{"_id":"5bfc57c5bdec22417f79f397","slug":"81543264197-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमि अधिग्रहण के लिए 113 गांवों के गाटा नंबरों का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमि अधिग्रहण के लिए 113 गांवों के गाटा नंबरों का इंतजार
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने जमीन के रिकार्ड प्रशासन से मांग लिए हैं। इसके आधार पर एनएचएआई अफसरों के भूमि अधिग्रहण के लिए गाटा नंबरों का ब्योरा जिला प्रशासन को देने की तैयारी कर रहा है। एसएलएओ की मानें तो इसका रिकार्ड दिसंबर तक मिल जाएगा। इसके बाद यह स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी कि एनएचएआई को किस किसान की कितनी जमीन की जरूरत है। तभी अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
केंद्र सरकार बरेली से बदायूं होते हुए मथुरा के बीच करीब 220 किलोमीटर सड़क को नेशनल हाईवे घोषित कर चुकी है। पहले यह सड़क पीडब्ल्यूडी के पास थी। इसके बाद एनएचएआई को अपने मानकों के आधार पर हाईवे का चौड़ीकरण और सुधार का काम कराना है। इसके लिए एनएचएआई को बड़े पैमाने पर सड़क किनारे जमीन का अधिग्रहण भी करना है। एनएचएआई के आगरा मुख्यालय ने इसके लिए जिला प्रशासन को करीब तीन माह पहले ही बरेली और बदायूं जिलों में 113 गांवों के नाम दे दिए थे। जिला प्रशासन को इन गांवों में जमीन का अधिग्रहण हाईवे के चौड़ीकरण के लिए करना है। इसके बाद डीएम ने हाईवे के चौड़ीकरण को भूमि अधिग्रहण का काम पूरा काम कराने को एसएलएओ सुल्तान अशरफ सिद्दीकी को नोडल नामित कर दिया गया।
हालांकि इसमें दिक्कत यह आ रही थी कि एनएचएआई ने किसानों के गाटा संख्या आदि के बारे में सूची ही नहीं दी, जिससे यह तय नहीं हो पा रहा है कि हाईवे के लिए किन किसानों की कितनी जमीन की जरूरत है। इधर, एनएचएआई ने हाल में प्रशासन से जमीन के गाटा संख्या आदि के बारे में भी रिकार्ड मांग लिए हैं। इसके अलावा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी दफ्तर से भी अधिग्रहण संबंधी सूचनाएं मांगी गई है। एसएलएओ का कहना है कि गाटा आदि का रिकार्ड अगले महीने 15 तारीख के आसपास मिलने की संभावना है। इससे भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को भी आगे बढ़ाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार बरेली से बदायूं होते हुए मथुरा के बीच करीब 220 किलोमीटर सड़क को नेशनल हाईवे घोषित कर चुकी है। पहले यह सड़क पीडब्ल्यूडी के पास थी। इसके बाद एनएचएआई को अपने मानकों के आधार पर हाईवे का चौड़ीकरण और सुधार का काम कराना है। इसके लिए एनएचएआई को बड़े पैमाने पर सड़क किनारे जमीन का अधिग्रहण भी करना है। एनएचएआई के आगरा मुख्यालय ने इसके लिए जिला प्रशासन को करीब तीन माह पहले ही बरेली और बदायूं जिलों में 113 गांवों के नाम दे दिए थे। जिला प्रशासन को इन गांवों में जमीन का अधिग्रहण हाईवे के चौड़ीकरण के लिए करना है। इसके बाद डीएम ने हाईवे के चौड़ीकरण को भूमि अधिग्रहण का काम पूरा काम कराने को एसएलएओ सुल्तान अशरफ सिद्दीकी को नोडल नामित कर दिया गया।
विज्ञापन
हालांकि इसमें दिक्कत यह आ रही थी कि एनएचएआई ने किसानों के गाटा संख्या आदि के बारे में सूची ही नहीं दी, जिससे यह तय नहीं हो पा रहा है कि हाईवे के लिए किन किसानों की कितनी जमीन की जरूरत है। इधर, एनएचएआई ने हाल में प्रशासन से जमीन के गाटा संख्या आदि के बारे में भी रिकार्ड मांग लिए हैं। इसके अलावा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी दफ्तर से भी अधिग्रहण संबंधी सूचनाएं मांगी गई है। एसएलएओ का कहना है कि गाटा आदि का रिकार्ड अगले महीने 15 तारीख के आसपास मिलने की संभावना है। इससे भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को भी आगे बढ़ाया जा सकेगा।
विज्ञापन