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मलूकपुर की पहचान... कच्ची गलियां, चोक नाले

Tue, 05 Mar 2019 12:19 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Tue, 05 Mar 2019 12:19 AM IST
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मलूकपुर की पहचान... कच्ची गलियां, चोक नाले
बरेली। शहर के सबसे पुराने वार्डों में से एक मलूकपुर घनी आबादी का इलाका है। वार्ड की अधिकांश गलियों में सड़कें जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं। नगर निगम से इन गलियों को पक्का नहीं कराया जा रहा है। छोटी बड़ी सात गलियों में सीवर लाइन तो बमुश्किल पांच साल बाद पड़ गईं, लेकिन गलियां अब भी कच्ची ही हैं। नगर निगम ने वार्ड में 32 लाख की लागत से हाल ही में एक नाला बनवाया गया। लेकिन इसका ढाल सही न होने के कारण पानी निकासी नहीं हो पा रही है। जिससे यहां जलभराव की समस्या बनी रहती है। बरसात में तो ये नाला लोगों को और दुखी करेगा।
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मलूकपुर पुलिस चौकी वाला चमन मठिया मार्ग खस्ताहाल है। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। डलाव वाली मठिया में भी सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। मलूकपुर बजरिया में जलभराव की समस्या लंबे समय से दूर नहीं हुई है। बारिश में जलभराव से यह इलाका परेशान रहता है। वार्ड में डेयरियों की भरमार है। इनमें पलने वाली भैंसों का गोबर नाले नालियों में बहता है। इससे नाले नालियां चोक हो जाते हैं। यूं तो नगर निगम ने सफाई व्यवस्था के लिए 32 सफाई कर्मचारी लगा रखे हैं, लेकिन इनमें रोजाना तमाम गायब रहते हैं। इससे नियमित सफाई और कूड़े का उठान नहीं हो पाता। नगर निगम ने एक करोड़ रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण स्वीकृत किए हैं, लेकिन इनमें काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
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क्या कहते हैं बाशिंदे 
‘सबसे बड़ी समस्या जलभराव की है। वार्ड का अधिकांश हिस्सा ऊपर नीचे बसा है। पानी निकासी के ठीक इंतजाम नहीं है। बारिश में स्थिति खराब हो जाती है। सफाई और पानी निकासी पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।’
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- धीरज वैश्य, स्थानीय नागरिक
‘डलाव वाली मठिया से चमन मठिया होते हुए जो नाला बनवाया गया है, वह चोक रहता है। डलाव पर कूड़ाघर बना है, उसमें कूड़े का नियमित उठान नहीं होता है। सीवर के ढक्कन ऊंचे बने हैं। दोपहिया वाहनों से इनमें दुघर्टना का खतरा रहता है।’

- राजू टाल वाले, डलाव वाली मठिया
‘हमने एक करोड़ रुपये गलियों के निर्माण के लिए स्वीकृत करा दिए हैं, मगर अभी यह काम शुरू नहीं हो पाए हैं। हाल ही में 32 लाख से नाला बनाया गया है। गलियां पक्की हो जाएं तो वार्ड की अधिकांश समस्याएं दूर हो जाएंगी।’
- राजकुमार गुप्ता, पार्षद मलूकपुर
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