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डीआरडीए परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश गए
Updated Sun, 02 Jul 2017 01:28 AM IST
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बरेली।
डीआरडीए परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र का लखनऊ में उपायुक्त ग्राम्य विकास पद पर तबादला कर दिया गया है। वह बरेली में साढ़े तीन साल से तैनात थे। देर शाम उन्होंने अपना चार्ज भी छोड़ दिया। डीआरडीए कर्मचारियों ने उनको विदाई पार्टी दी। हालांकि विदाई पार्टी में ढोल बजाने को लेकर स्टेनों और अन्य कर्मचारियों के बीच विवाद भी हो गया। लखीमपुर खीरी में कार्यरत वर्तमान परियोजना निदेशक वीरेंद्र सिंह यादव को इसी पद पर बरेली भेजा गया है। वह अगले हफ्ते ज्वाइन करेंगे।
साहित्य प्रकाश मिश्र की डीआरडीए परियोजन निदेशक पद पर 22 अक्टूबर 2013 में कार्यभार संभाला था। मनरेगा में घपले को लेकर शासन से स्पष्टीकरण तलब होने, विधायक निधि के काम प्रतापगढ़ के एनजीओ को देने, उसमें वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने, इंदिरा आवास और लोहिया आवास अपात्रों को आवंटन करने के मामलों में वह चर्चित रहे। डीआरडीए में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई मामलों की जांच सीडीओ सत्येंद्र कुमार खुद कर रहे हैं। शासन की फेरबदल की नीति के चलते नवाबगंज की खंड विकास अधिकारी सुधा आर्या, बहेड़ी और दमखोदा के खंड विकास अधिकारी एके सक्सेना और मझगवां और रामनगर के बीडीओ भीमजी उपाध्याय का तबादला भी गैर जनपद कर दिया गया है। इनके स्थान पर अभी किसी की तैनाती नहीं की गई है। 15 ब्लाकों में मात्र नौ खंड विकास अधिकारी थे। तीन का तबादला हो जाने के बाद छह खंड विकास अधिकारी बचे हैं। बीडीओ के अधिकांश पद खाली होने से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के काम प्रभावित होना तय माना जा रहा है।
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डीआरडीए परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र का लखनऊ में उपायुक्त ग्राम्य विकास पद पर तबादला कर दिया गया है। वह बरेली में साढ़े तीन साल से तैनात थे। देर शाम उन्होंने अपना चार्ज भी छोड़ दिया। डीआरडीए कर्मचारियों ने उनको विदाई पार्टी दी। हालांकि विदाई पार्टी में ढोल बजाने को लेकर स्टेनों और अन्य कर्मचारियों के बीच विवाद भी हो गया। लखीमपुर खीरी में कार्यरत वर्तमान परियोजना निदेशक वीरेंद्र सिंह यादव को इसी पद पर बरेली भेजा गया है। वह अगले हफ्ते ज्वाइन करेंगे।
साहित्य प्रकाश मिश्र की डीआरडीए परियोजन निदेशक पद पर 22 अक्टूबर 2013 में कार्यभार संभाला था। मनरेगा में घपले को लेकर शासन से स्पष्टीकरण तलब होने, विधायक निधि के काम प्रतापगढ़ के एनजीओ को देने, उसमें वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने, इंदिरा आवास और लोहिया आवास अपात्रों को आवंटन करने के मामलों में वह चर्चित रहे। डीआरडीए में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई मामलों की जांच सीडीओ सत्येंद्र कुमार खुद कर रहे हैं। शासन की फेरबदल की नीति के चलते नवाबगंज की खंड विकास अधिकारी सुधा आर्या, बहेड़ी और दमखोदा के खंड विकास अधिकारी एके सक्सेना और मझगवां और रामनगर के बीडीओ भीमजी उपाध्याय का तबादला भी गैर जनपद कर दिया गया है। इनके स्थान पर अभी किसी की तैनाती नहीं की गई है। 15 ब्लाकों में मात्र नौ खंड विकास अधिकारी थे। तीन का तबादला हो जाने के बाद छह खंड विकास अधिकारी बचे हैं। बीडीओ के अधिकांश पद खाली होने से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के काम प्रभावित होना तय माना जा रहा है।
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