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महिला अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर नदारद, मरीजों ने किया हंगामा
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बरेली। जिला महिला अस्पताल में शनिवार को डाक्टर के न मिलने पर मरीजों और तीमारदारों ने हंगामा कर दिया। ओपीडी में सिर्फ एक ही डॉक्टर मौजूद थी। तीमारदार इकट्ठे होकर शिकायत करने सीएमएस दफ्तर पहुंचे तो वह भी मिलीं। मजबूरन मरीज बिना परामर्श के ही वापस लौट गए।
शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर न होने से मरीजों और तीमारदारों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह आठ बजे से आए मरीजों को दोपहर तक परामर्श नहीं मिल पाया। परेशान मरीज इकट्ठे होकर सीएमएस के दफ्तर गए तो जानकारी मिली कि वहा एक मीटिंग में शामिल होने डीएम कार्यालय पहुंची हुईं हैं। कांकरटोला की शबीन और तबस्सुम गर्भवती हैं। दोनों पड़ोसी महिलाएं परामर्श लेने अस्पताल पहुंची थीं। मगर डॉक्टर न होनेे से परेशान होती रहीं। सुबह आठ बजे से बैठीं महिलाएं अपने नंबर का ही इंतजार करती रहीं। जो एक डॉक्टर बैठीं भी थीं उनके पास तक पहुंचने का जब नंबर आया तब ओपीडी का समय खत्म हो चुका था। इसी तरह फतेहगंज की ऊषा, गणेश नगर की रागिनी, बिहारीपुर की नगमा और शाजिया को भी निराश होकर लौटना पड़ा। इस दौरान मरीजों और तीमारदारों ने आक्रोश व्यक्त किया।
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शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर न होने से मरीजों और तीमारदारों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह आठ बजे से आए मरीजों को दोपहर तक परामर्श नहीं मिल पाया। परेशान मरीज इकट्ठे होकर सीएमएस के दफ्तर गए तो जानकारी मिली कि वहा एक मीटिंग में शामिल होने डीएम कार्यालय पहुंची हुईं हैं। कांकरटोला की शबीन और तबस्सुम गर्भवती हैं। दोनों पड़ोसी महिलाएं परामर्श लेने अस्पताल पहुंची थीं। मगर डॉक्टर न होनेे से परेशान होती रहीं। सुबह आठ बजे से बैठीं महिलाएं अपने नंबर का ही इंतजार करती रहीं। जो एक डॉक्टर बैठीं भी थीं उनके पास तक पहुंचने का जब नंबर आया तब ओपीडी का समय खत्म हो चुका था। इसी तरह फतेहगंज की ऊषा, गणेश नगर की रागिनी, बिहारीपुर की नगमा और शाजिया को भी निराश होकर लौटना पड़ा। इस दौरान मरीजों और तीमारदारों ने आक्रोश व्यक्त किया।
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