराब हालत देख कायाकल्प के तहत इसे बेहतर बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विद्यालय के जीर्णोंद्धार का काम शुरू हुआ। विद्यालय में पौधरोपण कराने के साथ ही परिसर में इंटरलॉकिग की गई। विद्यालय की कक्षाओं व बरामदे में टाइल्स लगाने के साथ ही वॉश बेसिन, मॉडल किचन, ग्रीन बोर्ड समेत कई कार्य कराए गए। विद्यालय की दीवारों व बाउंड्री पर कहीं पक्षी तो कहीं फल व आकर्षक चित्रकारी की गई है। सीडीओ ने बताया कि और विद्यालयों को भी चमकाया जा रहा है। गुणवत्ता में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 720 विद्यालयों की गुणवत्ता की जांच भी कराई जा रही है।
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