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हत्या में तीन सगे भाईयों को उम्र कैद
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:00 AM IST
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हत्या के आरोप में तीन सगे भाइयों को उम्र कैद
बरेली। हत्या का जुर्म साबित होने पर अदालत ने तीन सगे भाइयों को उम्र कैद की सजा सुनाई । सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश कृष्ण यादव ने किया।
घटना बहेड़ी के गांव उनई की है, जिसकी रिपोर्ट शकुंतला की ओर से 10 अगस्त 2012 को दर्ज कराई गई थी। इसमें कहा गया था कि उनके पति रामदास दूध का काम करते थे। घटना वाले दिन रात को दूध लेकर बहेड़ी गए थे, लेकिन लौटे नहीं। चिंता होने पर वह अपने देवर लालाराम को साथ लेकर बहेड़ी जाने वाले रास्ते पर करीब रात के साढ़े आठ बजे उनकी तलाश में निकलीं। गांव से 300 गज आगे पहुंचते ही चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई पड़ी। पास जाकर देखा तो मोहन लाल के ईख के खेत में गांव के राजू , मिंटू और श्याम सिंह उनके पति के साथ मारपीट कर रहे थे। उन्होंने ललकारा तो आरोपियों ने उन्हें गले में अंगोछा डालकर मार दिया। उन्हें धमकी दी कि अगर बोली तो जान से मार देंगे। गांव वालों के आ जाने पर वह अपने पति को इलाज के लिए बरेली ले गईं लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जावेद अली खां ने छह गवाह पेश किए। बचाव पक्ष ने भी तीन गवाह पेश किए। अदालत ने अभियुक्त राजू, मिंटू और श्याम सिंह को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उन पर 5-5 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया।
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बरेली। हत्या का जुर्म साबित होने पर अदालत ने तीन सगे भाइयों को उम्र कैद की सजा सुनाई । सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश कृष्ण यादव ने किया।
घटना बहेड़ी के गांव उनई की है, जिसकी रिपोर्ट शकुंतला की ओर से 10 अगस्त 2012 को दर्ज कराई गई थी। इसमें कहा गया था कि उनके पति रामदास दूध का काम करते थे। घटना वाले दिन रात को दूध लेकर बहेड़ी गए थे, लेकिन लौटे नहीं। चिंता होने पर वह अपने देवर लालाराम को साथ लेकर बहेड़ी जाने वाले रास्ते पर करीब रात के साढ़े आठ बजे उनकी तलाश में निकलीं। गांव से 300 गज आगे पहुंचते ही चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई पड़ी। पास जाकर देखा तो मोहन लाल के ईख के खेत में गांव के राजू , मिंटू और श्याम सिंह उनके पति के साथ मारपीट कर रहे थे। उन्होंने ललकारा तो आरोपियों ने उन्हें गले में अंगोछा डालकर मार दिया। उन्हें धमकी दी कि अगर बोली तो जान से मार देंगे। गांव वालों के आ जाने पर वह अपने पति को इलाज के लिए बरेली ले गईं लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जावेद अली खां ने छह गवाह पेश किए। बचाव पक्ष ने भी तीन गवाह पेश किए। अदालत ने अभियुक्त राजू, मिंटू और श्याम सिंह को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। उन पर 5-5 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया।