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Bareilly News: दो साल में 49 की बढ़त, 698 मेगावाट पहुंची बिजली की खपत
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बरेली। भीषण गर्मी के बीच बिजली खपत का दो वर्षों का रिकॉर्ड मई में टूट गया। मई 2024 में 649 तो मई 2025 में 671 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी। इस बार मई में अब तक 698 मेगावाट बिजली की खपत हुई है। फिलहाल, यह बढ़त सिर्फ 49 मेगावाट की है, लेकिन माह के अंत तक खपत का आंकड़ा 740 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में खपत में करीब 90 मेगावाट की वृद्धि अनुमानित है।
जिले में सुचारु विद्युत आपूर्ति के लिए 12 ट्रांसमिशन सेंटर हैं। भीषण गर्मी के साथ ही जिले में बिजली की खपत भी बढ़ती जा रही है। वजह कि इस दौरान लोग घरों में एसी, कूलर, फ्रिज, पंखे का उपयोग कर रहे हैं। फरवरी 2026 में 430 मेगावाट बिजली की खपत दर्ज की गई थी। अप्रैल में आंकड़ा 670 मेगावाट जा पहुंचा। मई में यह और भी बढ़ गया। खपत बढ़ने का असर बिजली व्यवस्था पर दिख रहा है। दिन-रात बिजली कटौती हो रही है। ट्रांसफार्मर मरम्मत, नए ट्रांसफार्मर लगाने और तार बदलने के लिए दो महीने का अभियान भी चला। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा है।
रोजाना औसतन 10 करोड़ की बिजली खर्च कर रहे शहरवासीमई के अधिकतम लोड 698 मेगावाट के मुताबिक आकलन करें तो 24 घंटे आपूर्ति की स्थिति में रोज करीब 1.67 करोड़ यूनिट बिजली खर्च हो रही है। घरेलू व व्यावसायिक दरों के औसत से गुणा करने पर रोजाना 10 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
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वर्जन
फरवरी में जहां 430 मेगावाट खपत हुई थी, वहीं मई में अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 698 मेगावाट पहुंच गया है। माह के अंत तक 740 मेगावाट तक खपत होने की संभावना है। शहरवासियों को जरूरत के मुताबिक विद्युत उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए। - पंकज शर्मा, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन
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जिले में सुचारु विद्युत आपूर्ति के लिए 12 ट्रांसमिशन सेंटर हैं। भीषण गर्मी के साथ ही जिले में बिजली की खपत भी बढ़ती जा रही है। वजह कि इस दौरान लोग घरों में एसी, कूलर, फ्रिज, पंखे का उपयोग कर रहे हैं। फरवरी 2026 में 430 मेगावाट बिजली की खपत दर्ज की गई थी। अप्रैल में आंकड़ा 670 मेगावाट जा पहुंचा। मई में यह और भी बढ़ गया। खपत बढ़ने का असर बिजली व्यवस्था पर दिख रहा है। दिन-रात बिजली कटौती हो रही है। ट्रांसफार्मर मरम्मत, नए ट्रांसफार्मर लगाने और तार बदलने के लिए दो महीने का अभियान भी चला। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा है।
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रोजाना औसतन 10 करोड़ की बिजली खर्च कर रहे शहरवासीमई के अधिकतम लोड 698 मेगावाट के मुताबिक आकलन करें तो 24 घंटे आपूर्ति की स्थिति में रोज करीब 1.67 करोड़ यूनिट बिजली खर्च हो रही है। घरेलू व व्यावसायिक दरों के औसत से गुणा करने पर रोजाना 10 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
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फरवरी में जहां 430 मेगावाट खपत हुई थी, वहीं मई में अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 698 मेगावाट पहुंच गया है। माह के अंत तक 740 मेगावाट तक खपत होने की संभावना है। शहरवासियों को जरूरत के मुताबिक विद्युत उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए। - पंकज शर्मा, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन