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बरेली में भी खुलेगा बिजली थाना
Updated Sun, 09 Jul 2017 01:24 AM IST
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बिजली थाना
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
यूपी में भी गुजरात की तर्ज पर बरेली समेत सभी शहरों में बिजली थाने खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग में सौंप दिया है। इस व्यवस्था में हर वर्ष तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही प्रदेश भर में कटिया विरोधी अभियान चलेगा और शहरी गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।
मध्यांचल प्रबंध निदेशक अरविंद राजवेदी ने बातचीत में बताया कि हर जिले में बिजली विभाग अपना थाना स्थापित कर रहा है। पुलिस कर्मी प्रतिनियुक्त पर हाेंगे, जबकि सभी खर्च विभाग ही उठाएगा। विभागीय प्रस्ताव ने सरकार ने मुहर लगा दी है। गुजरात राज्य में चल रही इस व्यवस्था का अध्ययन अफसर कर चुके हैं। एमडी ने बताया कि सभी शहरों में थाना खोलने के लिए सभी संसाधन विभाग उपलब्ध कराएगा। उनका कहना है कि वित्त विभाग से अनुमति और बजट मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। इसी वित्तीय वर्ष में थाने खुलने लगेंगे। इस पर आने वाले खर्चे बिजली राजस्व चोरी से बेहद कम होगा।
मध्यांचल एमडी ने बताया कि अब शहरी गरीबों को भी मुफ्त कनेक्शन देना शुरू कर दिया गया है। संबंधित आवेदक उपकेंद्र प्रभारी से संपर्क कर सकता है। कनेक्शन का नियमित बिल आवेदक करेगा। उन्होंने बताया कि विभाग में मीटर कमी नहीं है, आपूर्तिकर्ता और ठेकेदारों से भी मीटर लगवाए जाएंगे।
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फर्जी बिल डिलीट होंगे
राजवेदी ने बताया कि बड़ी संख्या में फर्जी बिलिंग हो रही है, यह कनेक्शन या तो मौके पर नहीं हैं या फिर किसी ने मकान बदल दिया है। इससे मध्यांचल क्षेत्र में करीब दो हजार रुपये से ज्यादा का एरियर है, बरेली जोन में करीब पांच सौ करोड़ रुपये है। इसलिए इन बिलों को सिस्टम से बाहर किया जाएगा।
बड़ा हो या छोटा कटेंगे कनेक्शन
एमडी ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि बकायेदार कोई भी हो भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटा जाएगा। साथ ही सभी उपकेंद्रों पर बीस बड़े बकाएदारों की सूची लगेगी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को नियमित बिल नहीं मिल पा रहे हैं वे एप इस्तेमाल कर सकते हैं। जेई स्तर पर चोरी पकड़ने के लक्ष्य सौंपते हुए एमडी ने राजस्व वसूली और थ्रू रेट बढ़ाने, बिल संशोधन आदि पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना कनेक्शन नहीं रहेगा। चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने जोन स्थिति से अवगत कराया। एसई मनोज पाठक, तारिक वारसी, राजेंद्र प्रसाद और सभी अधिशासी अभियंता, एसडीओ, जेई मौजूद रहे।
कम होगा थाने का बोझ
बिजली थाना खुलने से अन्य थानों का बोझ कम होगा। दरोगा को बिजली की विवेचनाओं से छुटकारा मिलेगा और अन्य विवेचनाओं का समय से निस्तारण होगा। बिजली थाने से पुलिस कर्मचारी ही बिजली विभाग की टीम को उपलब्ध हो जाएगा। बिजली विभाग की टीम ही गश्त करके बिजली चोरी पकड़ेगी। बिजली चोरी पकड़ने के बाद बिजली अधिकारियों को सूचना देगी।
ऐसा हुआ करता था अबतक
अभी तक जिले में बिजली विभाग की टीम विद्युत विजीलेंस के साथ कटिया डालकर बिजली चोरी पकड़ती है। इसमें भी स्टाफ का अभाव रहता है। अधिकारियों के साथ संविदा कर्मी रहते है। यदि टीम थाने से पुलिस फोर्स मांगती है तो पुलिस फोर्स जल्दी मिल नहीं पाता है।
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यूपी में भी गुजरात की तर्ज पर बरेली समेत सभी शहरों में बिजली थाने खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग में सौंप दिया है। इस व्यवस्था में हर वर्ष तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही प्रदेश भर में कटिया विरोधी अभियान चलेगा और शहरी गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे।
मध्यांचल प्रबंध निदेशक अरविंद राजवेदी ने बातचीत में बताया कि हर जिले में बिजली विभाग अपना थाना स्थापित कर रहा है। पुलिस कर्मी प्रतिनियुक्त पर हाेंगे, जबकि सभी खर्च विभाग ही उठाएगा। विभागीय प्रस्ताव ने सरकार ने मुहर लगा दी है। गुजरात राज्य में चल रही इस व्यवस्था का अध्ययन अफसर कर चुके हैं। एमडी ने बताया कि सभी शहरों में थाना खोलने के लिए सभी संसाधन विभाग उपलब्ध कराएगा। उनका कहना है कि वित्त विभाग से अनुमति और बजट मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। इसी वित्तीय वर्ष में थाने खुलने लगेंगे। इस पर आने वाले खर्चे बिजली राजस्व चोरी से बेहद कम होगा।
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मध्यांचल एमडी ने बताया कि अब शहरी गरीबों को भी मुफ्त कनेक्शन देना शुरू कर दिया गया है। संबंधित आवेदक उपकेंद्र प्रभारी से संपर्क कर सकता है। कनेक्शन का नियमित बिल आवेदक करेगा। उन्होंने बताया कि विभाग में मीटर कमी नहीं है, आपूर्तिकर्ता और ठेकेदारों से भी मीटर लगवाए जाएंगे।
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फर्जी बिल डिलीट होंगे
राजवेदी ने बताया कि बड़ी संख्या में फर्जी बिलिंग हो रही है, यह कनेक्शन या तो मौके पर नहीं हैं या फिर किसी ने मकान बदल दिया है। इससे मध्यांचल क्षेत्र में करीब दो हजार रुपये से ज्यादा का एरियर है, बरेली जोन में करीब पांच सौ करोड़ रुपये है। इसलिए इन बिलों को सिस्टम से बाहर किया जाएगा।
बड़ा हो या छोटा कटेंगे कनेक्शन
एमडी ने समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि बकायेदार कोई भी हो भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटा जाएगा। साथ ही सभी उपकेंद्रों पर बीस बड़े बकाएदारों की सूची लगेगी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को नियमित बिल नहीं मिल पा रहे हैं वे एप इस्तेमाल कर सकते हैं। जेई स्तर पर चोरी पकड़ने के लक्ष्य सौंपते हुए एमडी ने राजस्व वसूली और थ्रू रेट बढ़ाने, बिल संशोधन आदि पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना कनेक्शन नहीं रहेगा। चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने जोन स्थिति से अवगत कराया। एसई मनोज पाठक, तारिक वारसी, राजेंद्र प्रसाद और सभी अधिशासी अभियंता, एसडीओ, जेई मौजूद रहे।
कम होगा थाने का बोझ
बिजली थाना खुलने से अन्य थानों का बोझ कम होगा। दरोगा को बिजली की विवेचनाओं से छुटकारा मिलेगा और अन्य विवेचनाओं का समय से निस्तारण होगा। बिजली थाने से पुलिस कर्मचारी ही बिजली विभाग की टीम को उपलब्ध हो जाएगा। बिजली विभाग की टीम ही गश्त करके बिजली चोरी पकड़ेगी। बिजली चोरी पकड़ने के बाद बिजली अधिकारियों को सूचना देगी।
ऐसा हुआ करता था अबतक
अभी तक जिले में बिजली विभाग की टीम विद्युत विजीलेंस के साथ कटिया डालकर बिजली चोरी पकड़ती है। इसमें भी स्टाफ का अभाव रहता है। अधिकारियों के साथ संविदा कर्मी रहते है। यदि टीम थाने से पुलिस फोर्स मांगती है तो पुलिस फोर्स जल्दी मिल नहीं पाता है।