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न्यूनतम धनराशि के नाम पर बैंक लगा रहे चूना
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 04 Jul 2018 05:10 PM IST
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खातों में न्यूनतम धनराशि बनाए रखने के नाम पर बैंक हर माह ग्राहकों को तगड़ा चूना लगा रहे हैं। इससे सबसे ज्यादा नुकसान आर्थिक तौर से कमजोर खाताधारकों को झेलना पड़ रहा है। इससे बचाव के लिए आरबीआई के आदेश पर बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट एकाउंट (बीएसबीडीए) के लिए मेसेज भेजे जा रहे हैं। हालांकि लोगों में जागरूकता न होने और अपने फायदे के कारण बैंकें इन खातों को खोलने में दिलचस्पी नहीं लेतीं।
सरकारी बैंकों ने खातों में एक हजार से लेकर दो हजार रुपये तक न्यूनतम धनराशि की समय सीमा तय कर रखी है, जबकि प्राइवेट बैंकों की यह लिमिट दस हजार रुपये है। खाते में इतनी धनराशि न होने पर बैंक 190 से लेकर 500 रुपये तक हर तिमाही काट लेती हैं। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा आर्थिक तौर से कमजोर लोगों को भुगतान पड़ता है। कम जमा और खाते से कई बार ज्यादा निकासी होने पर वह अपने खातों में न्यूनतम धनराशि मेनटेन नहीं कर पाते। ऐसे लोगों को बैंक मोटी चपत लगा देती है। अशिक्षित या कम पढ़े लिखे लोग तो ये जान भी नहीं पाते कि उनके खाते से इस ढंग की कोई कटौती भी की जा रही है। अगर किसी को जानकारी हो भी जाए तो नियमों के मकड़जाल में ग्राहक फंसकर चक्कर खा जाता है। ऐसे कस्टमर के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आदेश भेजे जा रहे हैं कि अपने सेविंग एकाउंट बीएसबीडीए में बदल लें। इन खातों में न्यूनतम धनराशि रखने की कोई बाध्यता नहीं है। ऐसे में बैंक इसके नाम पर कटौती भी नहीं कर सकेंगे।
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सरकारी बैंकों ने खातों में एक हजार से लेकर दो हजार रुपये तक न्यूनतम धनराशि की समय सीमा तय कर रखी है, जबकि प्राइवेट बैंकों की यह लिमिट दस हजार रुपये है। खाते में इतनी धनराशि न होने पर बैंक 190 से लेकर 500 रुपये तक हर तिमाही काट लेती हैं। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा आर्थिक तौर से कमजोर लोगों को भुगतान पड़ता है। कम जमा और खाते से कई बार ज्यादा निकासी होने पर वह अपने खातों में न्यूनतम धनराशि मेनटेन नहीं कर पाते। ऐसे लोगों को बैंक मोटी चपत लगा देती है। अशिक्षित या कम पढ़े लिखे लोग तो ये जान भी नहीं पाते कि उनके खाते से इस ढंग की कोई कटौती भी की जा रही है। अगर किसी को जानकारी हो भी जाए तो नियमों के मकड़जाल में ग्राहक फंसकर चक्कर खा जाता है। ऐसे कस्टमर के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आदेश भेजे जा रहे हैं कि अपने सेविंग एकाउंट बीएसबीडीए में बदल लें। इन खातों में न्यूनतम धनराशि रखने की कोई बाध्यता नहीं है। ऐसे में बैंक इसके नाम पर कटौती भी नहीं कर सकेंगे।
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