{"_id":"5bb269af867a55013f17dc4d","slug":"71538419119-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधि की पीएचडी अटकी, बाकी का शेड्यूल जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधि की पीएचडी अटकी, बाकी का शेड्यूल जारी
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने हिंदी, भूगोल, इतिहास समेत कई विषयों के पीएचडी इंटरव्यू शेड्यूल जारी कर दिए, लेकिन रिसर्च गाइड के विवाद में फंसी विधि का शेड्यूल जारी नहीं किया। पंद्रह अक्तूबर तक सभी कोर्स के इंटरव्यू पूरे होने हैं। 25 अक्तूबर से कोर्स शुरू कराया जाएगा। ऐसे में विधि पीएचडी का एंट्रेंस पास किए 21 अभ्यर्थियों को करारा झटका लगा है, क्योंकि विश्वविद्यालय ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। इस वजह से विधि की पीएचडी अटक सकती है।
विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को जारी पीएचडी इंटरव्यू के शेड्यूल के अनुसार भूगोल में 1-70 सीरियल नंबर वालों को नौ अक्तूबर, 71-160 नंबर वालों को दस अक्तूबर को बुलाया गया है। इतिहास विषय का इंटरव्यू आठ और नौ अक्तूबर को होगा। हिंदी विषय के इंटरव्यू भी आठ अक्तूबर से शुरू हो जाएंगे। हालांकि अब भी 12 से ज्यादा विषयों के इंटरव्यू होने बाकी है, जिनके शेड्यूल एक दो दिन में जारी हो जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने रिसर्च प्रपोजल के साथ ही गाइड का स्वीकृति पत्र भी पैनल के सामने प्रस्तुत करना होगा। विधि के छात्रों को बड़ी उम्मीदें थीं कि उनकी काउंसलिंग बाकी विषयों के साथ हो जाएगी, लेकिन विश्वविद्यालय ने अभी तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है। दरअसल विधि पीएचडी की गाइड सूची से संकायाध्यक्ष डॉ. नसीम अख्तर का नाम ही नहीं जुड़ा था। 21 सीटों पर रिजल्ट जारी हुआ। इसमें पूर्व संकायाध्यक्ष डॉ. हरिवंश दीक्षित का नाम भी जुड़ा था, जोकि आयोग के सदस्य बनने पर अवकाश पर चले गए। डॉ. नसीम अख्तर के नाम को लेकर विवाद शुरू हुआ कि आखिर उनका नाम सूची से बाहर क्यों किया गया। नाम नहीं है तो सीटें भी कम हो जाएंगी। मामला तूल पकड़ा तो विधि का इंटरव्यू शेड्यूल स्थगित कर दिया गया। दोबारा शेड्यूल जारी हुआ, उसको भी निरस्त कर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक मामले में निर्णय नहीं ले सका। विभागों में सामान्य और ओबीसी की 25 हजार और एससी व एसटी की 12.5 हजार फीस अभ्यर्थियों को जमा करनी होगी। पीएचडी के कोआर्डिनेटर डॉ. बृजेश त्रिपाठी का कहना है कि पंद्रह अक्तूबर तक सभी विषयों के इंटरव्यू पूरे हो जाएंगे। विधि का शेड्यूल कुलपति के निर्देश मिलते ही जारी कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को जारी पीएचडी इंटरव्यू के शेड्यूल के अनुसार भूगोल में 1-70 सीरियल नंबर वालों को नौ अक्तूबर, 71-160 नंबर वालों को दस अक्तूबर को बुलाया गया है। इतिहास विषय का इंटरव्यू आठ और नौ अक्तूबर को होगा। हिंदी विषय के इंटरव्यू भी आठ अक्तूबर से शुरू हो जाएंगे। हालांकि अब भी 12 से ज्यादा विषयों के इंटरव्यू होने बाकी है, जिनके शेड्यूल एक दो दिन में जारी हो जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने रिसर्च प्रपोजल के साथ ही गाइड का स्वीकृति पत्र भी पैनल के सामने प्रस्तुत करना होगा। विधि के छात्रों को बड़ी उम्मीदें थीं कि उनकी काउंसलिंग बाकी विषयों के साथ हो जाएगी, लेकिन विश्वविद्यालय ने अभी तक इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है। दरअसल विधि पीएचडी की गाइड सूची से संकायाध्यक्ष डॉ. नसीम अख्तर का नाम ही नहीं जुड़ा था। 21 सीटों पर रिजल्ट जारी हुआ। इसमें पूर्व संकायाध्यक्ष डॉ. हरिवंश दीक्षित का नाम भी जुड़ा था, जोकि आयोग के सदस्य बनने पर अवकाश पर चले गए। डॉ. नसीम अख्तर के नाम को लेकर विवाद शुरू हुआ कि आखिर उनका नाम सूची से बाहर क्यों किया गया। नाम नहीं है तो सीटें भी कम हो जाएंगी। मामला तूल पकड़ा तो विधि का इंटरव्यू शेड्यूल स्थगित कर दिया गया। दोबारा शेड्यूल जारी हुआ, उसको भी निरस्त कर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक मामले में निर्णय नहीं ले सका। विभागों में सामान्य और ओबीसी की 25 हजार और एससी व एसटी की 12.5 हजार फीस अभ्यर्थियों को जमा करनी होगी। पीएचडी के कोआर्डिनेटर डॉ. बृजेश त्रिपाठी का कहना है कि पंद्रह अक्तूबर तक सभी विषयों के इंटरव्यू पूरे हो जाएंगे। विधि का शेड्यूल कुलपति के निर्देश मिलते ही जारी कर दिया जाएगा।
विज्ञापन