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शक्ति आराधना के लिए नाथनगरी में उमड़े भक्त
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शक्ति आराधना के लिए नाथनगरी में उमड़े भक्त
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। चैत्र वासंतिक नवरात्र के पहले दिन ‘जय माता दी’ के जयकारों से देवी मंदिरों के पट खुले। नाथ नगरी में मां जगदंबे की आराधना को भक्तों की लंबी कतार देर रात तक लगी रही। घरों में कलश स्थापना कर मां का आह्नान हुआ। भोर से शुरू मां के पूजन व दर्शन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। साथ ही आराधना के इस पुण्य अवसर पर धार्मिक समितियों ने भी विविध आयोजन किए।
नवरात्र के पहले दिन शहर के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का हुजूम उमड़ने लगा। मां के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें भोर से ही मंदिरों के बाहर लगनी शुरू हो गई थीं। सूर्योदय से लेकर दोपहर तक प्रतिपदा तिथि के शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना का मान था। सुबह परंपरानुसार चैत्र वासंतिक नवरात्र के मौके पर घरों में मां की प्रतिमा और कलश स्थापना विधि विधान के साथ संपन्न कराई गई। शाम को घरों और मंदिरों में कीर्तन-भजन हुए।
सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर, बदायूं रोड स्थित चौरासी घंटा मंदिर, कालीबाड़ी के काली मंदिर, जनकपुरी स्थित श्री हरमिलाप शिव शक्ति मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। भक्तों की लंबी कतार लगनेे से मंदिरों के बाहर जाम की स्थिति बनी रही।
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‘मेरी मइया के नौ दिन बहार के’
जिला ब्राह्मण सभा की ओर से रघुनाथ मंदिर में कलश स्थापना के बाद महिला मंडली ने ‘तुम्हीं हो दयामयी दया करने वाली’, ‘चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है’, ‘मेरी मइया के नौ दिन बहार के..’ आदि भजन गाए। फिर तिथि पत्रिका का विमोचन हुआ। दूसरी ओर कैंट के बंगला नंबर 41 में महिलाओं ने सामूहिक रूप से देवी कीर्तन दरबार का आयोजन किया। यहां भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष इंदु सेठी, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की पत्नी सौभाग्यवती गंगवार समेत राखी माहेश्वरी, गीता सिंह, मंजू भंडारी आदि मौजूद रहीं।
अखंड ज्योत जलाकर हुई घट स्थापना
सुभाषनगर की अवधपुरी कॉलोनी स्थित श्री हरे राम नवदुर्गा मंदिर में प्रथमा पर मां शैलपुत्री का पूजन, घट स्थापना और अखंड ज्योति जताई गई। फिर महिला प्रकोष्ठ की महिलाओं ने देवी छंद और गीत सुनाकर माहौल को भक्तिमय बनाया। देवी छंद का शुभारंभ ममता शर्मा ने गणेश वंदना और काजल सक्सेना ने सरस्वती वंदना से किया। परिसर‘दुर्गा भवानी की जय, महारानी की जय’ के जयकारों से गूंजता रहा।
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नवरात्र के पहले दिन शहर के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का हुजूम उमड़ने लगा। मां के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें भोर से ही मंदिरों के बाहर लगनी शुरू हो गई थीं। सूर्योदय से लेकर दोपहर तक प्रतिपदा तिथि के शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना का मान था। सुबह परंपरानुसार चैत्र वासंतिक नवरात्र के मौके पर घरों में मां की प्रतिमा और कलश स्थापना विधि विधान के साथ संपन्न कराई गई। शाम को घरों और मंदिरों में कीर्तन-भजन हुए।
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सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर, बदायूं रोड स्थित चौरासी घंटा मंदिर, कालीबाड़ी के काली मंदिर, जनकपुरी स्थित श्री हरमिलाप शिव शक्ति मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। भक्तों की लंबी कतार लगनेे से मंदिरों के बाहर जाम की स्थिति बनी रही।
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‘मेरी मइया के नौ दिन बहार के’
जिला ब्राह्मण सभा की ओर से रघुनाथ मंदिर में कलश स्थापना के बाद महिला मंडली ने ‘तुम्हीं हो दयामयी दया करने वाली’, ‘चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है’, ‘मेरी मइया के नौ दिन बहार के..’ आदि भजन गाए। फिर तिथि पत्रिका का विमोचन हुआ। दूसरी ओर कैंट के बंगला नंबर 41 में महिलाओं ने सामूहिक रूप से देवी कीर्तन दरबार का आयोजन किया। यहां भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष इंदु सेठी, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की पत्नी सौभाग्यवती गंगवार समेत राखी माहेश्वरी, गीता सिंह, मंजू भंडारी आदि मौजूद रहीं।
अखंड ज्योत जलाकर हुई घट स्थापना
सुभाषनगर की अवधपुरी कॉलोनी स्थित श्री हरे राम नवदुर्गा मंदिर में प्रथमा पर मां शैलपुत्री का पूजन, घट स्थापना और अखंड ज्योति जताई गई। फिर महिला प्रकोष्ठ की महिलाओं ने देवी छंद और गीत सुनाकर माहौल को भक्तिमय बनाया। देवी छंद का शुभारंभ ममता शर्मा ने गणेश वंदना और काजल सक्सेना ने सरस्वती वंदना से किया। परिसर‘दुर्गा भवानी की जय, महारानी की जय’ के जयकारों से गूंजता रहा।