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महामूर्ख सम्मेलन में रंगों का जश्न
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बरेली। होली पर साहूकारा के हाथी वाले मंदिर में महामूर्ख सम्मेलन हुआ, जिसमें रंगों का जश्न मनाया गया। कल्चरल एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों को महामूर्ख और मूर्ख की विभिन्न उपाधियों से नवाजा गया।
इस मौके पर शायर विनय सागर को महामूर्ख की उपाधि से सम्मानित किया गया, जबकि कवि कमल सक्सेना को मूर्ख सम्राट और राम कुमार अफरोज को मूर्ख शिरोमणि की उपाधि दी गई। इसके अलावा भारतेंदु सिंह को मूर्खाधिराज, राम धनी निर्मल को समाज शिरोमणि और धर्मपाल सिंह को समाज रत्न से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. नईम शबाब कासगंजवी रहे। विशिष्ट अतिथि कमल सक्सेना एवं डा. महेश मधुकर रहे। इसमें कवियों और शायरों ने राष्ट्रभक्ति, होली गीत के अलावा हास्य व्यंग की बौछारों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। पूर्व में रीतेश साहनी की वाणी वंदना एवं नईम कासगंजवी ने नाते पाक से कार्यक्रम शुभारंभ किया। संचालन इरफान आबिद ने किया। अंत में संयोजक रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने धन्यवाद दिया।
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इस मौके पर शायर विनय सागर को महामूर्ख की उपाधि से सम्मानित किया गया, जबकि कवि कमल सक्सेना को मूर्ख सम्राट और राम कुमार अफरोज को मूर्ख शिरोमणि की उपाधि दी गई। इसके अलावा भारतेंदु सिंह को मूर्खाधिराज, राम धनी निर्मल को समाज शिरोमणि और धर्मपाल सिंह को समाज रत्न से सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. नईम शबाब कासगंजवी रहे। विशिष्ट अतिथि कमल सक्सेना एवं डा. महेश मधुकर रहे। इसमें कवियों और शायरों ने राष्ट्रभक्ति, होली गीत के अलावा हास्य व्यंग की बौछारों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। पूर्व में रीतेश साहनी की वाणी वंदना एवं नईम कासगंजवी ने नाते पाक से कार्यक्रम शुभारंभ किया। संचालन इरफान आबिद ने किया। अंत में संयोजक रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने धन्यवाद दिया।
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