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अब सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पढ़ाएंगे गुरुजी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:46 AM IST
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में अब कक्षाएं गुरुजी की मनमर्जी से नहीं बल्कि शैक्षिक कैलेंडर के हिसाब से ही चलेंगी। शिक्षकों को तय समय पर कक्षा में आकर पढ़ाना होगा। वह क्लास बंक नहीं मार पाएंगे। कॉलेज में बिना आए फर्जी हाजिरी भी नहीं लगा पाएंगे। शासन ने इस बार पढ़ाई को पटरी पर लाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। इस बार कॉलेजों में कक्षाओं का संचालन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा। शिक्षक और छात्र प्रतिदिन कॉलेज आएं इसके लिए बायामेट्रिक सिस्टम से हाजिरी लगेगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। इस बार परीक्षा केंद्र भी उन्हीं कॉॅलेजों को बनाया जाएगा जहां कक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में संचालित हुई होंगी। उप मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री डॉ. दिनेश शर्मा इस बाबत आदेश भी जारी कर चुके हैं। पढ़ाई के मामले में राजकीय और अनुदानित कॉलेजों का स्तर काफी खराब रहता है। शिक्षक कॉलेज ही नहीं आते और आते भी हैं वो कक्षाओं में जाने के बजाए कार्यालय में बैठकर गप मारते नजर आते हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में शिक्षक न होने के कारण वहां कक्षाएं ही नहीं लगतीं। सीसीटीवी कैमरे सभी कॉलेजों में लगे होने पर इस तरह का फर्जीवाड़ा काफी हद तक रुक जाएगा। हालांकि अनुदानित और राजकीय कॉलेजों में इसे अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रों और शिक्षकों की हाजिरी भी बायोमेट्रिक से लगेगी ताकि 75 फीसदी से ज्यादा उपस्थिति रहे और छात्रों को क्वालिटी एजूकेशन मिल सके।
जुलाई में कॉलेज खुल रहे हैं। शासन ने सभी कॉलेजों में कक्षा संचालन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं। छात्रों और शिक्षकों की हाजिरी भी बायोमेट्रिक से लगेगी। स्कूल खुलते ही निरीक्षण में इन चीजों को देखा जाएगा। - अचल कुमार मिश्रा, डीआईओएस
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15 जुलाई तक होंगे दाखिले
यूपी बोर्ड के कॉलेजों में 15 जुलाई तक प्रवेश होंगे। शासन ने प्रवेश लेने की तिथि 15 मई से बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी है। विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि 15 जुलाई तक सभी कक्षाओं में हर हाल में प्रवेश पूरे कर लिए जाएं। इसके बाद प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए यह कदम उठाए गए हैं। इस बार परीक्षा केंद्र भी उन्हीं कॉॅलेजों को बनाया जाएगा जहां कक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में संचालित हुई होंगी। उप मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री डॉ. दिनेश शर्मा इस बाबत आदेश भी जारी कर चुके हैं। पढ़ाई के मामले में राजकीय और अनुदानित कॉलेजों का स्तर काफी खराब रहता है। शिक्षक कॉलेज ही नहीं आते और आते भी हैं वो कक्षाओं में जाने के बजाए कार्यालय में बैठकर गप मारते नजर आते हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में शिक्षक न होने के कारण वहां कक्षाएं ही नहीं लगतीं। सीसीटीवी कैमरे सभी कॉलेजों में लगे होने पर इस तरह का फर्जीवाड़ा काफी हद तक रुक जाएगा। हालांकि अनुदानित और राजकीय कॉलेजों में इसे अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रों और शिक्षकों की हाजिरी भी बायोमेट्रिक से लगेगी ताकि 75 फीसदी से ज्यादा उपस्थिति रहे और छात्रों को क्वालिटी एजूकेशन मिल सके।
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जुलाई में कॉलेज खुल रहे हैं। शासन ने सभी कॉलेजों में कक्षा संचालन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराने के निर्देश दिए हैं। छात्रों और शिक्षकों की हाजिरी भी बायोमेट्रिक से लगेगी। स्कूल खुलते ही निरीक्षण में इन चीजों को देखा जाएगा। - अचल कुमार मिश्रा, डीआईओएस
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15 जुलाई तक होंगे दाखिले
यूपी बोर्ड के कॉलेजों में 15 जुलाई तक प्रवेश होंगे। शासन ने प्रवेश लेने की तिथि 15 मई से बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी है। विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि 15 जुलाई तक सभी कक्षाओं में हर हाल में प्रवेश पूरे कर लिए जाएं। इसके बाद प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।