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45 गांव जानते ही नहीं पेंशन योजना है क्या
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 25 Apr 2018 06:49 PM IST
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सरकारी सिस्टम का हाल क्या है ये गरीब बुजुर्गों को पेंशन देने की स्कीम से जाना जा सकता है। इसे चलते भले ही 40 साल हो गए हों, लेकिन जिले के 45 गांव ऐसे हैं, जहां के लोगों को समाज कल्याण विभाग की वृद्घावस्था पेंशन योजना के बारे में पता ही नहीं है। सीडीओ के सामने जब यह मामला आया तो अफसर भी हैरान रह गए कि इन गांवों में अब तक विभाग का स्टाफ तो दूर कोई दलाल तक नहीं पहुंचा है। यह मामला सामने आया है तो यहां बुजुर्गों की पेंशन पास करने के लिए विशेष कैंप लगाने के आदेश समाज कल्याण अधिकारी को दिए गए हैं।
गरीब बेसहारा बुजुर्गों को सहारा देने के लिए समाज कल्याण विभाग हर महीने उन्हें 400 रुपये की पेंशन देता है। विभागीय अफसर कुछ भी दावा करें लेकिन जनहित के लिए करीब चालीस साल से चल रही इस स्कीम के बारे में जिले के 45 गांवों के लोग जानते ही नहीं है। यही वजह है कि इन गांवों के एक भी बुजुर्ग को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि विभाग हर साल सभी पात्र लाभार्थियों को पेंशन का फायदा दिलाने के लिए सर्वे भी करता है। इससे इस सर्वे की सच्चाई की हकीकत भी सामने आ रही है कि कर्मचारी किस तरह मौके पर जाए बगैर केवल कागज का पेट भर रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी को बुलाकर ऐसे गांवों में शिविर लगा कर पेंशन पास कराने के आदेश दे दिए हैं। यह कैंप 23 अप्रैल से शुरू हो गए हैं, जो अलग-अलग तारीख में चार मई तक चलेंगे।
ये गांव किए गए हैं चिह्नित
रतनगढ़, मांडा, बुधौली, कुंदरा मुश्तकिल, ताराखास, ब्योधन बुजुर्ग, जगनडांडी, खिरकटी, पचपेड़ा, निरंदापुर, मेवापट्टी, गोकुलपुर, अलीनगर, ऊगनपुर, चुर्ला, सेंथल पट्टी, विनायकपुर, बेहटा लालच, जिया नगला, आदलपुर, मानपुर, बलपुर, मोहम्मद ठाकुरान, बहोराखेड़ा, उनाई खालसा, अनिरुद्घपुर, अधकटा ब्राह्मन, माशिदाबाद, वीरपुरा, चांदपुर याकूबपुर, बरगवां, उतरसिया समुसिखा, लबेदी, पिपरिया वीरपुर, कमनपुर, हरहरपुर बहरुआ, गोठा खंडुआ, ककड़ा खुर्द, पाऊ नगला
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इतने लंबे समय से 45 गांवों में किसी को पेंशन न मिलना बेहद गंभीर है। इसके लिए समाज कल्याण अधिकारी को आदेशित कर दिया गया है कि इसके वे इन गांवों में कैंप लगाकर सभी पात्र बुजुर्गों की पेंशन पास करें। शिविर में ही आय सहित अन्य प्रमाणपत्र बनाने के भी इंतजाम कराए गए हैं। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
शहर विधायक की भी नहीं सुनते समाज कल्याण के अफसर
विकास भवन में हाल में दिशा के तहत हुई जनप्रतिनिधियों की मीटिंग में शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने यह मामला उठाया था कि सदर तहसील में करीब नौ सौ लोगों के आवेदन डंप हैं। इससे समाज कल्याण विभाग उनकी पेंशन नहीं पास कर पा रहा है। इसके बावजूद अब तक ऐसे पांच सौ मामलों की जांच पूरी नहीं हो सकी है। इससे बुजुर्ग पेंशन के लिए भटक रहे हैं। डॉ. अरुण कुमार का कहना था कि उनके कहने के बावजूद समाज कल्याण विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यह मामला सामने आया तो सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित की फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पेंशन के सभी मामले जल्द ही निपट जाने चाहिए। सीडीओ ने बताया कि बाकी रहे पेंशनर्स से पेंशन के लिए बाकी दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं।
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गरीब बेसहारा बुजुर्गों को सहारा देने के लिए समाज कल्याण विभाग हर महीने उन्हें 400 रुपये की पेंशन देता है। विभागीय अफसर कुछ भी दावा करें लेकिन जनहित के लिए करीब चालीस साल से चल रही इस स्कीम के बारे में जिले के 45 गांवों के लोग जानते ही नहीं है। यही वजह है कि इन गांवों के एक भी बुजुर्ग को पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि विभाग हर साल सभी पात्र लाभार्थियों को पेंशन का फायदा दिलाने के लिए सर्वे भी करता है। इससे इस सर्वे की सच्चाई की हकीकत भी सामने आ रही है कि कर्मचारी किस तरह मौके पर जाए बगैर केवल कागज का पेट भर रहे हैं। यह मामला सामने आने के बाद सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी को बुलाकर ऐसे गांवों में शिविर लगा कर पेंशन पास कराने के आदेश दे दिए हैं। यह कैंप 23 अप्रैल से शुरू हो गए हैं, जो अलग-अलग तारीख में चार मई तक चलेंगे।
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ये गांव किए गए हैं चिह्नित
रतनगढ़, मांडा, बुधौली, कुंदरा मुश्तकिल, ताराखास, ब्योधन बुजुर्ग, जगनडांडी, खिरकटी, पचपेड़ा, निरंदापुर, मेवापट्टी, गोकुलपुर, अलीनगर, ऊगनपुर, चुर्ला, सेंथल पट्टी, विनायकपुर, बेहटा लालच, जिया नगला, आदलपुर, मानपुर, बलपुर, मोहम्मद ठाकुरान, बहोराखेड़ा, उनाई खालसा, अनिरुद्घपुर, अधकटा ब्राह्मन, माशिदाबाद, वीरपुरा, चांदपुर याकूबपुर, बरगवां, उतरसिया समुसिखा, लबेदी, पिपरिया वीरपुर, कमनपुर, हरहरपुर बहरुआ, गोठा खंडुआ, ककड़ा खुर्द, पाऊ नगला
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इतने लंबे समय से 45 गांवों में किसी को पेंशन न मिलना बेहद गंभीर है। इसके लिए समाज कल्याण अधिकारी को आदेशित कर दिया गया है कि इसके वे इन गांवों में कैंप लगाकर सभी पात्र बुजुर्गों की पेंशन पास करें। शिविर में ही आय सहित अन्य प्रमाणपत्र बनाने के भी इंतजाम कराए गए हैं। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
शहर विधायक की भी नहीं सुनते समाज कल्याण के अफसर
विकास भवन में हाल में दिशा के तहत हुई जनप्रतिनिधियों की मीटिंग में शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने यह मामला उठाया था कि सदर तहसील में करीब नौ सौ लोगों के आवेदन डंप हैं। इससे समाज कल्याण विभाग उनकी पेंशन नहीं पास कर पा रहा है। इसके बावजूद अब तक ऐसे पांच सौ मामलों की जांच पूरी नहीं हो सकी है। इससे बुजुर्ग पेंशन के लिए भटक रहे हैं। डॉ. अरुण कुमार का कहना था कि उनके कहने के बावजूद समाज कल्याण विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यह मामला सामने आया तो सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित की फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पेंशन के सभी मामले जल्द ही निपट जाने चाहिए। सीडीओ ने बताया कि बाकी रहे पेंशनर्स से पेंशन के लिए बाकी दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं।